जानिए लाल मूंगा और मोती रत्न साथ पहनने से क्या लाभ और नुकसान है

By: Future Point | 04-Jun-2019
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जानिए लाल मूंगा और मोती रत्न साथ पहनने से क्या लाभ और नुकसान है

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार किसी भी ग्रह के अशुभ प्रभाव को खत्म करने और शुभ ग्रहों के प्रभाव की वृद्धि के लिए नव रत्न पहनने की सलाह दी जाती है, नव रत्नों के रंग के जरिये जिस तत्व की कमी होती है, उसकी रश्मियां शरीर को मिलती हैं और व्यक्ति का आत्मविश्वास बढ़ जाता है, परन्तु कई बार ऐसा होता है कि कुछ लोग अलग- अलग ज्योतिषियों की सलाह लेते हैं और हर ज्योतिषी के बताए हुए रत्न धारण कर लेते हैं, और ऐसा करने से फायदे की जगह व्यक्ति को नुकसान होने लगता है क्यों कि प्रत्येक रत्न किसी रत्न विशेष के साथ लाभ देता है, और शत्रु ग्रहों के रत्न एक साथ पहनने पर शारीरिक, मानसिक या आर्थिक समस्याएं व्यक्ति के जीवन में होने लगती हैं, इतना ही नहीं व्यक्ति के स्वभाव और व्यवहार में भी बदलाव होने लगता है।

नवग्रहों के नव रत्‍नों में से मूंगा रत्न एवं मोती ही केवल दो ऐसे रत्‍न हैं जिन्‍हें जैविक माना गया है, मूंगा रत्न क्रूर और आक्रामक मंगल ग्रह का रत्‍न माना जाता है और वहीं मोती को मन के कारक चंद्रमा का रत्‍न माना जाता है अतः इन दोनों रत्‍नों को इनके स्‍वामी ग्रह के शुभ प्रभाव को पाने के लिए धारण किया जाता है।

मंगल के रत्न मूंगा को धारण करने पर मिलने वाले लाभ -

  • मूंगा रत्‍न को धारण करने पर व्यक्ति के आत्‍मविश्‍वास में तो वृद्धि होती ही है और इसके साथ ही समाज में व्यक्ति का मान-सम्‍मान भी बढ़ता है।
  • मंगल का रत्‍न मूंगा पहनने से धारणकर्ता साहसी और निर्भयी बनता है।
  • मूंगा रत्‍न व्‍यक्‍ति को जीवंत और उत्‍साह से परिपूर्ण रखने में मदद करता है ।
  • कई आयुर्वेदिक दवाओं में भी लाल मूंगे रत्‍न का प्रयोग किया जाता है।

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चंद्रमा का रत्न मोती को धारण करने पर होने वाले लाभ -

  • चंद्रमा मन, सुख, संतुलन और शांति का प्रतीक होता है, इस रत्‍न को धारण करने से जीवन में सकारात्‍मकता आती है।
  • मोतीरत्‍न चंचल मन को नियंत्रित करता है और मानसिक संतुलन प्रदान करता है एवं प्रजनन क्षमता का कारक भी चंद्रमा को ही माना गया है।
  • यदि व्यक्ति की कुंडली में चंद्रमा शुभ और उच्‍च स्‍थान में बैठा हो तो इससे मानसिक और भावनात्‍मक रूप से व्‍यक्‍ति को मजबूती मिलती है और वो स्‍वस्‍थ रहता है।
  • चंद्रमा का रत्‍न है मोती जो ये सब लाभ पाने में व्‍यक्‍ति की मदद करता है, अतः चंद्रमा के शुभ प्रभाव को पाने के लिए मोती धारण किया जाता है।

मूंगा रत्न एवं मोती रत्न का जोड़ शुभ है या अशुभ-

  • मंगल एक गर्म ग्रह है जब कि चंद्रमा एक शीतल ग्रह माना जाता है, परन्तु मंगल व चंद्रमा ग्रह के मध्य मैत्री संबंध होने की वजह से मंगल और चंद्रमा का रत्‍न एक साथ धारण करना शुभ माना जाता है, अतः मूंगा रत्न व मोती रत्‍न एक साथ पहना जा सकता है, एक साथ इन दोनों रत्‍नों को धारण करने पर व्यक्ति को किसी भी तरह का कोई अशुभ प्रभाव नहीं मिलता है।
  • मंगल ग्रह से प्रभावित व्यक्ति सदा अपने प्रयासों के प्रति गतिशील रहते हैं, अतः मंगल ग्रह बल, साहस, निर्णय लेने की क्षमता और दृढ़ विश्‍वास का प्रतीक है, इसलिए इस रत्‍न को धारण करने से व्‍यक्‍ति को मंगल ग्रह के शुभ प्रभाव मिलने लगते हैं।
  • यदि व्यक्ति की कुंडली में मंगल ग्रह अशुभ प्रभाव दे रहा हो तो ऐसी स्थिति में मंगल के अशुभ प्रभाव से बचने और मंगल को मजबूती प्रदान करने के लिए मूंगा रत्‍न लाभकारी सिद्ध होता है।
  • लाल मूंगा रत्न की प्रकृति गर्म होती है और मोती रत्‍न की प्रकृति शीतल होती है, मूंगा रत्न साहस और बल को बढ़ाता है जब कि चंद्रमा का रत्‍न मोती मानसिक संतुलन प्रदान करता है, इसलिए ये दोनों रत्नों को एक साथ धारण करना काफी लाभप्रद होता है।

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लाल मूंगा और मोती को एक साथ धारण करने पर इससे मिलने वाले लाभ -

  • यदि कोई व्यक्ति मूंगा रत्न और मोती रत्‍न को एक साथ धारण करते हैं तो इससे व्यक्ति को सेहत, सुख और शांति की प्राप्‍ति होती है, इसलिए बिना किसी संदेह के इन दोनों रत्‍नों को एक साथ धारण किया जा सकता हैं, ये दोनों रत्‍न एक साथ धारण करने से किसी भी तरह का नुकसान नहीं पहुंचाते हैं।
  • नव रत्‍न व्यक्ति के जीवन को सुखमय और समृद्ध बना सकते हैं इसलिए इन्‍हें अवश्य ही धारण करना चाहिए, और मोती तो ऐसा रत्‍न है जिसे कोई भी व्यक्ति धारण कर सकता है, और वैसे भी आज- कल सभी व्यक्ति तनाव व मानसिक असंतुलन से ग्रस्‍त रहते हैं, अतः ऐसी स्थिति में चंद्रमा का मोती रत्‍न व्यक्ति को संतुलन और शांति प्रदान करता है और ये मूंगा व मोती रत्‍न मिलकर व्यक्ति की मानसिक व शारीरिक पीड़ा को दूर कर सकते हैं और ये दोनों रत्‍न व्यक्ति के जीवन को सुखमय बनाने की क्षमता रखते हैं।


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