ज्योतिष की राय: यह कैसे पता करें कि आपकी नौकरी छोड़ने का समय कब है?

By: Future Point | 16-Jan-2019
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ज्योतिष की राय: यह कैसे पता करें कि आपकी नौकरी छोड़ने का समय कब है?

जीवन की प्रत्येक गतिविधि कर्म से जुड़ी होती है। प्रत्येक व्यक्ति जीवन में कभी ना कभी नौकरी करता है। आज के समय में नौकरी पेशा व्यक्तियों को अनेक परेशानियों का सामना करना पड़ता है। नौकरी पेशा व्यक्तियों में शायद ही ऐसा कोई व्यक्ति है जो नौकरी कर रहा है और नौकरी में बदलाव नहीं चाहता है। नौकरी जीवन की मूलभूत दायित्वों को पूरा करने का प्रयाय है। सभी कुछ भाग्य के फलस्वरुप प्राप्त नहीं हो सकता। मेहनत, पुरुषार्थ और नौकरी किए बिना किसी का जीवन यापन संभव नहीं है। कुछ लोग व्यापारिक गतिविधियों से जीवन यापन करते है, इनका कुल प्रतिशत बहुत कम है।

नौकरी छोड़ने या बदलने की स्थिति क्यों बनती है। कभी अच्छे वेतन, कभी पदोन्नति और कभी बेहतर जाब प्रोफाईल की तलाश में नौकरी की तलाश का कार्य शुरु होता है। बदलाव जीवन का महत्वपूर्ण अंग है। मौसम और जीवन में नित्य कोई ना कोई बदलाव आता रहता है। जीवन में कुछ भी स्थिर नहीं है। बदलाव जीवन में आगे बढ़ने की निशानी है। आज हम कुंडली से बताने जा रहे हैं कि नौकरी छोड़ने के लिए कौन सा समय सबसे उपयुक्त रहता है अर्थात नौकरी में बद्लाव करने के लिए कौन सा समय सबसे सही रहेगा। कुंडली में बनने वाले निम्न योग यह संकेत देते हैं कि आने वाले समय में नौकरी छोड़ने की स्थिति बन सकती है या नौकरी में बदलाव निम्न समय में करना अनुकूल रहेगा-

नौकरी के संबंधित भाव


दशम भाव नौकरी का भाव या कर्म का भाव है। आय के लिए एकादश भाव का विचार किया जाता है। नौकरी में बदलाव के लिए तीसरा भाव, पांचवा भाव, नवम और अष्टम भाव का विश्लेषण करना चाहिए। नौकरी में तरक्की के साथ बदलाव करने के लिए द्वितीय भाव और एकादश भाव के साथ साथ नौकरी में बदलाव के अन्य भावों से संबंध देखा जाता है। जीवन में हम जब भी बादलाव का सोचते है तो सबसे पहले चतुर्थ भाव प्रभावित होता है। चतुर्थ भाव सुख का भाव है, इस भाव पर किसी भी तरह का अशुभ प्रभाव, सुख-शांति में कमी कर बदलाव का कारण बनता है।

अनेक कुंड्लियों में यह देखा गया है कि जिन व्यक्तियों का चतुर्थ भाव अशुभ ग्रहों के प्रभाव में हों ऐसे व्यक्तियों के जीवन में बार बार बदलाव होते हैं, ऐसा व्यक्ति नौकरी में बार बार चेंज चाहता है, और ऐसे व्यक्ति को प्राय: नौकरी के लिए घर से दूर जाकर भी काम करना पड़्ता है। दूर स्थानों पर नौकरी करने वाले व्यक्तियों का नौकरी में बद्लाव के समय बारहवां भाव सक्रिय होता है।

आय वॄद्धि के साथ नौकरी में बदलाव


बेहतर आय की तलाश में नौकरी में बदलाव करने वाले व्यक्तियों की कुंडली में बदलाव के अन्य योगों के साथ साथ आय भाव भी सक्रिय हो रहा होता है। जैसे- लग्नेश का आय भाव पर गोचर हो रहा हो तो व्यक्ति महत्वाकांक्षी होकर, एक बेहतर आय के लिए नौकरी में बदलाव का सोचता है। प्रश्न कुंडली की यदि हम यहाम बात करें तो लग्न में चर राशि का उदित होना, शीघ्र बदलाव का संकेत देता है। यदि नौकरी से संबंधीत प्रश्न कुंड्ली में लग्नेश कमजोर हो और अस्त हो तो ऐसे व्यक्ति की जल्द ही नौकरी छूट जाती है।

दशमेश का गोचर


जैसा की सर्वविदित है कि दशम भाव से कर्म भाव का विचार किया जाता है। इसलिए दशम भाव के स्वामी की गोचर में स्थिति को देखते हुए नौकरी में बदलाव का समय जाना जा सकता है। दशमेश का तीसरे भाव पर गोचर होने की अवधि में व्यक्ति को आसानी से दूसरी नौकरी मिल सकती है। दशमेश का पांचवें भाव पर गोचर हो तो इस अवधि में भी नौकरी बदलाव के कार्यों में सफलता मिलती है। दशमेश का अष्टम भाव पर गोचर हो रहा हो तो व्यक्ति असहजता, असुविधा और आरोपों के चलते परेशान होकर नौकरी छोड़ता हैं। दशमेश का आठवें भाव पर गोचर हो रहा हो तो व्यक्ति का नौकरी से निष्कासन की स्थिति भी बनती है।

नौकरी में बदलाव के प्रश्न का प्रश्न कुंड्ली से करने पर चतुर्थ भाव पर अशुभता होने पर जातक को संतुष्टि और संतोष की कमी रहती है। संतुष्टि की स्थिति में कोई व्यक्ति नौकरी में बदलाव का नहीं सोचता है। नौकरी में बदलाव के लिए दशमेश का गोचर नवम भाव या फिर बारहवें भाव पर भी देखा जाता है। इस अवधि विशेष में भी आसानी से नई नौकरी की प्राप्ति संभव है।

नौकरी में बदलाव की दशाएं


उपरोक्त जिन भावों पर दशमेश का गोचर नौकरी में बदलाव को सहज बनाता है, इन भावों से संबंधित भावेशों की दशाओं में नौकरी बद्लने का कार्य पूरा किया जा सकता है। प्रश्न कुंडली यह कहती है कि यदि कोई व्यक्ति वक्री ग्रहों की दशा अवधि में नौकरी छोड़्ता है तो उसे जल्द ही दूसरी नौकरी देखनी पड्ती है, अर्थात ऐसे व्यक्ति का नई नौकरी में मन नहीं लगता। असतुष्टि के चलते व्यक्ति को जल्द ही दूसरी नौकरी की तलाश करनी पड़्ती है।


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