Sorry, your browser does not support JavaScript!

ज्‍योतिष में वक्री शनि का अर्थ और महत्‍व

By: Future Point | 27-Sep-2018
Views : 7363
ज्‍योतिष में वक्री शनि का अर्थ और महत्‍व

वैदिक ज्‍योतिष में शनि के महत्‍व और महिमा का उल्‍लेख मिलता है। आमतौर पर सभी ग्रह ब्रह्मांड में रैखिक प्रतिरूप में घूमते हैं। ज्‍योतिषशास्‍त्र के अनुसार प्रत्‍येक ग्रह समय-समय पर राशि परिवर्तन कर नई राशि में प्रवेश करता है। हालांकि, कभी-कभी ग्रह पीछे की ओर भी गोचर करते हैं और इन ग्रहों में शनि भी शामिल है। शनि की इस चाल को वक्री शनि कहा जाता है।

हर साल शनि वक्री होता है और वक्री होकर शनि लगभग साढ़े चार महीने तक एक ही राशि में विचरण करता है। वैदिक ज्‍योतिष की मान्‍यताओं के अनुसार शनि ग्रह अनुशासन, कानून, निर्देश, कर्म, धैर्य, देरी, थकान, असुरक्षा, मेहनत, गरीबी और कष्‍ट का कारक है। शनि देव व्‍यक्‍ति के जीवन में इन्‍हीं कारकों के लिए जाने जाते हैं।


Read: Gemstone for Shani Sade Sati


अगर आपकी जन्‍मकुंडली में शनि अशुभ फल दे रहा है तो ये आपके कार्यों में देरी लाता है और अगर आप लंबे समय से किसी कार्य या परिणाम की प्रतीक्षा कर रहे थे तो शनि के अशुभ प्रभाव के कारण उसमें भी देरी आती है। जब शनि नकारात्‍मक प्रभाव देता है तो जातक को अपनी मेहनत का फल नहीं मिल पाता है और सफलता पाने में भी उसे दिक्‍कत आती है। हालांकि, शनि ग्रह आपको अपने सपनों को पूरा करने के लिए प्रेरित करता है।

अगर जन्‍मकुंडली में शनि वक्री दशा में है तो आपको ज्‍यादा सावधान रहने की जरूरत है और इस दौरान आपको कुछ नियमों का पालन भी करना चाहिए। तो चलिए जानते हैं कि आपके जीवन में वक्री शनि की दशा और चाल का क्‍या प्रभाव पड़ता है।

जन्‍मकुंडली में वक्री शनि का प्रभाव

  • अगर किसी जातक की कुंडली में शनि वक्री चल रहा है तो इसका मतलब है कि उस जातक को अपने जीवन में कभी सुख की अनुभूति नहीं होगी। उसे हमेशा अधूरापन महसूस होगा और उसकी पहचान में कोई ना कोई कमी रहेगी।
  • जन्‍मकुंडली में वक्री शनि का सबसे बड़ा प्रभाव यही है कि इससे प्रभावित जातक पर हमेशा उसके माता-पिता का दबाव रहता है और उसे वही करना पड़ता है जो उसके माता-पिता कहते हैं। ये जातक अपने जीवन के निर्णय भी स्‍वयं नहीं ले पाते हैं। जैसे कि अगर कोई गायक बनना चाहता है तो उसे अपने माता-पिता की मर्जी से अपनी चाहत को ठुकराकर डॉक्‍टर बनना पड़ता है।
  • कुंडली में शनि वक्री चाल चल रहा हो तो वह व्‍यक्‍ति अपने करियर को लेकर असमंजस में रहता है। इनके मध्‍य जीवन में अपना करियर क्षेत्र बदलने की भी प्रबल संभावना होती है। इसकी वजह से इनके करियर में रुकावटें भी आ सकती हैं। इनके प्रोफेशनल जीवन और करियर में हमेशा संतुलन की कमी रहती है।
  • शनि के वक्री होने के कारण जातक को हमेशा मन में अस्‍वीकार्य होने का डर सताता रहता है। उसे डर रहता है कि कहीं उसकी छवि धूमिल ना हो जाए। वो खुद को दूसरों से कम समझने लगता है और उसे लगता है कि अब उसके जीवन में कुछ भी अच्‍छा या सकारात्‍मक नहीं रहा है।
  • जब शनि ग्रह वक्री दशा में हो तो जातक को सफलता की भूख रहती है और उसकी ये भूख कभी शांत नहीं हो पाती है। ऐसे लोग ज्‍यादा से क ज्‍यादा पैसा कमाने और लग्‍ज़री के पीछे भागते हैं। शनि के वक्री प्रभाव के कारण इन्‍हें जितनी भी सफलता और धन मिल जाए ये उससे संतुष्‍ट नहीं हो पाते हैं।
  • शनि के कुंडली में इस दशा में होने पर व्‍यक्‍ति में मानसिक असंतुलन, आत्‍मविश्‍वास में कमी, निंदा करना, दूसरों की आलोचना करने जैसे अवगुण रहते हैं। ये लोग हमेशा तनाव में रहते हैं और डिप्रेशन इन्‍हें घेरे रहता है। इन्‍हें हमेशा ये अहसास होता है कि ये दूसरों से कम हैं और इन्‍हें अपने अस्‍तित्‍व और पहचान पर ही संदेह होने लगता है।
  • शनि की यह स्थिति जातक को अपने जीवन के बड़े और महत्‍वपूर्ण निर्णय लेने में भी असक्षम बनाती है। ऐसे व्‍यक्‍ति हमेशा असमंजस में रहते हैं। इन्‍हें नई जिम्‍मेदारियों को भी उठाने से डर लगता है। ये दूसरों से वादे करने में भी कतराते हैं।
  • कभी-कभी शनि का वक्री प्रभाव जातक को खुद को दूसरों से बेहतर समझने की प्रवृत्ति भी देता है। उन्‍हें लगता है कि ऐसा करने और सोचने में कुछ गलत नहीं है। इस वजह से ये लोग अकेले पड़ जाते हैं और लोग इन्‍हें मूर्ख समझते हैं।
  • जब शनि उल्‍टी चाल चलता है तो ये किसी प्रतिबंध का प्रतीक होता है। इसका मतलब है कि उस व्‍यक्‍ति के जीवन में निराशा और तनाव ने अपनी जगह बना ली है। ऐसे व्‍यक्‍ति निराशावादी बन जाते हैं।
  • ऐसे लोग हमेशा भौतिक सुख की तलाश में रहते हैं और इस दुनिया की कोई भी चीज़ या वस्‍तु इन्‍हें संतुष्‍ट नहीं कर पाती है। ये अपने जीवन में कभी किसी भी चीज़ से खुश नहीं रह पाते हैं।
  • शनि के व्रकी होने का आपके जीवन में कुछ ऐसा ही असर पड़ता है। हालांकि, कुछ ज्‍योतिषीय उपायों की मदद से वक्री शनि के अशुभ प्रभावों को कम किया जा सकता है।

Related Puja

View all Puja

Subscribe Now

SIGN UP TO NEWSLETTER
Receive regular updates, Free Horoscope, Exclusive Coupon Codes, & Astrology Articles curated just for you!

To receive regular updates with your Free Horoscope, Exclusive Coupon Codes, Astrology Articles, Festival Updates, and Promotional Sale offers curated just for you!

Download our Free Apps

astrology_app astrology_app

100% Secure Payment

100% Secure

100% Secure Payment (https)

High Quality Product

High Quality

100% Genuine Products & Services

Help / Support

Call: 91-8810625600, 011 - 40541000

Helpline

8810625600

Trust

Trust of 36 years

Trusted by million of users in past 36 years