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सूर्य का मिथुन राशि में गोचर, इन 4 राशि वालों को रहना होगा सावधान

By: Future Point | 12-Jun-2021
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सूर्य का मिथुन राशि में गोचर, इन 4 राशि वालों को रहना होगा सावधान

सूर्य को जीवन शक्ति का प्रतीक माना गया है। यह मान, सम्मान और कार्यक्षेत्र में सरकारी सेवाओं में कार्यरत होने का कारक माना जाता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार यदि किसी व्यक्ति की कुंडली में सूर्य की स्थिति शुभ होती है तो ऐसे जातकों में आत्मविश्वास अधिक होता है। यह राजनीतिक जीवन में अच्छी सफलता प्राप्त करते हैं। 

इनकी गणना श्रेष्ठतम लोगों में की जाती है। क्योंकि ये अति महत्वाकांक्षी, आकर्षक व सुन्दर, स्वकार्य में दक्ष, कार्य पटु, विचार प्रधान, त्वरित और सही निर्णय लेने में दक्ष हैं। हालांकि दूसरी तरफ यदि किसी कुंडली में सूर्य की स्थिति कमजोर हो तो इससे जातक को समाज में मिलने वाले मान सम्मान में कमी, परिवार में पिता के साथ मतभेद और आँख से जुड़ी कोई समस्या उत्पन्न होने की संभावना रहती है। 

चूँकि वर्तमान में सूर्य का गोचर मिथुन राशि में होने जा रहा है, लिहाज़ा इसका प्रभाव सभी बारह राशि के जातकों पर सामान्य रूप से पड़ने वाला है। आपकी राशि से जिस भाव में सूर्य की स्थिति होगी उसके अनुसार ही आपको अच्छे और बुरे फल प्राप्त होंगें। जहाँ तक सूर्य के अशुभ प्रभावों का सवाल है तो, वैदिक ज्योतिष में बहुत से ऐसे उपाय बताए गए हैं जिसके प्रयोग से आप सूर्य के बुरे प्रभावों से बच सकते हैं।

नव ग्रहों में सूर्य को राजा की उपाधि दी गई है। सूर्य अग्नि तत्व और लाल वर्ण वाला ग्रह है। यह पूर्व दिशा का स्वामी है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार सूर्य को सिंह राशि का स्वामी माना जाता है। सूर्य को आत्मा और पिता का कारक भी माना जाता है। फ्यूचर पंचांग के अनुसार सूर्यदेव 15 जून प्रातःकाल 06:01 मिनट पर मिथुन राशि में गोचर करेंगे। और 16 जुलाई 2021 तक इसी राशि में गोचर करेंगे। सूर्य के इस गोचर का प्रभाव सभी बारह राशियों के जातकों पर होगा। आइए आपको बताते हैं कि समस्त 12 राशियों पर सूर्य के मिथुन राशि में होने वाले इस गोचर का क्या विशेष प्रभाव पड़ने वाला है।

मेष राशि (Aries)

मेष राशि से सूर्य का परिवर्तन आपके तीसरे भाव में हो रहा है। इस भाव से छोटे भाई-बहनों, पराक्रम, छोटी दूरी की यात्राओं, और संचार आदि का विचार किया जाता है। इस गोचर के दौरान आपके निर्णय लेने की क्षमता में वृद्धि होगी और आपका आत्मबल मजबूत होगा। लेकिन आपके स्वभाव में उग्रता आ सकती है जिसका विपरीत प्रभाव आपके कार्यक्षेत्र पर पड़ सकता है। इस राशि के जो जातक जॉव करते हैं या अपना व्यवसाय है उन्हें छोटी दूरी की यात्राएं करनी पड़ सकती हैं और इससे उन्हें लाभ मिलने की भी संभावना है। इस दौरान निजी स्तर पर आपकी रुचि धार्मिक क्रियाकलापों में ज्यादा होगी और आप धार्मिक अनुष्ठानों में ज्यादा वक़्त गुज़ार सकते हैं। प्रेम जीवन में मधुरता आएगी और पार्टनर के साथ ये वक़्त काफी ख़ुशनुमा व्यतीत होगा। इस दौरान आपको बच्चों की शिक्षा को लेकर चिंता रह सकती है।

उपाय:- मंदिरों में या गरीब लोगों में रविवार को गुड़ का दान करना लाभदायक सिद्ध होगा।

वृषभ राशि (Taurus)

इस गोचर के दौरान सूर्य आपकी राशि से दूसरे भाव में विराजमान होने वाले हैं। इस भाव से कुटुम्ब, धन और वाणी का विचार किया जाता है। गोचर की इस अवधि में आपकी आय के स्रोत में वृद्धि हो सकती है और इसके साथ ही साथ ज़मीन जायदाद के मामलों में भी आपको मुनाफ़ा प्राप्त हो सकता है। इस दौरान आपको किसी पर भी अत्यधिक विश्वास करने से बचना चाहिये, किसी से भी झूठा वादा न करें नहीं तो आपको हानि हो सकती है। इस राशि के जो जातक नौकरी पेशा है उन्हें उच्च अधिकारियों से सम्मान और सहयोग प्राप्त हो सकता है, जो लोग कारोबार करते हैं वह किसी समझौते या डील से अच्छा मुनाफा कमा सकते हैं।  स्वास्थ्य के दृष्टिकोण से देखें तो सूर्य का ये गोचर आपके लिए नुक़सानदेह साबित हो सकता है। परिणामस्वरूप गोचर की अवधि के दौरान अपनी सेहत का ख़ास ख्याल रखें।

उपाय:- देवी दुर्गा के "माँ गौरी" रूप की पूजा करने से शुभ परिणाम प्राप्त होंगे।

मिथुन राशि (Gemini)

मिथुन राशि वालों के लिए सूर्य का परिवर्तन आपकी ही राशि में हो रहा है, प्रथम भाव से व्यक्ति के व्यक्तित्व, स्वभाव, आत्मबल आदि का विचार किया जाता है। इस गोचर के दौरान आप बुद्धिमानी से अपने कार्यों को आगे बढ़ाने की कोशिश करेंगे। पेशेवर जीवन में आपको कोई भी काम बिना प्लानिंग और सोच विचार के नहीं करना चाहिये। इस दौरान आपको अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका मिल सकता है। इस राशि के कारोबारियों के लिए भी यह गोचर अच्छा साबित होगा। आपके स्वास्थ्य जीवन पर नजर डाली जाए तो यह समय आपके लिए अनुकूल रहेगा आपकी रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होगी।

उपाय:- कुमकुम को तांबे के पात्र में जल के साथ मिलाकर भगवान सूर्य को अर्पित करें। 

कर्क राशि (Cancer)

कर्क राशि वालों के लिए सूर्यदेव आपकी राशि से बारहवें भाव में विराजमान होंगें। द्वादश भाव से हानि, मोक्ष, विदेश संबंध आदि का विचार किया जाता है। इस दौरान आपको कुछ मामलों में जहाँ सकारात्मक लाभ प्राप्त होंगें वहीं कुछ मामलों में नकारात्मक प्रभाव भी देखने को मिल सकते हैं। इस दौरान यदि आपका कोर्ट कचहरी में कोई मामला चल रहा है तो उसमे फैसला आपके पक्ष में आ सकता है। अगर आर्थिक पक्ष की बात करें तो, गोचर की अवधि में आपको आर्थिक रूप से ख़ासा नुकसान पहुँच सकता है। लिहाजा अपने ख़र्चों पर काबू रखें और जहाँ तक संभव हो केवल जरूरत की चीजों पर ही खर्च करें। इस गोचर काल में आपको विदेशी स्रोतों में निवेश करने से लाभ प्राप्त हो सकता है।अपने खानपान की आदतों पर ध्यान रखें और ऐसा कुछ भी ना खाएं जिससे आपका स्वास्थ्य खराब हो।

उपाय:- विशेष लाभ के लिए भगवान शिव की आराधना करें और उन्हें गेहूँ अर्पित करें।

सिंह राशि (Leo)

सिंह राशि से सूर्यदेव का परिवर्तन आपके ग्यारहवें भाव में हो रहा है। इस भाव से लाभ, महत्वकांक्षा और बड़े भाई-बहनों से आपके संबंधों का विचार किया जाता है। इस राशि के जो जातक मार्केटिंग, सेल्स, लेखन, ह्यूमन रिसोर्सेज के क्षेत्र से जुड़े हैं उन्हें इस दौरान सफलता प्राप्त होगी। कार्यक्षेत्र की बात करें तो, इस दौरान आपके अधीनस्थ कर्मचारियों के साथ आपके अच्छे संबंध स्थापित हो सकते हैं। लिहाजा इसका सकारात्मक प्रभाव आपके कामकाज पर देखने को मिल सकता है। इसके अलावा इस गोचर काल में किसी सरकारी योजना से भी आपको अचानक ही लाभ प्राप्त हो सकता है। वैवाहिक जीवन में सुख शांति बरक़रार रखने के लिए जीवनसाथी के साथ मधुर संबंध बनाए रखें।

उपाय:- अनामिका अंगुली में रूबी रत्न धारण करने से शुभ परिणाम प्राप्त होंगे।

कन्या राशि (Virgo)

आपके बारहवें भाव का स्वामी ग्रह सूर्य आपके दशवें भाव में गोचर करेंगे। इस भाव से करियर, जीवन के लक्ष्यों, उच्च पद आदि के बारे में पता चलता है। इस गोचर के दौरान सूर्य दिग्बली अवस्था में होगा, जिससे आपको अपने करियर में जबरदस्त सफलता प्राप्त होगी। सूर्य का ये गोचर आपके लिए कार्यक्षेत्र और व्यापार के क्षेत्र में ख़ासा लाभदायक सिद्ध हो सकता है। इस गोचर काल में जहाँ एक तरफ आपको बिज़नेस में मुनाफ़ा होगा वहीं दूसरी तरफ कार्यक्षेत्र में भी पदोन्नति की संभावना है। कार्यक्षेत्र में आपके मान सम्मान में वृद्धि होगी और आपकी मेहनत की भी सराहना होगी।जो लोग अभी तक बेरोजगार हैं उन्हें इस गोचर के दौरान रोजगार मिल सकता है। पारिवारिक जीवन की बात करें तो, इस गोचर काल में परिवार में किसी बात को लेकर अशांति की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। दूसरी तरफ आपको माता-पिता की सेहत को लेकर भी चौकन्ना रहने की आवश्यकता होगी।

उपाय:- तुलसी के पौधों की पूजा करें और पानी डालें, क्योंकि यह आपके लिए शुभ फल लेकर आएगा।

तुला राशि (Libra)

तुला राशि से सूर्यदेव का परिवर्तन नवमें भाव में हो रहा है। इस भाव से धर्म, पिता, आध्यात्मिकता, यात्रा और भाग्य आदि का विचार किया जाता है। इस दौरान आपको आर्थिक स्तर पर बड़े फायदे मिल सकते हैं। संभव है कि इस गोचर काल में आपकी आय में भी बढ़ोतरी हो, इसके अलावा किसी अनजान स्रोत से भी लाभ की संभावना बन सकती है। सूर्य के इस गोचर के दौरान किसी लंबी यात्रा पर भी जाना हो सकता है, आर्थिक रूप से ये यात्रा आपके लिए लाभदायक साबित हो सकती है। इस समय आपका ध्यान धार्मिक और आध्यात्मिक कार्यों की तरफ ज्यादा होगा। इस दौरान इस राशि के जातकों को कोई बड़ी स्वास्थ्य समस्या नहीं होगी। हालांकि सांस लेने में यदि आपको कोई दिक्कत हो तो तुरंत अपनी डॉक्टरी जांच करवाएं।

उपाय:- सूर्य देव के नकारात्मक प्रभाव से बचने के लिए सूर्य देव को प्रातः काल तांबे के पात्र से अर्घ्य दें।

वृश्चिक राशि (Scorpio)

वृश्चिक राशि से सूर्यदेव का परिवर्तन आपके आठवें भाव में हो रहा है। इस भाव से जीवन में आने वाले परिवर्तन और अचानक होने वाले लाभ, हानि का विचार किया जाता है। सूर्य के प्रभाव से आपको कार्यक्षेत्र में उतार चढ़ाव की स्थिति का सामना करना पड़ सकता है।  कामकाज के सिलसिले में इस दौरान आपको किसी अनचाही यात्रा पर जाना पड़ सकता है, लेकिन ये यात्रा आपके लिए फलदायी रहेगी।  सूर्य का ये गोचर वृश्चिक राशि वालों के लिए स्वास्थ्य के दृष्टिकोण से प्रतिकूल साबित होने वाला है। लिहाजा इस दौरान आपको अपनी सेहत का ख़ासा ध्यान रखने की आवश्यकता है। इस गोचर अवधि के दौरान आपकी बोलचाल में परिवर्तन देखने को मिल सकता है। बहरहाल इस समय प्रयास करें कि दूसरों के साथ किसी भी प्रकार के मतभेद की स्थिति में न पड़ें।

उपाय - घर पर रुद्राभिषेक पूजा करवाएं।

धनु राशि (Sagittarius)

सातवें भाव में सूर्य के इस गोचर के दौरान धनु राशि के जातकों को मिले-जुले परिणाम प्राप्त होंगे। इस भाव से विवाह, साझेदारी, रिश्तों आदि का विचार किया जाता है। इस गोचर काल में सूर्य का प्रभाव आपके वैवाहिक जीवन के लिए ख़ासा प्रभावशाली साबित होने वाला है। अपने मन में किसी भी प्रकार का अहंकार ना पाले, अन्यथा इसका नकारात्मक प्रभाव आपकी शादीशुदा जिंदगी पर देखने को मिल सकता है। इस दौरान आपको आपके जीवनसाथी से किसी विशेष प्रकार का लाभ प्राप्त हो सकता है। कारोबारी साझेदारी में किसी वजह से परेशानी आ सकती हैं, इसलिए आपको अच्छे संबंध बनाए रखने की सलाह दी जाती है। जो लोग मैनेजमेंट और संचार से जुड़े व्यवसाय में हैं उनके करियर में वृद्धि होने की संभावना है।

उपाय:- अपनी तर्जनी अंगुली पर पुखराज रत्न धारण करना और गुरु मंत्र का जाप करना आपको शुभ फल प्रदान करेगा।

मकर राशि (Capricorn)

इस गोचर के दौरान सूर्यदेव आपकी राशि से छठे भाव में स्थित होंगें। इस भाव से प्रतिस्पर्धा, उधार, शत्रुपक्ष और बीमारियों आदि का विचार किया जाता है। इस भाव में सूर्य का गोचर आपके लिये अच्छा रहेगा है। आप अपने प्रतिद्वंदियों पर विजय प्राप्त करेंगे। आपकी प्रतिरोधक क्षमता भी कमाल की रहेगी। उन उन बीमारियों और परेशानियों से भी पार पा जाएंगे जिनसे पिछले काफी समय से आप परेशान थे। इस दौरान आपको कानूनी मामलों में भी विजय प्राप्त होगी। आप अपने प्रयासों में अधिक समर्पित रहेंगे, जिससे अचानक लाभ की प्राप्ति भी हो सकती है। कर्जों या लोन को उतारने के लिये भी यह गोचर अनुकूल है।

उपाय:- सूर्य देव के नकारात्मक प्रभावों से बचने के लिए रविवार के दिन बैल को गेहूँ एवं गुड़ खिलाएँ।

कुंभ राशि (Aquarius)

कुंभ राशि से सूर्यदेव का परिवर्तन पांचवें भाव में हो रहा है। इस भाव से आपके प्रेम, शिक्षा और बुद्धि आदि का विचार किया जाता है।  सूर्य के गोचर के प्रभाव से विशेष रूप से बच्चों की तबियत में गिरावट हो सकती है। लिहाजा इस दौरान यदि आपके परिवार में कोई बच्चा है तो उसकी सेहत का विशेष ध्यान रखें। इस राशि के जो जातक कारोबार करते हैं वह इस दौरान प्रगति करेंगे और अपने प्रतिद्वंदियो बेहतर बनने के लिए नई-नई युक्तियां लगाएंगे। यदि आप किसी के प्रेम में हैं तो संभव है कि आप दोनों के बीच किसी बात को लेकर लड़ाई-झगड़े की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। ग़ौरतलब है कि इस दौरान आपको अपने अहंकार पर काबू रखने की आवश्यकता होगी अन्यथा रिश्ते में कड़वाहट आ सकती है। यदि आप शादीशुदा हैं तो इस गोचर का लाभ विशेष रूप से आपके जीवनसाथी को मिल सकता है।

उपाय:- सूर्य देव के विपरीत प्रभावों से बचने के लिए रविवार के दिन तांबे का दान करें।

मीन राशि (Pisces)

इस गोचर के दौरान सूर्यदेव आपकी राशि से चौथे भाव में विराजमान होंगें। इस भाव से आपके सुखों, माता, भूमि-भवन आदि का विचार किया जाता है। घर या कार्यालय में नवीनीकरण के काम में आपका बहुत समय लग सकता है। इस समय आपको पारिवारिक जीवन में ख़ासा मुसीबतें झेलनी पड़ सकती हैं। परिवार में सदस्यों के बीच किसी बात को लेकर मतभेद की स्थिति उत्पन्न हो सकती है, जिससे तनाव का माहौल रहेगा। इसके साथ ही माता पिता के स्वास्थ्य को लेकर भी इस समय आप परेशान हो सकते हैं। गोचर की अवधि के दौरान आपके अहंकार में वृद्धि हो सकती है, लेकिन आप उससे बाहर निकलने में कामयाब रहेंगे। आपके निर्णय लेने की क्षमता में वृद्धि होगी और आप जीवन में आने वाली सभी परिस्थितियों के लिए खुद को सबल बना पाने में कामयाब रहेंगे।

उपाय:- सूर्य देव के नकारात्मक प्रभावों से बचने के लिए विशेष रूप से रविवार के दिन गेहूँ दान में दें।



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