अयोध्या के राम मंदिर में राम लला की प्राण प्रतिष्ठा

By: Future Point | 24-Jan-2024
Views : 1336
अयोध्या के राम मंदिर में राम लला की प्राण प्रतिष्ठा

२२ जनवरी २०२४ को अयोध्या के नूतन राम मंदिर में राम लला की प्राण प्रतिष्ठा अभूतपूर्व भक्ति, श्रद्धा एवं सात्विक उत्साह के साथ पूर्ण की गयी। इस प्राण प्रतिष्ठा अनुष्ठान के मुख्या यजमान बनकर भारत के प्रधान मंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने भाग लिया। प्रधान मंत्री मोदी के साथ साथ उत्तर प्रदेश के मुख्या मंत्री श्री योगी आदित्यनाथ, उत्तर प्रदेश की राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल एवं राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख डॉ. मोहन भागवत भी सम्मिलित हुए।

हिन्दू अथवा सनातन धर्म को मानने वाले करोड़ों लोग़ों के लिए यह एक अत्यंत हर्षोउल्लास का दिन था। प्राण प्रतिष्ठा समारोह में भारत के अनेका अनेक गण मान्य लोग सम्मिलित हुए। इस समारोह में खेल जगत, अभिनय क्षेत्र, संगीत, व्यवसाय एवं और भी बहोत से क्षेत्रों से सुप्रसिद्ध विभूतियाँ पधारीं।

प्राण प्रतिष्ठा के उपरान्त भारतीय सेना के हेलीकॉप्टरों द्वारा मंदिर प्रांगण में उपस्थित लोगों पर आकाश से पुष्प वर्षा भी करी गयी। पूरा समारोह मानों सभी सनातन धर्मावलम्बियों को भक्ति, उमंग एवं एक अभूतपूर्व सुख व संतोष की अनुभूति करा रहा था।

मंदिर का गर्भ गृह की शोभा देखते ही बन रही थी और उसके सौंदर्य और भव्यता का वर्णन शब्दों में कर पाना सच में कठिन है। पुरे भारत में और यहाँ तक की विदेशों में भारतीय मूल के लोगों ने इस समरोह के लिए अपने घरों को ऐसे सजाया था जैसे मानों दिवाली हो। लोगों ने दिए जलाए, रंगोलियां बनायीं, आतिशबाज़ी करी और व्यंजन मिष्ठान बनाकर इस दिन को एक त्यौहार की तरह मनाया।

राम मंदिर की विशेषताएं

मंदिर का गर्भ गृह तो अब राम लला के विग्रह से सज्ज हो चुका है परन्तु मंदिर प्रांगण में निर्माण का कार्य अभी क्रियाशील है। इस मंदिर का निर्माण नागर शैली पर आधारित करके किया जा रहा है। मंदिर प्रांगण का कुल क्षेत्रफल ७१ एकड़ है जिसको बनाने में १८०० करोड़ रुपए की लागत का अनुमान है।

हम आपको यह बता दें की मंदिर की कुल चौड़ाई २५० फ़ीट एवं लंबाई १६१ फ़ीट है। मदिर में ३९० स्तम्भ, ४६ द्धार एवं ५ मंडप हैं।  मंदिर के समूचे प्रांगण में अनेक दिव्य विभूतियों के मंदिरों का भी निर्माण होगा जिनमें महृषि वाल्मीकि, महृषि वशिष्ठ, महृषि विश्वामित्र, महर्षि अगस्त्य, माता शबरी एवं निषाद राज के मंदिर भी होंगे।

मंदिर का गर्भ गृह

राम मंदिर के गर्भ गृह में राम लला का ५१ इंच का विग्रह है जिसको श्री अरुण योगिराज ने बनाया है। यह विग्रह अति सुन्दर है और भक्तों को तुरंत मोहित कर देता है।

यह विग्रह राम लला का ५ वर्ष के बालक का स्वरुप दिखाता है जिसको देखकर भक्तों का मन तुरंत हर्षित हो उठता है।

राम लला के विग्रह को एक से एक बहुमूल्य आभूषणों से लंकृत किया गया है। राम लला को प्रतिदिन अलग अलग रंग की पोषक पहनाई जाएंगी एवं उनेह नाना प्रकार के व्यंजनों का भोग दिन में लगाया जाएगा।

समूचे गर्भ गृह को सुन्दर पुष्पों से सजाया जाएगा एवं भगवान को भी अनेका अनेक पुष्प एवं पुष्प मालाएं अपरपित की जाएंगी।

फ्यूचर पॉइंट की ओर से अयोध्या में राम लला की प्राण प्रतिष्ठा की सभी को ढेरों शुभकामनाएं।


Previous
गुरु - मंगल 2024 राशि परिवर्तन योग - इन राशियों के बदलेंगे दिन

Next
बुध का मकर राशि में गोचर 2024 - किस राशि का रुकेगा बिजनेस और किनका टिकेगा काम