जानिए, किस धातु को धारण करने से उसका क्या प्रभाव हमारे जीवन पर पड़ता है।
By : Future Point
Expert Review : Dr. Arun Bansal, Vedic Astrologer | 45+ Years Experience
Published : 14-Nov-2019
प्रकृति ने हमें बहुते से अमूल्य तोहफे दिए हैं, इन्हीं में से एक धातु है। जो कई प्रकार की होती है जैसे सोना, चांदी, लांबा, लोहा, कांसा आदि। पृथ्वी के गर्भ से प्राप्त होने वाली इन धातुओं का हमारे जीवन पर बहुत असर पड़ता है। शास्त्रों के अनुसार जिन धातुओं की आपके लिए जूलरी बनती है, उनमें भी आपके शरीर और मन पर असर डालने की क्षमता होती है। आइए जानते हैं कि किस धातु का हमारे शरीर पर क्या प्रभाव पड़ता है। ये धातु ना केवल हमारे शरीर, बल्कि ग्रहों को भी अनुकूल करती है।
किस धातु का हमारे जीवन पर क्या प्रभाव पड़ता है-
- सोना- शास्त्रों के अनुसार सोने की धातु का सीधा असर सूर्य से होता है। इस धातु को धारण करने से आप शारीरिक और मानसिक रूप से मजबूत हो जाते हैं। यदि किसी की कुंडली में बृहस्पति दोष है तो सोना धारण करने से उसकी कुंडली का दोष समाप्त हो जाता है। यह धातु स्वास्थ्य, समृद्धि और विकास से जुड़ी होती है। ऐसा भी कहा जाता है कि सोना पहनने से और ज्यादा स्मृद्धि आती है। एवं सोने धारण करने से व्यक्ति निरोगी होता है और लंबी आयु प्राप्त करता है।
- चांदी- ज्योतिष शास्त्र के चांदी का करीबी रिश्ता चंद्रमा से माना गया है और इसकी प्रकृति ठंडी होती है। जिस व्यक्ति की कुंडली में चंद्र ग्रह अशुभ फल देता है उन व्यक्तियों को चांदी धारण करना चाहिए। चांदी से प्रेम और सुरक्षा भाव में बढ़ोतरी होती है। अगर चांदी की जूलरी पर कोई रत्न जड़ा जाए, तो उस रत्न की एनर्जी सीधे शरीर तक पहुंचती है। जिन लोगों की मानसिक स्थिति ठीक नहीं रहती, मन विचलित रहता है, दिल और दिमाग में तालमेल नहीं बन पाता तो उन्हें चांदी धारण करना चाहिए।
- तांबा- शास्त्रों के अनुसार, तांबे पर शुक्र का प्रभाव होता है। शुक्र को प्यार और खूबसूरती का ग्रह माना जाता है। माना जाता है कि शरीर की शिराओं पर शुक्र का सीधा प्रभाव पड़ता है। ऐसे में तांबे के आभूषण पहनने से ब्लड प्रेशर भी सही रहता है। तांबा शरीर का रक्त संतुलन ठीक रहता है। तांबे का छल्ला पहनने से महिलाओं को मासिक धर्म में अनियमितता की समस्या नहीं होती है।
- पीतल- शास्त्रों में सोने की तरह पीतल का प्रभाव बताया गया है। यह भी हीलिंग और समृद्धि के लिए फायदेमंद है। अगर पीतल की जूलरी के साथ कोई वेल्थ अट्रैक्ट करने वाला रत्न पहना जाए तो ज्यादा फायदेमंद होता है।
- कांसा- कांसे को आभूषण के तौर पर नहीं पहना जाता है लेकिन यह शरीर के अनेक रोगों को मिटाता है। इसका उपयोग बर्तन के रूप में किया जाता है। इसके गिलास में रखा पानी सप्ताह में कम से कम दो दिन अवश्य पीना चाहिए। लगातार इसका सेवन न करें।
- लोहा- ज्योतिष्य शास्त्र के अनुसार लोहे को शनि की धातु मानी जाती है। मंगल अग्नि तत्व वाला ग्रह माना जाता है और इसे युद्ध का देवता भी कहा जाता है। इसलिए लोहे से आपको मिलती है एनर्जी और जीने की चाहत। दुनिया के कई सारे मंदिरों और चर्च वगैरह में आप लोहा पहनकर नहीं जा सकते, क्योंकि इसे पहनने से जादुई शक्तियों का प्रभाव नहीं पड़ता। लोहे का कोई आभूषण पहनने से आपमें आत्मविश्वास भी आता है। इसी तरह से जूलरी में लोहे के खनिज हेमेटाइट को यूज करने से भी ऐसे ही फायदे होते हैं।
- स्टील- शास्त्रों के अनुसार स्टील का रिश्ता मंगल से होता है। और अगर आपके आस पास नकारात्मक ऊर्जा है तो स्टेनलेस स्टील की जूलरी से अच्छा विकल्प नहीं हो सकता। स्टील आपके लिए एक ढाल का काम करती है। साथ ही जिन लोगों को स्किल एलर्जी होती है उनके लिए भी यह पहली पसंद है।
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