मकर संक्रांति 2024 के उपाय जन्म राशि अनुसार और पुण्यकाल मुहूर्त

By: Acharya Rekha Kalpdev | 12-Jan-2024
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मकर संक्रांति 2024 के उपाय जन्म राशि अनुसार और पुण्यकाल मुहूर्त

मकर संक्रांति कृषि, प्रकृति, भौगोलिक बदलाव, सामाजिक सौहार्द, आध्यात्मिक विकास और धार्मिक आस्था का पर्व है। मकर संक्रांति पर्व सूर्य के राशि परिवर्तन से जुड़ा है, फसल पककर घर आने की वजह से किसान वर्ग से जुड़ा है। नदियों में स्नान से जुड़ा होने के कारण धार्मिक आस्था से जुड़ा है, इस दिन पतंग उत्सव आयोजित किये जाते है।

यह समाज में सौहार्द बढ़ता है, सूर्य दक्षिणायन की दिशा छोड़कर उत्तरायण गति करते है।

सूर्य के उत्तरायण के होने से यहाँ क्या अर्थ है। उत्तरायण के समय में सूर्य की गति उत्तर दिशा की और रहती है, इसके परिणामस्वरूप पृथ्वी पर दिन लम्बे और राते छोटी होनी शुरू होती है। यह अवधि 21 या 22 दिसंबर से लेकर 21 जून के मध्य रहती है। इसके विपरीत सूर्य के दक्षिणायन के काल में सूर्य दक्षिण दिशा की और बढ़ता है जिसे सूर्य का दक्षिणायन कहा जाता है। यह अवधि 21 जून से लेकर 22 दिसंबर के मध्य की होती है। सूर्य का उत्तरायण और दक्षिणायन होना, खगोल से जुडी एक घटना है।

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सूर्य 15 जनवरी 2024, मध्य रात्रि 02:43 बजकर, सोमवार को शनि की मकर राशि में प्रवेश करेंगे। सूर्य का धनु राशि से निकलकर मकर राशि में प्रवेश करना मकर राशि के नाम से जाना जाता है। इस दिन संक्रांति का पुण्य काल सुबह दिल्ली सूर्योदय 07:15 से शुरू होकर सूर्यास्त 05:46 बजे तक रहेगी। संक्रांति का कुल समय 17:46 - 07:15 = 10:31 घंटे का रहेगा। इस पुण्यकाल में स्नान, दान, और पुण्य कार्य किये जा सकते है। संक्रांति का महापुण्य काल 07:15 से लेकर 09:00 प्रात: तक रहेगा। पुण्य काल में नदियों में स्नान ग्रहण कर, दान, धर्म और मन्त्र सिद्धि के कार्य किये जा सकते है।

आलेख में दिया गया समय दिल्ली सूर्योदय को आधार मानकर दिया जा रहा है, अन्य शहरों के लिए सूर्योदय के अनुसार मुहूर्त समय को परिवर्तित करना होगा। जैसे कलकत्ता के लिए संक्रांति का शुभ पुण्य काल मुहूर्त वहां के सूर्योदय काल से लेकर सूर्यास्त काल के मध्य का रहेगा। इस दिन बनने वाले अन्य शुभ योगों में सिद्धि योग 26:17 से 31:15 तक बना हुआ है। अमृत योग 07:15 से 26:17 के मध्य का बना हुआ है।

सक्रांति के दिन क्या-क्या करना चाहिए? और कैसे करना चाहिए? विधि और नियम

  • संक्रांति के दिन सुबह सूर्योदय से पहले उठे, स्नान के जल में तिल के दाने मिलाकर स्नान करें। तिल युक्त जल से स्नान करने से तिल के शुभ तत्व शरीर के छिद्रों के माध्यम से शरीर में प्रवेश करते है और आयुर्वेदिक लाभ मिलता है।
  • रोगियों को स्वास्थ्य सुख पाने के लिए तिल का लेप लगाना चाहिए। और कुछ घंटे रुक कर स्नान करना चाहिए। इससे स्वास्थ्य में लाभ मिलता है।
  • स्नान के बाद इष्ट का दर्शन, पूजन करने के पश्चात सूर्य को अर्ध्य देना चाहिए। अर्घ्य के जल में तिल के कुछ अंश डालना चाहिए।
  • मकर संक्रांति का पर्व सूर्योपासना का पर्व है। सूर्य देव को धन्यवाद देने का दिन है। सूर्य के सम्मुख सूर्य आदित्य स्त्रोत का पाठ करना चाहिए। यह आत्मविश्वास बढ़ाता है, रोगों से लड़ने की शक्ति बढ़ती है, सरकारी क्षेत्रों का सहयोग मिलता है, पिता की आयु बढ़ती है, पिता से रिश्ते प्रगाढ़ होते है।
  • मकर संक्रांति के दिन सूर्य ग्रह और शनि ग्रह दोनों ग्रहों की वस्तुओं को दान करने पर पुण्य की प्राप्ति होती है। सूर्य की वस्तुओं में गुड, ऊनी वस्त्र है और शनि ग्रह की वस्तुओं में तिल, कम्बल है। इन सभी वस्तुओं का दान करने से जन्मपत्री में सूर्य और शनि दोनों ग्रह मजबूत होते है।
  • जन्मपत्री में सूर्य की स्थिति को बेहतर करनी हो तो इस दिन मंदिर में स्थापित सूर्य यन्त्र के सम्मुख सूर्य मंत्र ॐ घृणि सूर्याय नम: का कम से कम एक माला जाप करें। यह सूर्य को बल प्रदान करें।
  • मकर संक्रांति के दिन गुड़ और तिल का सेवन करना चाहिए। इससे शनि और सूर्य दोनों की कृपा प्राप्त होती है।
  • सूर्य के प्रभाव को सुधारने के लिए बहते जल में ताम्बे का सिक्का बहाना चाहिए।

मकर संक्रांति पर जन्म राशि अनुसार क्या उपाय करें, कि सारे साल शुभ फल प्राप्त हो - आइये जानें

मेष राशि - मेष राशि के व्यक्तियों को इस दिन कि शुभता बढ़ने के लिए तिलों का दान करना चाहिए। मेष राशि के लिए शनि दशम और एकादश भाव के स्वामी होते है और सूर्य पंचम भाव के, मकर संक्रांति का पर्व सूर्य और शनि ग्रह से जुड़ा है, इस दिन आपका तिल का दान करना आपकी कुंडली में सूर्य और शनि ग्रह को शुभता देगा।

वृषभ राशि - वृषभ राशि के लिए शनि भाग्येश और कर्मेश है, सूर्य सुखेश है। मकर संक्रांति पर्व पर दोनों ग्रहों कि शुभता वर्ष भर पाने लिए आप इस दिन तिल और गर्म वस्त्रों का दान करें। तिल शनि कि वस्तु है और गर्म वस्त्र जिसमें ऊनी वस्त्र भी हो सकते है, वह सूर्य ग्रह कि कारक वस्तु है। इन दो वस्तुओं का दान करने से आपकी कुंडली के सबसे महत्वपूर्ण दो ग्रह सूर्य और शनि शुभ होंगे।

मिथुन राशि - आपकी जन्म राशि मिथुन है, मिथुन राशि बुध कि राशि है। अपनी राशि को ध्यान में रखते हुए आप मकर संक्रांति के दिन अपने भाग्य के रास्ते खोलने के लिए और जीवन कि बाधाओं को दूर करने के लिए उड़द दाल और हरी सब्जियों को मिलाकर बनाई गई खिचड़ी का दान करें। यह पूरे वर्ष कि शुभता को बढ़ाएगा।

कर्क राशि - कर्क राशि के व्यक्तियों को मकर राशि के दिन काले कम्बल का दान करना चाहिए। काला कम्बल और तिल का दान करें। पॉजिटिव लाभ पाने के लिए मकर संक्रांति पर इन वस्तुओं का दान कर आप अपनी राशि कि शुभता प्राप्त कर सकते है।

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सिंह राशि - सिंह राशि सूर्य के स्वामित्व कि राशि है। इस पर्व का सीधा सीधा सम्बन्ध सूर्य और शनि ग्रह से है। इस दिन सूर्य अपने पुत्र शनि के घर आते है, और अपने पुत्र को आशीर्वाद देते है, इसलिए आपकी राशि को ध्यान में रखते हुए, मकर संक्रांति का पर्व बहुत बहुत खास हो जाता है। इस पर्व के माध्यम से सारा साल शनि और स्वयं आपकी राशि के स्वामी सूर्य के फल आपको अतिशुभ रूप में प्राप्त हो इसके लिए आप मकर संक्रांति पर गुड़ और तिल को मिलाकर बनाये गए लड्डूओं का दान करें। यह सूर्य और शनि दोनों ग्रहों के फलों को बेहतर करेगा।

कन्या राशि - आपकी जन्म राशि कन्या है, कन्या राशि बुध कि राशि है। शनि आपकी जन्म राशि से पंचम और षष्ठ भाव के स्वामी ग्रह है, और सूर्य द्वादश भाव के स्वामी है। सूर्य की वस्तुओं का दान करने से आपका द्वादश भाव जिसे शयनकक्ष और विदेश भाव कहा जाता है, का सुधार होगा। इस मकर संक्रांति पर आप देशी घी का दान गुड़ के साथ करें। यह सूर्य के फलों कि शुभता को बढ़ाएगा।

तुला राशि शनि आपकी जन्म से योगकारक ग्रह होते है, मतलब आपकी जन्मराशि से शनि सबसे शुभ ग्रहों में से एक होते है, अत: शनि कि शुभता आपके लिए बहुत महत्व रखती है। शनि कि शुभता को बढ़ाने के लिए शनि कि वस्तुओं को इस दिन आप ग्रहण करें, और किसी जरूरतमंद को वस्त्र का दान करें।

वृश्चिक राशि - मकर संक्रांति पर आप अपनी राशि अनुसार चावल और काली दाल कि खिचड़ी का दान करें। यह भाग्य में वृद्धि करेगा और शुभता देगा।

धनु राशि - काले और पीली चने कि दाल को मिलाकर बनाई गई खिचड़ी का दान करना शुभ रहेगा।

मकर राशि - तिल का तेल और गुड़ का दान करना इस दिन शुभ रहेगा। दोनों वस्तुओं को किसी जरूरतमंद को दान करें।

कुम्भ राशि - आपकी कुम्भ राशि है, आप अपनी जन्म राशि को ध्यान में रखते हुए मकर संक्रांति पर आप काले चने, और तिल को मिलाकर बनाई गई खिचड़ी का दान करें। यह दान आपको सारे साल शुभता देगा।

मीन राशि - मकर संक्रांति पर्व पर आप किसी तीर्थ पर जाकर स्नान करें, और काले तिल और गुड़ और चावल मिलाकर खिचड़ी का दान करें।

इस तरह उपरोक्त उपाय कर आप अपनी जन्मराशि को शुभ कर, मकर संक्रांति के पर्व पर दान धर्म कार्य कर, सारे साल को शुभ बना सकते है।


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