Sorry, your browser does not support JavaScript!

क्या शादी से पहले हमें कुंडली मिलानी चाहिए?

By: Rekha Kalpdev | 01-May-2019
Views : 562
क्या शादी से पहले हमें कुंडली मिलानी चाहिए?

विवाह तय होने से पूर्व सभी अभिभावकों का यह प्रयास होता है की विवाह से पूर्व भावी वर-वधु का गुण मिलान कर लिया जाए। गुण मिलान कराने का उद्देश्य वैवाहिक जीवन की सफलता तय करना है। यह माना जाता है की गुण मिलान करने के बाद ही विवाह करने का निर्णय लिया जाता है। यदि 36 में से कम से कम 18 गुण मिलते है तो विवाह करने की अनुमति दे दी जाती है। अधिक गुण मिलना अति उत्तम माना जाता है। परन्तु यहाँ ध्यान देने योग्य बात यह है की मात्र गुण मिलान को ही विवाह की सफलता मान लेना, सही नहीं होगा। गुण मिलान करने से पूर्व कुंडली मिलान करना ज्यादा अच्छे रिजल्ट देता है, इसके साथ ही वैवाहिक जीवन को प्रभावित करने वाले अन्य ज्योतिषीय योगों का भी विश्लेषण करना चाहिए। आने वाला जीवन सुख से परिपूर्ण हो इसके लिए आवश्यक है की दोनों की कुंडलियों का सभी पक्षों से फलादेश किया जाए।

16 संस्कारों में से विवाह संस्कार अत्यधिक महत्वपूर्ण समझा जाता है। यह सही है की विवाह से पूर्व कुंडली मिलान करना परन्तु यह भी सही है की केवल इसके आधार पर विवाह ना करने का निर्णय लेना सही नहीं है। किसी भी अंतिम निर्णय पर पहुँचने से पूर्व दोनों कुंडलियों के सभी योगों को ध्यान देना अनिवार्य है। कुंडली विश्लेषण करते समय यदि किसी उपाय की आवश्यकता हो तो वह भी समय रहते करा लेना चाहिए।

गुण मिलान और कुंडली मिलान से भावी जीवन में वर वधु दोनों के जीवन की अनुकूलता का पता जलता है। फिर भी बिना कुंडली योग, दशा और गोचर का विशेलषण किए बिना यह नहीं जाना जा सकता की दोनों का शेष जीवन कैसा रहेगा। कुंडली मिलान में आठ कूटों का मिलान करने के बाद भी कई बार असमय दुर्घटना के स्थिति बनती है और वर-वधु दोनों में से एक का जीवन समाप्त हो जाता है, इस स्थिति में कुंडली मिलान या कुंडली मिलान ज्योतिषी को दोष देना सही नहीं होगा। कुंडली मिलान के अतिरिक्त निम्न ज्योतिषीय योगों पर भी विचार करना चाहिए -

Also Read: कैसे दाम्पत्य जीवन को सुखमय बनायें, ज्योतिष विधा के राशि अनुसार अचूक उपाय।

वैदिक ज्योतिष शास्त्र यह कहता है की जिन व्यक्तियों की कुंडली के विवाह भाव में शुक्र एवं बुध एक साथ स्थित हो। जन्मपत्री में जब मंगल 1, 4, 7, 8 और 12वें भाव में हो तो मांगलिक योग माना जाता है। इस योग को लग्न भाव के अतिरिक्त चंद्र राशि और शुक्र स्थित राशि से भी देखा जाता है। गुण मिलान प्रक्रिया में मंगलिंक योग नहीं देखा जाता है।

वैवाहिक जीवन की सफलता का आधार मात्र गुण मिलान को नहीं मानना है, इसके लिए शनिदोष और कालसर्पयोग देखना भी आवश्यक है। मंगल, शनि और राहु की स्थिति का विचार किए बिना, यह तय कर लेना की सिर्फ गुण मिलान से ही विवाह को सफल नहीं कहा जा सकता है। कई बार मांगलिक योग जन्म कुंडली में बनता तो जरूर है, लेकिन कुंडली में बन रहे अन्य योगों के फलस्वरूप इसका परिहार भी हो जाता है।

गुण मिलान और कुंडली मिलान करने का मुख्य उद्देश्य वैवाहिक जीवन में वर-वधु के मध्य सामंजस्य स्थापित करना है। आने वाला जीवन उन्नतिकारक और सफलतादायक रहे इसके लिए कुंडली मिलान कराया जाता है। विवाह की सफलता आपसी सामजंस्य, आर्थिक स्थिति, पारिवारिक स्थिति, सामाजिक स्थिति के साथ साथ संतान प्राप्ति पर निर्भर करती है।

इसके अतिरिक्त निंम्न योग पर भी ध्यान देना चाहिए -

  • शुक्र और बुध का दृष्टि सम्बन्ध होना और शुभ ग्रहों का प्रभाव होना चाहिए। इस स्थिति में यह माना जाता है की वर वधु की आयु लगभग एक समान होती है।
  • यदि जन्मकुंडली में शुक्र को शनि देखते हो और शुक्र से द्वितीय भाव में चंद्र स्थित हो तो वर से पूर्व वधु की मृत्यु होती है।
  • बुध ग्रह को सूर्य या राहु देखे और शुक्र ग्रह को सूर्य, चंद्र एवं राहु की दृष्टि आ रही हो तो भी वधु वर से पूर्व मृत्यु होती है। इस योग में यह भी देखा जाता है की मृत्यु ना होने पर तलाक के योग बनते है।
  • शुक्र को सूर्य, चंद्र और राहु एक साथ देखते हो तो वर के एक से अधिक विवाह होने की संभावनाएं बनती है।
  • बुध को शत्रु ग्रह देखता हो, और शुक्र को मित्र ग्रह देखते हो तो वधु की मृत्यु पति से पूर्व होती है या फिर दोनों का अलगाव होता है।
Astrology Consultation

ज्योतिष आचार्या रेखा कल्पदेव

कुंडली विशेषज्ञ और प्रश्न शास्त्री

ज्योतिष आचार्या रेखा कल्पदेव पिछले 15 वर्षों से सटीक ज्योतिषीय फलादेश और घटना काल निर्धारण करने में महारत रखती है. कई प्रसिद्ध वेबसाईटस के लिए रेखा ज्योतिष परामर्श कार्य कर चुकी हैं। आचार्या रेखा एक बेहतरीन लेखिका भी हैं। इनके लिखे लेख कई बड़ी वेबसाईट, ई पत्रिकाओं और विश्व की सबसे चर्चित ज्योतिषीय पत्रिका फ्यूचर समाचार में शोधारित लेख एवं भविष्यकथन के कॉलम नियमित रुप से प्रकाशित होते रहते हैं। जीवन की स्थिति, आय, करियर, नौकरी, प्रेम जीवन, वैवाहिक जीवन, व्यापार, विदेशी यात्रा, ऋण और शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य, धन, बच्चे, शिक्षा, विवाह, कानूनी विवाद, धार्मिक मान्यताओं और सर्जरी सहित जीवन के विभिन्न पहलुओं को फलादेश के माध्यम से हल करने में विशेषज्ञता रखती हैं।

Subscribe Now

SIGN UP TO NEWSLETTER
for free daily, weekly & monthly horoscope

Download our Free Apps

astrology_app astrology_app

100% Secure Payment

100% Secure

100% Secure Payment (https)

High Quality Product

High Quality

100% Genuine Products & Services

Help / Support

Call: 91-9911185551, 011 - 40541000

Helpline

9911185551

Trust

Trust of 35 yrs

Trusted by million of users in past 35 years