वक्री बुध का वृषभ राशि में गोचर! जानिए क्या असर होगा आपकी राशि पर

By: Future Point | 28-May-2021
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वक्री बुध का वृषभ राशि में गोचर! जानिए क्या असर होगा आपकी राशि पर

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार बुध मिथुन व कन्या राशि का स्वामी है। बुद्ध बुद्धि, वाणी और ज्ञान का कारक है, इनकी कृपा से ही जातक विद्वान होता है, उसकी तर्क क्षमता मजबूत होती है, संचार कौशल में बेहतर होते हैं। बुध कन्या राशि में उच्च के तो मीन राशि में नीच के माने जाते हैं। सूर्य, शुक्र और राहू के साथ ये मित्रता रखते हैं तो चंद्रमा को ये अपना शत्रु मानते हैं। शनि, मंगल, बृहस्पति और केतु के साथ इनका संबंध तटस्थ है। 

ये बुद्धि, वाणी, शिक्षा, शिक्षण, गणित, तर्क, यांत्रिकी, ज्योतिष, लेखाकार, आयुर्वेद, लेखन, प्रकाशन, रंगमंच, एवं निजी व्यवसाय आदि के कारक माने जाते हैं। मातृपक्ष के सगे-संबंधियों का प्रतिनिधित्व भी बुध करते हैं। साथ ही बुध मस्तिष्क, जिह्वा, स्नायु तंत्र, कंठ-ग्रंथी, त्वचा, गर्दन आदि के भी प्रतिनिधि हैं।

बुध के नकारात्मक प्रभावों से स्मरण शक्ति का क्षय, सिर दर्द, त्वचा आदि के रोग उत्पन्न होते हैं। बुध को एक नपुंसक ग्रह माना जाता है ये उत्तर दिशा व 27 नक्षत्रों में से अश्लेषा, ज्येष्ठ और रेवती इन तीन नक्षत्रों के स्वामी भी हैं। इसलिए कुंडली में इसकी स्थिति का बहुत महत्व होता है। बुध वक्री से संबंधित कुछ मिथक हैं। 

आमतौर पर यह माना जाता है कि वक्री बुध जीवन में कठिनाई और बहुत परेशानी लाता है, लेकिन वास्तव में यह सच नहीं है क्योंकि वक्री बुध हमेशा कठिनाई और दुर्भाग्य नहीं लाता। इसके विपरीत, यह शुभ प्रभाव देने वाला होता है। यदि बुध बहुत अच्छी स्थिति में हो तो बुध वक्री उत्कृष्ट परिणाम दे सकता है। 

वृषभ राशि में बुध की वक्री गति 3 जून, 2021 को सुबह 02 बजकर 34 मिनट से शुरू होगी। यह इस राशि में 7 जुलाई, 2021 की सुबह 11 बजकर 13 मिनट तक रहेगा और उसके बाद मिथुन राशि में प्रवेश कर जाएगा।

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मेष राशि (Aries)

वक्री बुध का परिवर्तन मेष राशि से दूसरे भाव में हो रहा है। इस गोचर के दौरान आप अपनी वाणी का सही इस्तेमाल कर पाएंगे और इससे आपको कार्यक्षेत्र और निजी जीवन में सफलता मिलेगी। यह अवधि गायन, लेखन में रुचि रखने वाले जातकों के लिए उत्तम है। इस दौरान आपके आसपास के लोग आपसे प्रभावित होंगे। पैतृक संपत्ति को लेकर कुछ मतभेद परिवार वालों के साथ हो सकते हैं। आर्थिक रूप से यह गोचर आपको अच्छे परिणाम देगा।

वृषभ राशि (Taurus)

वृषभ राशि में ही बुध का परिवर्तन होने जा रहा है। इस गोचर के दौरान आपको पर्सनल और प्रोफेशनल लाइफ में लाभ मिलेगा, इस अवधि के दौरान आपका संचार कौशल प्रभावशाली होगा और आपके रिश्तों में मिठास आएगी। यदि आप किसी प्रेम संबंध में हैं तो इस दौरान आपके अंदर प्रेम और कोमलता की अधिकता देखी जाएगी। यह समय प्रेमी-प्रेमिकाओं के बीच की दूरियों को कम करेगा और यदि किसी तरह की गलतफहमी थी तो वह भी दूर हो जाएगी। विद्यार्थियों के लिए यह गोचर शुभ माना गया है।

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मिथुन राशि (Gemini)

मिथुन राशि से बुध का परिवर्तन बारहवें भाव में हो रहा है। इस गोचर के कारण व्यापारी वर्ग के लोग तनाव महसूस कर सकते हैं। आर्थिक रूप से आपकी स्थिति संतुलित रहेगी हालांकि आपके थोड़े बहुत खर्चे भी अवश्य होंगे। इस दौरान प्रॉपर्टी से संबंधित कोई मामला यदि कोर्ट कचहरी में चल रहा है तो उसका नतीजा आपके खिलाफ जा सकता है, इसलिए ऐसे मामलों में ज्यादा इंवॉल्व न हों और हो सके तो इसे आगे के लिए टाल दें। इस दौरान आपको स्वास्थ्य संबंधी कुछ परेशानियां हो सकती हैं।

कर्क राशि (Cancer)

कर्क राशि से बुध का परिवर्तन एकादश भाव में हो रहा है। यह गोचर शुभ और अनुकूल फल लेकर आएगा। यह वक्री गोचर आपके घरेलू जीवन के लिए काफी खुशहाल रहेगा, यदि घर का कोई कार्य है और उसमें आपकी सहायता चाहिए तो इस दौरान आप खुलकर घर वालों का साथ दे सकते हैं, व्यापारी वर्ग को लाभ प्राप्त होगा। पेशेवर जातकों को उनकी मेहनत का फल मिलेगा। हालांकि आपको पर्सनल और प्रोफेशनल लाइफ में संचार में सकारात्मक बदलाव लाने की आवश्यकता है। इसके अलावा, नौकरीपेशा और व्यापारियों को कई नए अवसर प्राप्त होंगे।

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सिंह राशि (Leo)

सिंह राशि से बुध का परिवर्तन दशवें भाव में हो रहा है। व्यावसायिक रूप से यह अवधि आपके लिए अनुकूल रहेगी। बुध का यह वक्री गोचर सिंह राशि वालों को भावनात्मक रूप से सक्रिय करेगा इस दौरान आपके शब्दों और विचारों में आकर्षण देखा जा सकता है। आपकी रचनात्मकता और संगठनात्मक कौशल में वृद्धि होगी और आप सभी कार्य कुशलता और उत्पादकता के साथ पूरा कर पाएंगे।  आपके कार्य क्षेत्र में आपके अधिकारी आपके सभी कार्यों में आपका साथ देने वाले हैं।

कन्या राशि (Virgo)

कन्या राशि से बुध का परिवर्तन नवम भाव में हो रहा है। यह भाव धर्म, अध्यात्म, भाग्य आदि का कारक माना जाता है। इस गोचर के दौरान आपको कड़ी मेहनत और प्रयासों के बाद ही परिणाम प्राप्त होंगे। व्यावसायिक रूप से, आपको अपनी सामाजिक स्थिति में वृद्धि के साथ नए नौकरी के प्रस्ताव और वित्तीय लाभ प्राप्त होंगे। इस अवधि के दौरान विदेश में उच्च शिक्षा की इच्छा बढ़ेगी। मीडिया, मनोरंजन और ग्लैमर फील्ड से जुड़े जातकों को इस अवधि में सफलता मिलेगी। इस गोचर के कारण, आपका झुकाव कला, लेखन और अभिनय की ओर बढ़ सकता है। आपके स्वास्थ्य जीवन पर नजर डाली जाए तो थोड़ी बहुत दिक्कतें आपको आ सकती हैं लेकिन आप अपना ढ़ंग से ध्यान रखते हैं तो इन स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों से बच सकते हैं।

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तुला राशि (Libra)

 तुला राशि से बुध का परिवर्तन अष्टम भाव में हो रहा है। इस भाव से गूढ़ विद्याओं, अचानक होने वाले लाभ, ससुराल पक्ष आदि का विचार किया जाता है। इस दौरान आपको बहुत संभलकर रहने की जरूरत है खासकर आर्थिक मामलों को लेकर क्योंकि अचानक धन हानि हो सकती है। इस राशि के जो जातक प्रेम के रिश्ते में हैं उनके जीवन में कुछ उतार-चढ़ाव इस दौरान आ सकते हैं। बुध की इस वक्री गति के दौरान इस राशि के जातक गूढ़ विद्याओं को जानने की कोशिश कर सकते हैं, आध्यात्मिक विषयों में भी आपकी रूचि बढ़ सकती है।

वृश्चिक राशि (Scorpio)

वृश्चिक राशि से वक्री बुध का परिवर्तन सप्तम भाव में हो रहा है जो कि आपके दांपत्य का घर है। इस भाव से हम जीवन में होने वाली साझेदारियों के बारे में विचार करते हैं। दांपत्य जीवन में काफी उतार-चढ़ाव आने की संभावनाएं हैं। सिंगल लोगों को कोई नया साथी मिल सकता है। व्यवसाय या किसी साझेदारी में रहने वाले जातकों के लिए लाभ का समय है। नया व्यापार या साझेदारी शुरू करने के लिए यह समय अनुकूल है।

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धनु राशि (Sagittarius)

धनु राशि से बुध का परिवर्तन छठे भाव में हो रहा है। इस गोचर के दौरान व्यापारी वर्ग को अपने व्यापार के विस्तार की योजनाओं पर ध्यान देने की जरूरत है। नौकरीपेशा जातक अच्छा प्रदर्शन करेंगे और लाभ प्राप्त करेंगे। आप अपने हर कार्य में इस दौरान सतर्क रहें। खर्चे बढ़ सकते हैं इसलिए अच्छा बजट प्लान करके चलें और सोच-समझकर पैसा खर्च करें। इस दौरान आपका साहस और पराक्रम विरोधियों पर आपको विजय दिलाएगा।

मकर राशि (Capricorn)

मकर राशि से बुध का परिवर्तन पांचवें भाव में हो रहा है इस भाव से शिक्षा, बौद्धिक क्षमता, प्रेम संबंध और संतान का विचार किया जाता है। इस दौरान आपकी आध्यात्मिक प्रवृत्ति में इजाफा होगा, जिससे आपको लाभ मिलने की भी संभावना है। जो विद्यार्थी उच्च शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं उनको इस गोचर का लाभ मिलेगा वहीं उन जातकों के लिए भी यह समय अच्छा रहेगा, जो प्रतियोगी परीक्षाओं में भाग ले रहे हैं,

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कुंभ राशि (Aquarius)

कुंभ राशि वालों के लिए बुध का परिवर्तन चौथे भाव में हो रहा है इस भाव से माता, सुख, भूमि-भवन, वाहन आदि का विचार किया जाता है। आपकी अंतर्दृष्टि भविष्य में आपके कार्यों को सही रूप से करने में आपकी मदद कर सकती है। आपके पेशेवर जीवन पर नजर डाली जाए तो अचानक आपको लाभ होने की संभावना है, कार्यक्षेत्र में माहौल भी आपके अनुकूल रहेगा। बुध की इस वक्री गति के दौरान कार्यक्षेत्र में आप जितना अच्छा कार्य करेंगे उतना ही अच्छा फल आपको प्राप्त होगा। इस गोचर के दौरान संतान पक्ष को लेकर चिंता रहेगी। विद्यार्थियों को पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है।

मीन राशि (Pisces)

आपकी राशि से बुध तीसरे भाव में परिवर्तन कर रहा है। इस वक्री गोचर के दौरान आपकी संचार क्षमताओं में वृद्धि होगी और इससे आपको लाभ भी होगा। आपके आर्थिक पक्ष की बात की जाए तो आप कई स्रोतों से इस दौरान धन कमा सकते हैं। इस राशि के कुछ लोग छोटी दूरी की यात्राएं इस दौरान कर सकते हैं लेकिन, आप यदि बुध के वक्री गोचर के दौरान यात्राएं न करें तभी आपके लिए अच्छा रहेगा। रिश्ते में आपको पार्टनर के साथ मधुर सम्बन्ध और अधिक समझदारी दिखाने की जरूरत है।


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