सिद्ध यंत्रों के विभिन्न प्रकार: कब, कौन सा यंत्र प्रयोग करें

By: Future Point | 05-Jun-2018
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सिद्ध यंत्रों के विभिन्न प्रकार: कब, कौन सा यंत्र प्रयोग करें

सिद्ध यंत्रों का पौराणिक, धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व हैं। यंत्रों के विषय में मान्यता हैं कि इनमें विशेष प्रकार की शक्तियां और सकारात्मक उर्जा निहित होती हैं। यंत्रों में बनी हुई रेखाएं इनकी शक्तियों को कई गुणा बढ़ाकर अपने साधक को प्राप्त होती हैं। यह माना जाता हैं कि देवी-देवताओं की प्रतिमा रुप में पूजन करने के स्थान पर जब इन्हें यंत्र रुप में पूजा जाता हैं तो बहुत अच्छे फल प्राप्त होते हैं।

इसके अतिरिक्त जब पूर्ण रुप से प्राण-प्रतिष्ठित यंत्र के सामने मंत्रों का उच्चारण किया जाता हैं तो यंत्रों में निहित ऊर्जा जागृत हों, साधक की मनोनूकुल कामना की पूर्ति करती हैं। यह सर्वविदित हैं कि यंत्र साधक को सीधा ईश्वर से जोड़ते हैं और ईश्वरीय ऊर्जा को साधक तक पहुंचाने का सरल साधन हैं। ईश्वर को प्रसन्न करने का यंत्र एक अचूक उपाय है। विभिन्न कार्यों और उद्देश्यों के लिए अलग-अलग यंत्रों का पूजन किया जाता हैं। यंत्रों के माध्यम से साधक सफलता, उन्नति, सुख-समृद्धि और स्वास्थ्य जैसे सभी विषयों को प्राप्त कर सकता हैं।

यहां ध्यान देने योग्य बात यह है कि यंत्रों के द्वारा ईश्वरीय शक्ति से जुड़ने के लिए यह आवश्यक हैं कि यंत्र प्राण-प्रतिष्ठित और अभिमंत्रित हों। अन्यथा इनसे इच्छा अनुसार फलों की प्राप्ति संभव नहीं। यंत्रों में एक अन्य विशेषता हैं कि यंत्रों को कार्यालय, व्यापारिक क्षेत्र और घर-परिवार किसी भी स्थान पर स्थापित कर, पूजन किया जा सकता हैं। साथ ही यंत्रों को गले में लॉकेट के रूप में भी धारण किया जा सकता हैं।

यंत्रों का पूजन-दर्शन ही साधक के जीवन की बाधाओं को दूर करता हैं। व्यक्ति विशेष के जीवन की आवश्यकताओं के अनुसार ही यंत्रों का चयन किया जाता हैं। जैसे - किसी व्यक्ति को धन और आर्थिक क्षेत्रों से संबंधित समस्याएं आ रही हों तो उसे लक्ष्मी-गणेश यंत्र, श्रीयंत्र व कुबेर यंत्र का पूजन करना चाहिए। इसी प्रकार सभी विषयों के अलग-अलग यंत्र है। आज हम आपको इस आलेख के द्वारा यह बताने जा रहे हैं कि यंत्र कितने प्रकार के हैं, और कब कौन सा यंत्र उपयोगी साबित हो सकता हैं-

व्यापार वृद्धि यंत्र

व्यापारिक क्षेत्रों में सफलता पाने में व्यापार वृद्धि यंत्र अद्भुत परिणाम देता है। व्यापार वृद्धि यंत्र का नित्य दर्शन-पूजन कर व्यापारिक विस्तार, विदेश में व्यापार की शाखाएं खोलना और तरक्की प्राप्त की जा सकती हैं। व्यापार से जुड़ी सभी समस्याओं व बाधाओं से पूर्ण रुप से मुक्ति पाने में इस यंत्र की अहम भूमिका हो सकती हैं। जो व्यक्ति इस यंत्र का प्रतिदिन प्रात: धूप, दीप और फूल से पूजन करता हैं उस व्यक्ति के लाभ दिनोंदिन बढ़ते जाते हैं और हानियों से बचाव होता हैं।

साथ ही यंत्र की शुभता से व्यापारिक कार्यों में रुचि, निर्णय क्षमता और नियोजन में भी बुद्धि पहले से अधिक काम करने लगती हैं। यही कारण है कि प्रत्येक व्यापारी को इस यंत्र को शुभ मुहूर्त में अवश्य ही स्थापित कर पूजा करनी चाहिए। व्यापारियों के लिए यह यंत्र किसी चमत्कार से कम नहीं हैं तथा बेहद उपयोगी हैं। इस यंत्र को आप घर, दुकान या बिजनेस सेंटर में पूरे विधि-विधान से स्थापित करने के बाद पूजा करें। जल्द ही अनुकूल फल प्राप्त होने लगेंगे। अत्यधिक शुभ फल प्राप्ति के लिए व्यापार वृद्धि यंत्र के सम्मुख स्फटिक माला पर निम्न मंत्र की कम से कम एक माला जाप करना चाहिए।

मंत्र - ॐ श्रीं महालक्ष्म्यै नम:

सरस्वती यंत्र

शिक्षा क्षेत्र में अध्ययनशील छात्रवर्ग को सकारात्मक फल पाने के लिए विद्या की देवी सरस्वती जी के यंत्र का दर्शन-पूजन करना चाहिए। जिन छात्रों को पढ़ाई-लिखाई के विषयों में मन न लगना, एकाग्रता की कमी, स्मरणशक्ति की कमी और बौद्धिक योग्यता की कमी जैसी परेशानियां सामने आ रही हों उन छात्रों को देवी सरस्वती का प्रतिदिन पूजन और सरस्वती मंत्र का जाप करते रहना चाहिए।

इस यंत्र के सम्मुख सरस्वती मंत्र का जाप करने से सरस्वती जी की कृपा साधक पर बनी रहती हैं। यह यंत्र अपने साधक को प्रत्येक विषय में सीखने, समझने की योग्यता देता हैं। देवी सरस्वती जी विद्या, संगीत, कला और प्रत्येक प्रकार के गायन की देवी हैं। देवी सरस्वती जी का आशीर्वाद पाने में यह यंत्र प्रभावशाली प्रयोग हैं।

मंत्र - ॐ ऐं सरस्वत्यै नम:

छात्रवर्ग इस यंत्र को गले में पहन सकता हैं अथवा चाहे तो पूजा घर या अध्ययन कक्ष में रख कर पूजा कर लाभ ले सकता हैं।

कुबेर यंत्र

घर-परिवार एवं व्यापार स्थल में धन आगमन में सुधार करना चाहते हैं तो कुबेर यंत्र का दर्शन-पूजन करना चाहिए। कुबेर देव धन के रक्षक का कार्य करते हैं। जिन व्यक्तियों पर कुबेर जी की कृपा हो जाए, उन व्यक्तियों को कभी भी आर्थिक कष्ट या धन के न रुकने जैसी समस्याएं कभी नहीं आती हैं। यह यंत्र घर और कार्यालय दोनों ही स्थानों पर स्थापित किया जा सकता हैं। कुबेर देव अपने आराधक की सभी कामनाएं पूरी करते हैं। यंत्र की शुभता से रुका हुआ वापस आने लगता हैं, तथा धन विनियोजन के नवीन मार्ग खुलने लगते हैं, धन आगमन और धन विषयों में स्थिरता देता हैं।

यंत्र - ॐ कुबेराय नम:

महालक्ष्मी यंत्र

कुबेर यंत्र के सम्मान महालक्ष्मी यंत्र भी धन, वित्तीय साधनों और आर्थिक स्थिति से संबंधित यंत्र हैं। महालक्ष्मी यंत्र के पूजन से धन की देवी माता लक्ष्मी प्रसन्न हों, जीवन को धन-धान्य से परिपूर्ण करती हैं। अपने साधक के भाग्य को प्रबल करती हैं और हर प्रकार की भौतिक सुख-सुविधा से संपन्न करती हैं। महालक्ष्मी यंत्र के साथ साथ विघ्न नाशक श्रीगणेश जी के यंत्र का भी पूजन करना चाहिए। यह शुभता को चार चांद लगाता हैं।

मंत्र - ॐ महालक्ष्म्यै नम:

महामृत्युंजय यंत्र

स्वास्थ्य, आरोग्य, रोग निवारण और आयु वृद्धि के लिए महामृत्युंजय यंत्र की पूजा-उपासना की जाती हैं। महामृत्युंजय यंत्र की पूजा साधक को गंभीर से गंभीर रोगों से मुक्ति दिलाती हैं। इस यंत्र के सामने भगवान शिव के मंत्रों का जाप अकाल मृत्यु को टालता है और हर प्रकार के कष्ट फिर वो चाहे शारीरिक हों या मानसिक सभी से राहत देता हैं। इस यंत्र को धारण भी किया जा सकता हैं और स्थिर रूप में इसका नित्य दर्शन पूजन भी किया जा सकता हैं। महामृत्युंजय यंत्र कवच का कार्य करता हैं तथा समस्त रोगों से बचाव भी करता हैं।


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