स्वप्न क्या कहते हैं जानें भाग 2

By: Future Point | 16-Feb-2018
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स्वप्न क्या कहते हैं जानें भाग 2

प्रत्येक व्यक्ति सोने के बाद सपने देखता है। ज्योतिष शास्त्र यह कहता है कि प्रत्येक सपने का कोई ना कोई अर्थ अवश्य होता है। यह भी माना जाता है कि जो सपने हम गहरी नींद और सूर्योदय के ठीक पहले देखते है वे सभी सपने हमें जीवन में घटित होने वाली घटनाओं की सूचना देते हैं। फिर वह सूचना शुभ और अशुभ दोनों प्रकार की हो सकती हैं। यह माना जाता है कि निद्रा की चार अवस्थायें मानी गई है। जिसमें प्रथम अवस्था में स्वप्न आने की संभावनाएं कल्पनाजगत में रहने वाले व्यक्तियों में अधिक पाई जाती है। इसमें कवि, दार्शनिक, प्रेमी, अविवाहित, किशोर आदि आते हैं। इन सपनों में काल्पनिकता अधिक पाई जाती हैं। सपनों पर हुए अनुसंधान से यह स्पष्ट होता है कि जो विचार हमारे मन में दिन के समय में आते हैं, या जो भावनाएं दिन के समय में हमारे मस्तिष्क में चल रही होती हैं वही निद्रा अवस्था में हमारे अवचेतन मन में निद्रा का रुप लेती हैं। रात्रि के अंतिम पहर जिसे सूर्योदय से ठीक पहले के तीन घंटे का समय कहा जाता है, इस समय में यदि हम कोई सपना देखते हैं तो इस समय में आये सपने अपना अर्थ रखते हैं। सपनों के संदर्भ में यह भी माना जाता है कि दिन में सोने से जो सपने आते हैं उनका कोई अर्थ नहीं होता है और एक ही रात्रि में जब एक से अधिक स्वप्न आते हैं तो अंतिम स्वप्न ही फल देने वाला होता है।

 

स्वप्नों को दो श्रेणियों में बांटा गया हैं- शुभ फलदायक स्वप्न और अशुभ फलदायक स्वप्न। आईये जानते है कि कौन से स्वप्नों का फल शुभ रुप में प्राप्त होता है-

शुभ स्वप्न

  • सपने में यदि घोड़ा, हाथी, बैल, जूते या रथ दिखाई देता है तो व्यक्ति को हर जगह सम्मान प्राप्ति के योग बनते हैं।
  • सपने में धन की देवी लक्ष्मी जी दिखाई देती हैं तो व्यक्ति को धन प्राप्त होने के संकेत बनते हैं।
  • सपने में पक्षी दिखाई दें जिसमें गोरैया, नीलकंठ, कबूतर, सारस, तोता व तीतर हों तो व्यक्ति का वैवाहिक जीवन सुखमय रहता है।
  • सपने में स्वयं को किसी महल के ऊंचे बुर्ज पर देख रहें हों तो आने वाला जीवन आपकी उन्नति के शुभ संकेत के रुप में देखा जा सकता है।
  • सपने में किसी जलाशय, सरोवर, नदी अथवा सागर में तैराकी करते हुए देखने का देखने का अर्थ यह है कि व्यक्ति सभी प्रकार के संकटों से मुक्त होने वाला है।
  • स्वप्न ज्योतिष के अनुसार उल्लू को सपने में देखपर माता लक्ष्मी का आशीर्वाद प्राप्त होता है।
  • जब किसी व्यक्ति को सपने में तिल, चावल गेहूं, सरसों, जौ, अन्न का ढेर, पुष्प, छाता, ध्वज, दही, पान, कमल, कलश, शंख और सोने के गहने दिखाई देते हैं तो यह शुभ रहता है और व्यक्ति को जीवन में सभी प्रकार के सुख मिलते हैं।
  • किसी व्यक्ति को सपने में द्वाई की टूटी हुई बोतल दिखाई दें तो व्यक्ति को जल्द ही रोग से मुक्ति मिलती है।
  • सपने में स्वयं को ऊंचाई पर चढ़ते हुए देखने पर भविष्य में उन्नति की संभावनाएं बनती है।
  • यदि आप सपने में स्वयं को नए वस्त्र पहने हुए देखते हैं तो यह माना जाता है कि आपको किसी मांगलि कार्य में जाने का निमंत्रण मिलने वाला है।
  • सपने में किसी बुजुर्ग व्यक्ति या साधु को देखने का अर्थ यह होता है कि आपको बहुत बड़ा लाभ प्राप्त होने वाला है।

 

 

 

आईये अब बात करते है अशुभ फल देने वाले सपनों की -

  • सपने में जब किसी बच्चे को रोते हुए देखते हैं तो यह एक अशुभ फल देता है। इस स्वप्न के अनुसार आने वाले समय में व्यक्ति को दुर्घटना के प्रति सावधान रहना चाहिए।
  • सपने में सुनसान जगह, खंडहर, भटकने वाली जगह दिखाई दें तो यह हानि का सूचक होता है।
  • सपने में किसी व्यक्ति का पांव कटा हुआ दिखाई दें तो यह आर्थिक और व्यवसायिक परेशानियों के आने की सूचना हो सकती है।
  • सपने में स्वयं को किसी बारात में शामिल होते हुए देखना अशुभ फलदायी होता हैं।
  • सपने में किसी की हत्या होते हुए देखना भी अच्छा नहीं माना जाता है, इस स्थिति में समझना चाहिए कि कोई गुप्त शत्रु है जो आपके खिलाफ बगावत कर रहा हैं।
  • सपने में सोना, चांदी जैसे बहुमूल्य वस्तुओं की चोरी करते हुए स्वयं को देखना अशुभ फल देता है। यह व्यवसाय में नुकसान की संभावनाएं बनाता है।
  • सपने में किसी को पानी में डूबते हुए देखना, भविष्य में संकटों के आने की सूचना हो सकती है।
  • सपने में जब कोई व्यक्ति अपने आप को बंधन में बंधे हुए देखता है तो उसे जल्द ही कारावास में जाना पड़ सकता है। यह भी संभव है कि उसे किसी अपराध के तहत बंदी बनाया जा सकता है।
  • सपने में अपनी पत्नी का अपहरण होते हुए देखना जल्द ही बड़े पैमाने पर धन हानि का संकेत देता है।

उपरोक्त सपनों के देखें जाने पर जब मन में यह आशंका बने कि स्वप्नों के फल कष्टकारी रुप में प्राप्त हो सकते हैं तो इस स्थिति में समय रहते उपाय अवश्य कर लेने चाहिए। किसी भी बुरे सपने के फल का दुष्प्रभाव से बचने के लिए सबसे सरल उपाय है कि जब बुरे सपने के कारण नींद खुल जाए तो उसी समय मन ही मन ऊं नम: शिवाय मंत्र बोलकर सो जाएं। सुबह स्नानादि के बाद शिव मंदिर में जाएं, जल चढ़ाएं, पूजा करें व पुजारी को दान आदि दें। इससे खराब स्वप्न का प्रभाव जाता रहता है।

 

  • अन्य उपाय के रुप में आप प्रात:काल में स्नानादि के बाद देव पूजन करते समय भगवान शिव के ऊं नम: शिवाय मंत्र का 108 बार जाप करें।
  • प्रात: उठकर बिना किसी से कुछ बोले तुलसी के पौधे से अपना पूरा सपना कह दें और भगवान शिव का ऊं नम: शिवाय का 108 बार जाप करें। ऐसा माना जाता है कि इससे सपने का बुरा फल प्राप्त नहीं हो पाता है।
  • हनुमान जी ने भगवान राम के सभी कष्टों को दूर किया है। इसलिए किसी भी बुरे सपने के फल से बचने के लिए सुंदरकांड, बजरंग बाण, संकटमोचन स्तोत्र अथवा हनुमान चालीसा का पाठ सायंकाल में करें।
  • कई बार ऐसा होता है कि हमने कोई बुरा सपना देखा है परन्तु हमारे घर में तुलसी का पौधा नहीं हैं इस स्थिति में सफेद कागज पर अपना सपना लिख कर जला देने पर बुरा फल जाता रहता है। जली हुई राख को पानी में बहा दें और इसके तुरंत बाद स्नान आदि कर भगवान शिव के ऊं नम: शिवाय मंत्र का जाप करें। बुरा फल समाप्त होगा।

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