प्रेम और वैवाहिक जीवन को सुखमय बनाता है यह सुंदर रत्न

By: Future Point | 01-Apr-2020
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प्रेम और वैवाहिक जीवन को सुखमय बनाता है यह सुंदर रत्न

ज़्यादातर लोगों के प्रेम संबंधों और वैवाहिक जीवन में किसी न किसी वजह से समस्याएं चलती रहती हैं जिसके कारण उनका जीवन तनावग्रस्त हो जाता है। कई बार यह समस्या इतनी बढ़ जाती है कि रिश्ता टूटने की कगार पर आ जाता है। इसके समाधान के लिए वे कई तरह के उपाय करते हैं लेकिन कोई राहत नहीं मिलती।

दरअसल, प्रेम तथा वैवाहिक जीवन में समस्याएं कुंडली में शुक्र ग्रह की कमज़ोर स्थिति के कारण आती हैं। शुक्र ग्रह प्रेम तथा आकर्षण का कारक ग्रह है। जब यह निर्बल होता है तो इसका असर आपके दांपत्य जीवन पर पड़ता है। एक दूसरे के प्रति आपका आकर्षण कम होने लगता है। जीवन में पहले की तरह रोमांस नहीं रह जाता। इस समस्या का समाधान ओपल रत्न धारण करके किया जा सकता है। ओपल शुक्र ग्रह का रत्न है जिसे पहनने पर शुक्र ग्रह को बल मिलता है और आपके रिश्ते में मज़बूती आती है। इसके अलावा यह आपकी पर्सनैलिटी में भी निख़ार लाता है। इसे पहनकर आप कॉन्फिडेंट महसूस करते हैं।

इस लेख में हम आपको ओपल रत्न (Opal Stone) के बारे में जानकारी देंगे। हम आपको इसके ज्योतिषीय महत्व, इसे धारण करने के लाभ क्या हैं? किस राशि के लोग इसे पहन सकते हैं? इसे कैसे पहनना चाहिए? ओपल रत्न की पहचान कैसे करें? क्या इसे पहनने के कोई नुकसान भी हैं? इन सब सवालों के जवाब देंगे। ओपल रत्न धारण करने के लिए यह जानकारी आपके लिए बेहद उपयोगी होगी।

ओपल रत्न क्या है?

ओपल शब्द की उत्पत्ति लैटिन शब्द ओलपस और यूनानी शब्द ओपैलियस से हुई है। यह धातु से बना जैल है जो बहुत ही कम तापमान पर किसी भी प्रकार की चट्टान में जमा हो जाता है। आमतौर पर यह चूना पत्थर, बलुआ पत्थर, आग्नेय चट्टान, मार्ल और बेसाल्ट के बीच में पाया जाता है। अपने अद्भुत रंग संयोगों के कारण यह सभी रत्नों में सबसे सुंदर रत्न माना जाता है। ओपल सफेद, भूरे हरे, नारंगी, लाल, पीले, बैंगनी, गुलाबी, स्लेटी, ऑलिव. बादामी और काले रंग का हो सकता है। इनमें सबसे ज़्यादा सफेद और हरे रंग के ओपल पाए जाते हैं जबकि लाल सबसे अधिक दुर्लभ है। वैवाहिक जीवन के लिए सफेद या दूधिया रंग का ओपल सबसे अधिक लाभदायक होता है।

तकनीकी संरचना

ओपल सिलिकेट खनिज परिवार से आता है। प्राकृतिक ओपल आमतौर पर दूधिया रंग का होता है। इसका रासायनिक सूत्र SiO2H2O (Silicon Dioxide combined with water) होता है। ओपल स्टोन में 30 प्रतिशत तक पानी हो सकता है। मोह्स स्केल (Mohs Scale) पर इसकी कठोरता 6.0 से 6.5 तक हो सकती है। ओपल ऑस्ट्रेलिया का राष्ट्रीय रत्न है जहां यह सबसे अधिक पाया जाता है। इसके अलावा यह इथोपिया, ब्राज़ील, मैक्सिको, सूडान, अमेरिका और दक्षिण अफ्रीका में भी पाया जाता है।

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ओपल रत्न का ज्योतिषीय महत्व

ओपल को संस्कृत में ओपला कहा जाता है जो ज्योतिष के अनुसार शुक्र ग्रह का रत्न है। जन्मपत्री में शुक्ल की कमज़ोर स्थिति और शुक्ल के प्रभाव को बढ़ाने के लिए ज्योतिषी इस रत्न को पहनने की सलाह देते हैं। शुक्र के कमज़ोर होने पर व्यक्ति का झुकाव गलत चीज़ों की ओर होने लगता है। ऐसे में यह रत्न व्यक्ति को धन, समृद्धि, संतुष्टि और प्रगति की ओर ले जाता है।

ओपल रत्न पहनने के लाभ

ओपल रत्न वैवाहिक समस्याओं को दूर करने के लिए पहना जाता है। जिन लोगों के वैवाहिक जीवन में तनाव हो उन्हें यह रत्न पहनने से लाभ होता है। इसके अलावा यह व्यापार, व्यवसाय और कई स्वास्थ्य समस्याओं से मुक्ति दिलाने में भी मददगार है। इसे धारण करने से आपको निम्न लाभ होते हैं:

  • ओपल रत्न पहनने से आपके व्यक्तित्व का विकास होता है। यह आपको हर परिस्थिति में ढलने के लिए तैयार करता है। दूसरों के सामने आप खुद को प्रभावशाली रूप से स्थापित कर पाते हैं।
  • ओपल रत्न आपके कलात्मक कौशल में निख़ार लाता है इसलिए संगीत, पेंटिंग, नृत्य, थिएटर और अन्य कलात्मक क्षेत्रों से जुड़े लोगों के लिए यह रत्न बेहद फ़ायदेमंद है।
  • ओपल वफ़ादारी, सच्चाई और सहजता लाता है। यह आपके चंचल स्वभाव को नियंत्रित करता है।
  • यह एक भावनात्मक रत्न है जो आपकी संवेदनशीलता को बढ़ाता है और सभी बाधाओं को दूर करता है।
  • जो लोग कपड़े, फ़ैशन, कलाकृतियों और महंगी कारों के व्यवसाय से जुड़े हैं, उनके लिए यह रत्न लाभदायक होता है।
  • ओपल जीवन में मौलिकता और गतिशीलता लाता है।
  • ओपल रत्न सामाजिक संबंधों में सुधार लाता है। इस रत्न को धारण करने पर आपकी वाणी में मधुरता आती है। आप अपनी बात लोगों के सामने ठीक तरह से रख पाते हैं। आपको लोगों का सहयोग मिलता है। समाज में आपका रुतबा बढ़ता है।
  • आंखों से संबंधित रोग के लिए ओपल वरदान है। यदि आपको आखों से संबंधित कोई भी समस्या है तो यह रत्न अवश्य धारण करें।
  • इसके अलावा यह मानसिक तनाव, अवसाद, उदासीनता, आलस्य और लाल रक्त कोशिकाओं से संबंधित रोगों से मुक्ति दिलाता है।
  • यह रत्न एंडोक्राइन सिस्टम (Endocrine System) और हार्मोनल स्राव को संतुलित करने में मदद करता है।
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वैवाहिक जीवन को सुखमय बनाता है ओपल रत्न

वैदिक ज्योतिष के अनुसार कुंडली में शुक्र की अशुभ स्थिति वैवाहिक जीवन में संघर्ष और असहमति का संकेत देती है। शुक्र ग्रह प्रेम, सुंदरता, सौम्यता और आकर्षण का कारक ग्रह होता है। कुंडली के सातवें भाव में शुक्र यदि कमज़ोर है तो वैवाहिक जीवन में प्रेम, शय्या सुख की कमी हो सकती है। प्रेम संबंधों में कलह, दरार, अनबन और अलगाव की स्थिति बन सकती है। ऐसे में ओपल रत्न आपके प्रेम और वैवाहिक जीवन में उम्मीद लाता है। आपके दांपत्य जीवन में यह प्रेम, रोमांस, जोश और शक्ति लाता है। इसलिए दांपत्य जीवन में स्थिरता लाने के लिए यह रत्न अवश्य पहनना चाहिए। यह रत्न यौन संबंधी समस्याओं को दूर करने में भी मदद करता है जिससे दांपत्य जीवन में रस और रोमांस बढ़ता है।

ओपल रत्न पहनने के नुकसान

रत्न हमारे लिए दवाई की तरह काम करते हैं। जिस तरह डॉक्टर की सलाह के अनुसार ही हम दवाइयां लेते हैं ठीक उसी तरह कोई भी रत्न किसी विशेषज्ञ ज्योतिषी की सलाह के अनुसार ही धारण करना चाहिए।

ओपल रत्न को अगर गलत तरीके से धारण किया जाए तो उससे आपको ये नुकसान हो सकते हैं:

  • आप पहले से ज़्यादा आलसी हो सकते हैं।
  • आपको अपना शरीर ठंडा महसूस हो सकता है।
  • आपकी त्वचा पीली और रूख़ी हो सकती है।
  • आपको बार-बार प्यास लग सकती है।
  • किसी भी काम में मन न लगना और जीवन के प्रति अरुचि बढ़ सकती है।
  • इसके अलावा नाइट फॉल (Nightfall) की समस्या हो सकती है।

ओपल रत्न की पहचान कैसे करें?

प्राकृतिक तौर पर पाए जाने वाले ज़्यादातर ओपल ऑस्ट्रोलिया में पाए जाते हैं। होंग कोंग और रूस में नकली ओपल बनाए जाते हैं जिन्हें व्यापारी असली बताकर बेचते हैं। यहां हम आपको कुछ टिप्स बता रहे हैं जिनसे आप असली और नकली ओपल रत्न की पहचान कर सकते हैं:

  • अगर ओपल असली है तो कटिंग और पोलिश करने के बाद भी वह सिमेट्रिक (Symmetrical) होगा।
  • अगर ओपल गोलाकार और ओवल आकार में भी है तो भी जांच लें कि वह लैब द्वारा प्रमाणित या लाइसेंस प्राप्त है या नहीं।
  • असली ओपल में अलग-अलग जगह देखने पर अलग-अलग रंग दिखाई देते हैं जबकि नकली ओपल में ऐसा नहीं होता।

कैसे धारण करें?

ओपल रत्न को आप सोने या चांदी के धातु में जड़वाकर पहन सकते हैं। इसे शुक्रवार के दिन या शुक्र की होरा में धारण करना उचित होता है। इसे हाथ की तर्जनी उंगली (Index finger) में धारण किया जा सकता है। पूरे विधि विधान से धूप-दीप और पूजा करके शुक्र देव को याद करते हुए “ॐ शुं शुक्राय नमः” मंत्र का 108 बार जाप करने के बाद इसे पहनना चाहिए।

किस राशि के जातक ओपल धारण करें?

भारतीय ज्योतिष शास्त्र के अनुसार तुला और वृषभ राशि के जातकों के लिए यह रत्न फायदेमंद होता है। वहीं पश्चिमी ज्योतिष शास्त्र में ओपल को तुला राशि के बर्थ-स्टोन के रूप में धारण करने की सलाह दी गई है। इसके अलावा मकर, कुंभ, कन्या और मिथुन राशि के जातक भी यह रत्न धारण कर सकते हैं। लेकिन इसके लिए किसी विशेषज्ञ ज्योतिषी की सलाह लेना ज़रूरी है। क्योंकि एक ही राशि के सभी लोगों की ग्रह दशा एक जैसी नहीं होती। सभी की कुंडली अगल-अलग होती है। कोई भी रत्न धारण करते समय जितना महत्व राशि का होता है उतना ही कुंडली में चल रही दशा-अंतर्दशा का भी होता है। इसलिए ओपल या किसी भी अन्य रत्न को धारण करने से पहले किसी विशेषज्ञ ज्योतिषी की सलाह लेना ज़रूरी होता है।

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कहां से प्राप्त करें?

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