लाल किताब उपाय द्वारा बन सकते हैं आपकी कुंडली में राजयोग
By : Future Point
Expert Review : Dr. Arun Bansal, Vedic Astrologer | 45+ Years Experience
Published : 03-Mar-2018
भारतीय ज्योतिष ग्रन्थों में उपस्थित लाल किताब एक प्रत्यक्ष अखंड विद्या है जो उपायों के द्वारा हर समस्या का समाधान अपने अंदर समेटे हुये विराजमान व विख्यात है। वर्तमान समय में लाल किताब उद्गमन धीरे-धीरे आगे बढ़ते हुये पुनः अपने एक सौन्दर्य ज्ञान को प्रकाशित कर रही है सदैव लाल किताब के उपाय जनकल्याण व मानवकल्याण के लिये फल दायी माने गये है। लाल किताब के उपाय अपने आप में एक राम बाण की तरह फल दायी है। अखंड लाल किताब शास्त्र में राज योग की बड़ी चर्चा चलती रही है की जिस जातक की कुंडली में राज योग हो वो व्यक्ति निसन्देह एक बहुत बड़ा अमीर आदमी बनता है।
लाल किताब ज्योतिष बताती है की यदि किसी भी जातक की जन्मकुंडली के चौथे घर में गुरु और चंद्र ग्रह का योग बनता है तो उस व्यक्ति का जीवन काल राजाओं की तरह व्यतीत होता है कोई भी कार्य को सोचने से पूर्व स्वतः ही उस कार्य का मार्ग खुल जाता है और समय के अनुसार कार्य पहले ही पूर्ण हो जाता है। यानि यह माने की ऐसे जातकों के अंदर भगवान स्वतः ही विराजमान हो।
लाल किताब के अनुसार कुंडली में नौवें और दशवें भाव का बहुत बड़ा महत्व है। नौवां भाव भाग्य का और दशवाँ कर्म का भाव माना जाता है। कोई भी व्यक्ति इन दोनों घरों की वजह से ही जीवन में सुख और समृधि प्राप्त करता है। कर्म से ही भाग्य का निर्माण होता है और अच्छा भाग्य,हमेशा व्यक्ति से अच्छा ही कार्य करवाता है। अगर जन्म कुंडली के लग्न,नौवें या दशवें घर में सूर्य और गुरु ग्रह मौजूद रहते हैं तो उन परिस्थितियों में राजयोग का निर्माण होता है। राज योग एक ऐसा योग होता है जो प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रूप में राजा के समान सुख प्रदान करता है। इस योग को प्राप्त करने वाला व्यक्ति सभी प्रकार की सुख-सुविधाओं को प्राप्त करने वाला होता है। लाल किताब ज्योतिष के अनुसार दुनिया में जिन व्यक्तियों की कुण्डली में राजयोग होता है वे उच्च स्तरीय राजनेता, मंत्री, किसी राजनीतिक दल के प्रमुख या कला और व्यवसाय में खूब मान-सम्मान प्राप्त करते हैं।
राजयोग का आंकलन करने के लिए लाल किताब जन्म कुंडली में लग्न (प्रथम भाव) को मूलआधार बनाया जाता है। कुंडली के लग्न में सही ग्रह मौजूद होते हैं तो राजयोग का निर्माण होता है। जिन व्यक्तियोयों की कुंडली में राजयोग रहता है उन व्यक्ति को हर प्रकार की सुख-सुविधा और अथाह धन की वर्षा सदैव बनी रहती है तथा लाभ प्राप्ति जैसे योग बने रहते हैं। लाल किताब के द्वारा आपकी जन्मकुंडली में यदि राजयोग जैसे लक्षण न दिखाई दे रहा हो तो तब भी आप लाल किताब उपायों द्वारा राज योग जैसे सुख को पूर्ण रूप से प्राप्त कर सकतें हैं।
लाल किताब उपाय
43 दिन लगातार दो मुट्ठी सौंप घास वाली वीरान जमीन पर दबायें ऐसा करने से आपके जीवन में भी राजयोग जैसे लक्षण दिखने प्रारम्भ हो जायेंगे। और हर मार्ग से सम्पन्न रहेंगे।