शुक्र का वृश्चिक राशि में गोचर, लाएगा जीवन में तरक्की | Future Point

शुक्र का वृश्चिक राशि में गोचर, लाएगा जीवन में तरक्की

By: Future Point | 02-Dec-2020
Views : 4252शुक्र का वृश्चिक राशि में गोचर, लाएगा जीवन में तरक्की

वैदिक ज्योतिष में शुक्र को शुभ फलदायी ग्रह के रूप में माना जाता है। शुक्र ग्रह जीवन में सभी प्रकार के सुखों को प्रदान करने में सक्षम है, इनके अनुकूल होने से व्यक्ति जीवन में लगभग सभी भौतिक सुखों को प्राप्त करता है और उसके जीवन में तरक्की आती है। उसकी पर्सनैलिटी में आकर्षण रहता है और लोग उसकी ओर खिंचे चले जाते हैं। 

ऐसा व्यक्ति सभी का दिल जीतने में कामयाब रहता है और उसी के आधार पर उसको जीवन में प्रगति मिलती है। वैज्ञानिक तथ्यों की बात करें तो, शुक्र ग्रह को सभी ग्रहों में सबसे ज्यादा चमकीला ग्रह माना जाता है। इसे विशेष रूप से भोर का तारा भी कहते हैं। वैदिक ज्योतिष में इसे विशेष रूप से भौतिक सुख सुविधाओं, सांसारिक सुख और जीवन में प्रेम एवं सौहार्द का कारक माना जाता है।

यदि किसी की कुंडली में शुक्र की स्थिति मजबूत हो तो, इससे व्यक्ति को वैवाहिक और प्रेम जीवन में सफलता एवं जीवन में भौतिक सुख और सभी इच्छाओं की पूर्ति होती है। दूसरी तरफ यदि कुंडली में शुक्र की स्थिति कमजोर हो तो व्यक्ति जीवन में आने वाले विभिन्न सुखों से अछूता रहता है, प्रेम संबंधों में बाधा आती है। 

भौतिक सुखों में कमी, वैवाहिक जीवन में तनाव, सुख समृद्धि में बाधा आदि। शुक्र के हानिकारक प्रभाव से जीवन में विभिन्न सुखों में कमी आ सकती है। शुक्र ग्रह को वृषभ और तुला राशि का स्वामी ग्रह माना जाता है। शुक्र के शुभ प्रभाव से व्यक्ति के अंदर एक विशेष प्रकार की आकर्षण शक्ति आती है, ऐसे व्यक्ति दूसरों को आसानी से आकर्षित कर लेते हैं।

शुक्र ग्रह 11 दिसंबर 2020, शुक्रवार को प्रातः 05 बजकर 17 मिनट पर वृश्चिक राशि में गोचर करेगा और 04 जनवरी 2021, सोमवार को प्रातः 05 बजकर 03 मिनट तक इसी राशि में स्थित रहेगा, इस दौरान शुक्र के गोचर से सभी राशियां प्रभावित होने वाली हैं, ज्योतिष के अनुसार जानते हैं कि शुक्र का वृश्चिक राशि में परिवर्तन किस राशि को देगा फायदा, तो किस को नुकसान उठाना पड़ सकता है।

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मेष राशि (Aries)

इस गोचर के दौरान शुक्र का प्रवेश आपकी राशि से आठवें भाव में होगा। शुक्र का यह गोचर आपके लिए अधिक अनुकूल नहीं कहा जा सकता है। शुक्र के इस भाव में गोचर करने के कारण आपके खर्चों में अचानक से बढ़ोतरी होगी और आप गुप्त तरीकों से भी धन खर्च करना पसंद करेंगे। 

भाग्य में इस दौरान कुछ कमज़ोरी देखने को मिलेगी जिसकी वजह से आपके कामों में कुछ रुकावट आ सकती है। इस गोचर के प्रभाव से व्यापार में कुछ उतार-चढ़ाव की स्थितियां बनेंगी, जिनकी वजह से आपकी चिंताएं बढ़ सकती हैं। शुक्र के इस गोचर की अवधि में आपको कहीं भी धन निवेश करने से बचना चाहिए क्योंकि उसमें नुकसान होने की संभावना अधिक रहेगी। 

अधिक प्रयास करने से आंशिक तौर पर धन लाभ होने के योग बनेंगे। स्वास्थ्य के लिहाज से हानिकारक साबित हो सकता है। इस गोचरकाल में आपको विशेष रूप से अपनी सेहत का ख़ास ख्याल रखने की सलाह दी जाती है। यदि आप अपनी सेहत का ख्याल नहीं रखते हैं तो, आप किसी बीमारी के शिकार हो सकते हैं।

वृषभ राशि (Taurus)

इस राशि परिवर्तन के दौरान वृषभ राशि वालों के लिए शुक्रदेव सातवें भाव में गोचर करेंगे। इस गोचर के प्रभाव से आपके दांपत्य जीवन में अधिक प्रेम और मधुरता आएगी। आपके जीवनसाथी के साथ अंतरंग संबंधों की वृद्धि होगी और आप एक दूसरे के और निकट आएँगे। एक दूसरे के प्रति आकर्षण का भाव आपके दांपत्य जीवन के सुख को बढ़ा देगा। 

लेकिन एक बात का ध्यान रखें, अपने जीवनसाथी के प्रति ईमानदार रहें क्योंकि यदि आप किसी अन्य व्यक्ति में रुचि लेते हैं तो इस दौरान दांपत्य जीवन में तनाव बढ़ सकता है। आपके अंदर अधिक कामेच्छा उत्पन्न हो सकती है, जो आपको परेशानियों में डाल सकती है, इसलिए थोड़ा सतर्क रहें। 

इस दौरान व्यापार के सिलसिले में आपको इस जबरदस्त लाभ होने के योग बनेंगे। इस समय में आपके व्यक्तित्व और वाणी में आकर्षण बढ़ेगा और लोग आपकी तरफ बरबस ही खिंचे चले आएँगे। आर्थिक दृष्टिकोण से शुक्र का यह गोचर अनुकूल रहेगा और आप को व्यापार में उत्तम लाभ होगा।

आप जिनके साथ मिलकर पार्टनरशिप में बिज़नेस करते हैं, उनसे भी आपके संबंध बढ़िया रहेंगे और संबंधों में घनिष्ठता होने से आप एक दूसरे के प्रति समझदारी रखते हुए अपने बिज़नेस को आगे बढ़ाने का प्रयास करेंगे। आप स्वास्थ्य समस्याओं से भी छुटकारा पा लेंगे। कोई पुरानी चली आ रही बीमारी से भी मुक्ति मिलेगी।

यदि वैवाहिक जीवन में आ रहीं हैं परेशानियां तो फ्यूचर पॉइंट के माध्यम से अपनी कुंडली का विश्लेषण करवाएं और अपनी समस्याओं का सही सुझाव प्राप्त करें।

मिथुन राशि (Gemini)

मिथुन राशि वालों के लिए शुक्र का प्रवेश छठे भाव में होगा। गोचर काल की यह अवधि स्वास्थ्य के लिहाज से आपके लिए अधिक नुकसानदायक साबित हो सकती है। ऐसे में बेहतर होगा कि इस दौरान आप अपनी सेहत का ख़ास ख्याल रखें। 

इस दौरान अचानक किसी यात्रा पर जानें का प्रोग्राम बनने से आपके ख़र्चों में वृद्धि हो सकती है। इस अवधि में महिला मित्रों के साथ अच्छे संबंध बनाकर रखें और उनका सम्मान करें, क्योंकि संभव है, कि किसी महिला की वजह से आपको मुसीबतों का सामना करना पड़ें, विवाहित जोड़ों को उनके जीवनसाथी की सेहत में गिरावट देखने को मिल सकती है। 

आपकी राशि के विद्यार्थियों के लिए यह गोचर अनुकूल रहेगा और उन्हें अपनी शिक्षा में समुचित परिणाम प्राप्त होंगे लेकिन उन्हें स्वयं की एकाग्रता को भंग होने से बचा कर रखना होगा क्योंकि इस दौरान ऐसी संभावना बन रही है। यदि आप शादीशुदा हैं तो आपकी संतान को प्रगति मिलेगी और वे जिस क्षेत्र में भी हैं, उसमें अच्छा प्रदर्शन करने में कामयाब रहेंगे।

कर्क राशि (Cancer)

इस राशि परिवर्तन के दौरान कर्क राशि वालों के लिए शुक्रदेव पांचवें भाव में गोचर करेंगे। जातकों के लिए ये गोचर विभिन्न स्तरों पर लाभदायी साबित हो सकता है। इस दौरान आपको विभिन्न स्रोतों से लाभ मिलने की उम्मीद है। 

यदि आप किसी बिज़नेस से जुड़े हैं तो, उसमें आपको तरक्की मिल सकती है। हालांकि यदि आपका कोई बिज़नेस पार्टनर है तो, उससे संभलकर रहें। दूसरी तरफ नौकरीपेशा लोगों के लिए इस समय कार्य स्थल पर किसी लापरवाही के चलते कठिनाईओं का सामना करना पड़ सकता है। आपको इस दौरान विशेष मेहनत की आवश्यकता होगी तभी कार्यक्षेत्र में सफलता मिलेगी। 

आप अपनी किसी कलात्मक अभिव्यक्ति के माध्यम से स्वयं को समाज में आगे लाएंगे और इससे भी आपको आर्थिक तौर पर लाभ होने के साथ-साथ आपका सामाजिक दायरा भी वृद्धि को प्राप्त होगा। प्रेम जीवन के लिए गोचर का ये समय बेहद अनुकूल है। इस अवधि में आप एक दूसरे के साथ ज्यादा से ज्यादा वक़्त भी गुजार पाएंगे। विवाहित जातकों को हर परिस्थिति में उनके जीवनसाथी का भरपूर साथ मिलेगा।

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सिंह राशि (Leo)

इस राशि परिवर्तन के दौरान सिंह राशि वालों के लिए शुक्रदेव चतुर्थ भाव में गोचर करेंगे। शुक्र का गोचर इस भाव में होने से आपकी सुख समृद्धि में बढ़ोतरी होगी। आपको विभिन्न माध्यमों से कुछ अच्छी सफलताएं प्राप्त होंगी।

कार्यक्षेत्र की बात करें तो इस अवधि में काम के प्रति आपकी एकाग्रता बढ़ेगी और इसका परिणाम आपको सकारात्मक रूप से देखने को मिल सकता है। काम में सजगता लाकर आप कार्यस्थल पर अपनी छवि में सुधार कर सकते हैं। दूसरी तरफ यदि आप जॉब परिवर्तन करने की सोच रहे हैं तो, गोचर की इस अवधि में आप ये कदम उठा सकते हैं।

यदि आप किसी बिज़नेस से जुड़े हैं तो, आपके लिए इस गोचरकाल के दौरान अपने व्यापार में इज़ाफा करने का अच्छा अवसर है। बिज़नेस में तरक्की के लिए आप इस दौरान किसी छोटी यात्रा पर भी जा सकते हैं। आप अपने प्रयासों से अपनी निजी और पेशेवर जिंदगी को बेहतर बनाने का प्रयास करेंगे और इसमें आपको काफी हद तक सफलता भी मिलेगी।

कन्या राशि (Virgo)

कन्या राशि वालों के लिए शुक्र का प्रवेश तीसरे भाव में होगा। शुक्र के इस भाव में गोचर करने की वजह से आपके प्रयासों में तेजी आएगी और आप अपने जीवन में अच्छी चीजों को प्राप्त करने के लिए अधिक मेहनत और प्रयास करेंगे। 

इस दौरान  भाग्य का सम्पूर्ण साथ मिलेगा, भाग्य की प्रबलता के चलते आपके कई रुके हुए काम बनने लगेंगे, जिससे आर्थिक तौर पर भी लाभ होगा और सामाजिक दायरे में भी बढ़ोतरी होगी। इस गोचरकाल में आपकी बौद्धिक क्षमता में वृद्धि होगी और आप कामयाबी प्राप्त करेंगे। इस दौरान आपके शत्रु आप पर हावी होने की कोशिश ज़रूर करेंगे लेकिन, अपनी सूझ-बूझ से आप उन्हें मात देने में कामयाब रहेंगे। 

आपकी सफलता की राह में बाधा बन रही सभी कठिनाईओं का अंत हो सकता है और आपको किस्मत का भरपूर साथ मिल सकता है। यदि आप विवाहित हैं तो आपके लिए, गोचर की ये अवधि खासतौर से कुछ ऐसे शुभ समाचार ला सकती है जिसका आपको लंबे समय से इंतजार रहा था।

तुला राशि (Libra)

तुला राशि वालों के लिए शुक्रदेव का यह परिवर्तन आपकी राशि से दूसरे स्थान में हो रहा है। गोचर आपके लिए खासतौर से बिज़नेस और कार्यक्षेत्र के लिहाज से विशेष फलदायी साबित हो सकता है। 

जहाँ एक तरफ कार्यक्षेत्र में आप अपनी मेहनत और लगन के बल पर अपनी पहचान बनाने में कामयाब रहेंगे, वहीं दूसरी तरफ किसी मित्र के साथ साझेदारी में बिज़नेस की शुरुआत कर आप मुनाफ़ा कमा सकते हैं। यदि आप शादीशुदा हैं तो, बिज़नेस की शुरुआत में आपको अपने जीवनसाथी का साथ भी मिल सकता है। 

शुक्र का यह गोचर परिवार में लंबे समय से चले आ रहे तनाव से मुक्ति दिलाने में भी कारगर साबित होगा और लोगों के बीच एक दूसरे को समझने की प्रवृत्ति जन्म लेगी। आप अपने परिवार पर पूरा ध्यान देंगे और अपने परिवार की बेहतरी के लिए कुछ नए कदम भी उठाएंगे।

माता पिता के साथ इस गोचरकाल में आप किसी छोटी यात्रा पर भी जा सकते हैं। आर्थिक रूप से आपके लिए गोचर की ये अवधि फलदायी साबित हो सकती है। इस समय आपको विभिन्न स्रोतों से धन लाभ हो सकता है।

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 वृश्चिक राशि (Scorpio)

वृश्चिक राशि वालों के लिए शुक्रदेव का यह परिवर्तन आपकी ही राशि में होने जा रहा है। शुक्र की उपस्थिति लग्न भाव में होने से आपके व्यक्तित्व में आकर्षण बढ़ेगा, जिसकी वजह से आप काफी प्रसन्न भी रहेंगे और अपने चारों ओर के लोगों के प्रति सहानुभूति और प्रेम की भावना महसूस करेंगे।

इसका सकारात्मक असर आपके दांपत्य जीवन पर पड़ेगा और जीवन साथी से अंतरंग संबंधों में वृद्धि होगी। आपके बीच प्यार बढ़ेगा और दांपत्य जीवन के सुखों का आनंद लेंगे। कुछ लोगों को स्वास्थ्य में गिरावट का सामना करना पड़ सकता है, जिसकी वजह से वे कुछ परेशान हो सकते हैं।

इस समय काल में आपके व्यापार में वृद्धि होगी और आपको अच्छे परिणाम प्राप्त होंगे, जिससे धन लाभ भी होगा। यह गोचर आपके मान सम्मान और आपके आत्मबल को भी बढ़ाएगा। कुछ लोगों के अंदर अहम की भावना का उदय हो सकता है, जो उनके लिए नुकसानदायक साबित होगा।

धनु राशि (Sagittarius)

धनु राशि वालों के लिए शुक्र का प्रवेश बारहवें भाव में होगा। इस दौरान कार्यक्षेत्र में आपको विदेश यात्रा पर जाने का अवसर प्राप्त हो सकता है। कार्य स्थल पर आपके ऊपर काम का भार तो ज़रूर होगा लेकिन ये आपके भविष्य के लिए बेहतर साबित होगा।

यदि आप बिज़नेस की शुरुआत करने की इच्छा रखते हैं तो, इस क्षेत्र में निवेश कर आप भरपूर लाभ उठा सकते हैं। बिज़नेस के सिलसिले में लंबी यात्रा पर जाना भी हो सकता है। इस गोचर की अवधि में आप धन का व्यय ज्यादा करेंगे जिससे आपकी आर्थिक स्थिति थोड़ी नाज़ुक बन सकती है।

लिहाजा आर्थिक रूप से मजबूत रहने के लिए पैसों का खर्च सोच विचार कर करना ही आपके लिए फलदायी रहेगा। धनु राशि के विवाहित जातकों को इस गोचर के दौरान विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता होगी। जीवनसाथी के साथ होने वाले मतभेद से रिश्ते में कड़वाहट आ सकती है।

मकर राशि (Capricorn)

मकर राशि वालों के लिए शुक्रदेव का यह परिवर्तन आपकी राशि से ग्यारहवें भाव में हो रहा है। इस गोचर के दौरान आर्थिक रूप से आपको विभिन्न स्रोतों से लाभ मिलेगा।

इसके परिणामस्वरूप आप जीवन में भौतिक सुखों का लाभ उठा पाएंगे। इस समय नौकरी और बिजनेस दोनों में ही सफलता के योग बनेंगे। कामकाज के लिए छोटी-मोटी यात्राएं भी करनी पड़ सकती हैं। मनोरंजन के मामलों में खर्च हो सकता है। भोग-विलासिता पूर्ण जीवन जीने की तरफ आपका झुकाव अधिक रहेगा।

जो अविवाहित जातक विवाह के लिए शुभ समय के इंतजार में हैं, उनके लिए विवाह के योग बन सकते हैं। प्रेम संबंधों में रोमांस की अधिकता देखने को मिल सकती है। संतान पक्ष से लाभप्रद स्थिति रहेगी, विद्यार्थी वर्ग को मन के अनुकूल सफलता प्राप्त होगी।

कुंभ राशि (Aquarius)

कुम्भ राशि वालों के लिए शुक्र का प्रवेश दशवें भाव में होगा। इस समय व्यवसाय में मनोनुकूल सफलता मिलने के योग हैं। यदि आप नौकरी में बदलाव के बारे में सोच रहे हैं, तो यह समय आपके लिए अनुकूल सावित होगा।

यदि आप किसी बिज़नेस से जुड़े हैं तो इस अवधि में आपको व्यापार में अच्छा ख़ासा मुनाफ़ा मिल सकता है। इस दौरान आपके द्वारा बिज़नेस के विस्तार के लिए उठाये गए कदम प्रभावी साबित हो सकते हैं। नौकरी में भी कुम्भ जातकों का प्रदर्शन सराहनीय रहेगा। आप अपने वरिष्ठ अधिकारियों की नजर में चढ़े रहेंगे, जिसकी वजह से आपको अनेक सुख सुविधाएँ आपके कार्यक्षेत्र में प्राप्त होंगी।

भाग्य का पूरा साथ आपको मिलेगा, जिसकी बदौलत आपकी आर्थिक स्थिति भी मजबूत होगी। आपके पारिवारिक जीवन में इस गोचर के प्रभाव से ख़ुशियों का समय आएगा। परिवार के लोग एक दूसरे के प्रति सामंजस्य और प्रेम की भावना रखेंगे। परिवार में कोई नया वाहन आ सकता है, जिससे सबको खुशी मिलेगी।

मीन राशि (Pisces)

मीन राशि वालों के लिए शुक्रदेव का यह परिवर्तन आपकी राशि से नवमें भाव में हो रहा है, इस दौरान आपको मिले-जुले परिणाम प्राप्त होंगे। इस गोचरकाल के दौरान कार्यक्षेत्र में आपको लाभ मिलने की उम्मीद है। आप अपनी मेहनत और लगन के दम पर सभी कठिनाईओं का सामना करते हुए अपनी एक अलग पहचान बनाने में कामयाब होंगें।

इस गोचरकाल में आपका रुझान विशेष रूप से आध्यात्मिक और धार्मिक कार्यों की तरफ ज्यादा रहेगा। धर्म-कर्म के कार्यों में आप बढ़-चढ़ कर हिस्सा लेंगे और दान पुण्य से ख़ासा लाभ प्राप्त करने में सफल होंगे। सामाजिक दृष्टिकोण से देखें तो, इस गोचरीय अवधि के दौरान सामाजिक स्तर पर आपके मान मर्यादा में वृद्धि होगी।

पारिवारिक स्तर पर इस गोचरकाल के दौरान भाई बहनों के साथ किसी बात को लेकर आपका मतभेद हो सकता है। दूसरी तरफ पिता की सेहत में होने वाली गिरावट की वजह से भी मन उदास रह सकता है, लिहाजा इस समय पिता की सेहत का ख़ास ख्याल रखें।

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