बिजनेस में हो रहा है, नुकसान - करें ये आसान उपाय
By : Acharya Rekha Kalpdev
Expert Review : Dr. Arun Bansal, Vedic Astrologer | 45+ Years Experience
Published : 26-Dec-2023
वेदों में ज्योतिष को नेत्र की संज्ञा दी गई है। ज्योतिष विद्या भविष्य को दिखाने वाली विद्या है, या यूं कहिये की भविष्य का मार्गदर्शन करने वाली विद्या है। अनेक मार्गों में से कौन सा मार्ग हमारे लिए बेस्ट है, यह ज्योतिष विद्या से जाना जा सकता है। ज्योतिष विद्या लोगों कि प्रॉब्लम को समझ कर उन्हें यथासंभव सोलुशन देकर समस्याओं को विकट होने से रोकती है। हर व्यक्ति अपने भविष्य को लेकर चिंतित रहता है। कल क्या होने वाला है? यह जानने कि उत्सुकता सभी को रहती है, कुंडली के ग्रह नक्षत्रों के अनुसार भविष्य में आने वाली दिक्कतों को बताकर उनसे सावधान रहने का संकेत दिया जाता है। ज्योतिष विद्या केवल भविष्य के गर्भ में देखने का कार्य ही नहीं कराती है, बल्कि यह समस्या का उपाय के रूप में समाधान भी देती है। इससे समस्या पूर्ण रूप से कम तो नहीं होती है, परन्तु कुछ हद तक नियंत्रित अवश्य हो जाती है।
करियर में ज्योतिष विद्या किस प्रकार प्रभाव डालती है
ज्योतिष में रूचि रखने वाले, जानकारी रखने वाले यह जानते है कि जन्मपत्री सारे जीवन कि घटनाओं का लेखा जोखा होता है। कोई व्यक्ति नौकरी में सफल होगा या बिजनेस में यह जन्मपत्री से आसानी से जाना जा सकता है।
अपनी कुंडली के ग्रह नक्षत्रों, योग, दशा के अनुसार जब करियर का निर्णय किया जाता है तो करियर अधिक सफल और बाधारहित रहता है।
ग्रहों के स्थिति, युति और योग तय करते है कि व्यक्ति किस क्षेत्र में सफल होगा? बिजनेस में सफल होगा या नौकरी में। करियर कि दिशा कुंडली के आधार पर पहले से जानकर उसी दिशा में प्रयास करना समझदारी का निर्णय कहा जा सकता है। आप यदि बिजनेस कर रहे हैं और बहुत मेहनत करने पर भी अनुकूल लाभ प्राप्त नहीं हो पा रहे है तो आपको एक बार अपनी जन्मपत्री किसी योग्य ज्योतिषी से दिखाना चाहिए-
इसे हम इस प्रकार समझ सकते है कि मेष राशि वाले लोगों में नेतृत्व के गुण जन्मजात होते है, अपनी ऊर्जा, साहस और जोश होने का उन्हें बिजनेस में लाभ मिलता है। इसके अलावा बुध कि राशियां मिथुन और कन्या के लोग भी व्यापार करने में माहिर होते हैं। बुध ग्रह क्योंकि व्यापार का ग्रह है, इसलिए उसके स्वामित्व कि राशियां भी व्यापारिक गुण देती है। बुध राशि वाले परिस्थिति अनुसार बदलाव करने वाले होते है। इसी प्रकार सिंह राशि वाले कॉन्फिडेंस के लिए जाने जाते है। लीडरशिप भी सिंह राशि के लोगों में कूट-कूट कर पाई जाती है।
राशियों के अलावा अन्य नियमों का भी ध्यान रखा जाता है
ग्रहों में देव गुरु बृहस्पति धन और लाभ देने वाले ग्रह है। बृहस्पति ग्रह का संबंध लाभ भाव और व्यापार भाव सप्तम भाव से हो तो व्यक्ति बिजनेस में किस्मत आजमाने का प्रयास करता है। जन्म कुंडली में बृहस्पति ग्रह को शुभ कर लाभ में वृद्धि कि जा सकती है। किसी भी ग्रह को शुभ करने के लिए ज्योतषीय उपायों का सहारा लिया जाता है। इसके अलावा कर्म तय करने के लिए शनि ग्रह का विचार किया जाता है। शनि कर्म क्षेत्र तय करने वाले ग्रह है। शनि ग्रह को शुभ कर बिजनेस में लाभ को बेहतर किया जा सकता है। बुध ग्रह प्लांनिंग और प्रबंधन का गुण देने वाले ग्रह है। व्यापारिक क्षमता देने का कार्य भी बुध ग्रह देता है।
बिजनेस बढ़ाने के ज्योतिष अनुसार उपाय
- भविष्य को ज्योतिष विद्या के माध्यम से जाना जा सकता है और स्थिति को अपने अनुसार बदलने के लिए उपायों का सहारा लिया जाता है। किस ग्रह, योग या अशुभ प्रभाव कि वजह से बिजनेस में उत्तम फल नहीं मिल रहा है, इसके लिए सही ग्रह का पता लगा करा, उस ग्रह कि शुभता बढ़ाने और अशुभता को कम करने के उपाय किये जाते है।
जैसे यदि गुरु ग्रह के कारण सही लाभ नहीं मिल रहा है तो गुरु ग्रह को बल देने के लिए उपाय करने होंगे, इसी प्रकार
- बृहस्पति ग्रह के मंत्रों का जाप और ग्रह शांति अनुष्ठान कर शुभ किया जा सकता है। इससे गुरु ग्रह के फल पहले से बेहतर मिलने शुरू होंगे।
- इसके अलावा बिजनेस से जुड़े किसी बड़े कार्य को करने के लिए शुभ मुहूर्त का चयन करना चाहिए। बिजनेस ईमारत में कभी भी बिना पूजा अनुष्ठान किये बिजनेस शुरू नहीं करना चाहिए। समय-समय पर हवन-यज्ञ कराते रहने से नेगेटिव ग्रह शक्तियां शांत रहती है।
- प्रतिदिन हनुमान चालीसा का हनुमान जी के सम्मुख पाठ करें। हनुमान जी संकट मोचन कहे गए है, इनकी कृपा से लाभ के मार्ग में आने वाली सभी बाधाएं दूर होती है।
- धन कि देवी लक्ष्मी जी कि नित्य पूजा करने से भी धन सम्बन्धी प्रॉब्लम दूर होती है। देवी लक्ष्मी के सम्मुख पांच बत्ती वाला देसी घी का दीपक जलाएं और श्री सूक्तम का पाठ करें। यह उपाय धन आगमन को बेहतर करने में सहायक रहेगा।
- व्यापार के पूजा स्थल में स्फटिक का श्रीयंत्र