गुरु गोचर 2020 - 2021: प्रत्येक राशि पर प्रभाव

By: Vinay Garg | 25-Sep-2020
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गुरु गोचर 2020 - 2021: प्रत्येक राशि पर प्रभाव

गुरु का गोचर प्रत्येक वर्ष अपनी राशि परिवर्तित करता है। जिसके आधार पर हम किसी भी जातक का वर्ष कैसा रहेगा, इसके बारे में फलादेश कर पाते हैं। इस वर्ष गुरु 20 नवंबर को दोपहर 13 बजकर 23 मिनट पर अपनी धनु राशि से मकर राशि नीच मकर राशि में प्रवेश करंेंगे।

गुरु का यह गोचर मकर राशि में 20 नवंबर 2021 तक रहने वाला है। इस बीच गुरु की गति अधिक होने के कारण गुरु 6 अप्रैल से 14 सितंबर 2021 तक भी कुंभ राशि में रहेगा। लेकिन अंतिम रूप से कुंभ राशि में 20 नवंबर 2021 को ही जायेगा। आने वाले वर्ष 2020-21 में गुरु का मकर राशि में प्रवेश होने से द्वादश राशियों पर प्रभाव कैसा रहेगा वह इस प्रकार है।

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मेष राशि

इस राशि वालों के लिये गुरु का गोचर चन्द्र से दशम भाव में होगा। साथ ही यहां पर स्वराशि का शनि भी स्थित रहेगा। मकर राशि में स्थित गुरु दूसरे, चैथे और 6ठे भाव में दृष्टि डालेगा। इस प्रकार इस वर्ष जातक को अपनी कार्य-व्यवसाय में तरक्की मिलेगी।

जिनको नौकरी की तलाश है, उन्हें अच्छी नौकरी मिलने की संभावना है तथा जिन लोगों पर कर्ज चढ़ा हुआ है, वे लोग अपना कर्ज चुका पाने में समर्थ होंगे। आर्थिक स्थिति में सुधार होगा। साथ ही परिवार में कुटुंब से कोई खुशखबरी मिलेगी तथा कुटुंबी जनों के साथ अच्छा व्यवहार उससे सहयोग मिलता रहेगा। रोग शत्रुओं पर भी विजय प्राप्त होगी।

वृष राशि

मकर राशि में गुरु का गोचर वृष राशि वालों के लिये चन्द्र से 9वें भाव से होगा जो कि बहुत ही शुभ गोचर माना जाता है। इस वर्ष वृष राशि के लोगों के लिये भाग्य के नये द्वार खुलेंगे। इनका योगकारक शनि भी स्वराशि में स्थित रहेगा।

जिसके कारण वृष राशि वाले जातकों के लिए भाग्य स्थान पर गुरु और शनि का दोहरा गोचर प्रभाव होने के कारण उनके सभी रूके हुये कार्य आसानी से हो सकेंगे। नवम भाव में स्थित गुरु की दृष्टि 1, 3 और 5वें भाव में पड़ेगी। इस कारण वृष राशि के लोगों को समाज में मान-सम्मन, उत्तम स्वास्थ्य की प्राप्ति होगी।

3रे भाव में गुरु की दृष्टि जातक के द्वारा किये गये प्रयासों में सकारात्मक लाभ देगा। साथ ही उसके पराक्रम में वृद्धि करेगा तथा मनोबल को बढ़ायेगा। पंचम भाव गुरु की दृष्टि विद्यार्थियों को शिक्षा क्षेत्र में सफलता पारिवारिक लोगों को संतान की प्राप्ति या उससे शुभ समाचार दिलायेगा। साथ ही वृद्ध जन तीर्थ यात्राओं पर जायेंगे और उनके भाग्य में वृद्धि होगी।

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मिथुन राशि

इन राशियों वाले जातकों के लिये गुरु का गोचर अष्टम भाव से होगा तथा गुरु की दृष्टि द्वादश, द्वितीय भाव और चतुर्थ भाव पर होगी।

गुरु का अष्टम भाव में गोचर होने के कारण जातक को पैतृक संपत्ति की प्राप्ति होगी परंतु शेयर बाजार, लाॅटरी सट्टा आदि में नुकसान होने की संभावना बनेगी। पैतृक संपत्ति से प्राप्त धन स्वर्जित धन को मिलाकर अपना स्वयं का घर बन सकेगा। परिवार के कुछ लोग जातक की प्राप्ति से जलन महसूस करेंगे। अतः आप अपनी योजनाओं के बारे में जब तक सफलता प्राप्त नहीं हो जाती है तब तक किसी को भी इसके बारे में बतायें और ही चर्चा करें।

शेयर बाजार, लाॅटरी सट्टा आदि में निवेश करने से बचें। इसके अतिरिक्त यदि आप कोई बड़े निवेश की योजन बना रहे हैं तो अगले एक वर्ष तक के लिये या तो स्थगित कर दें या थोड़ा-थोड़ा ही निवेश सावधानीपूर्वक करें।

आपका धर्म ईश्वर में आस्था का भाव कम होगा। धार्मिक कार्यों में अरूचि बढ़ेगी। साथ ही स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखें। विद्यार्थी जन को अतिरिक्त परिश्रम की आवश्यकता पड़ेगी तभी सफलता प्राप्त हो पायेगी।

कर्क राशि

इन राशि वालों के लिये गुरु का गोचर सप्तम भाव से होगा अतः यह बहुत ही शुभ गोचर माना जाता है। इस वर्ष गुरु की सीधी सप्तम दृष्टि चन्द्र राशि पर होने के कारण जातकों के मन में उल्लास की भावना रहेगी तथा मनोबल बढ़ेगा। जो जातक अविवाहित है और विवाह की उम्र है, ऐसे जातकों का विवाह शीघ्र होने की संभावना है साथ ही व्यापारी वर्ग को अपने कार्य में सफलता प्राप्त होगा। व्यापारी वर्ग को नये व्यवसाय नये लोगों का साथ मिलेगा। जिससे वे अपने व्यापार को चैमुखी विस्तार करने में सफल हो सकेंगे।

आपको अपने जीवनसाथी का भरपूर सहयोग मिलेगा। उनका आपका दोनों का स्वास्थ्य अच्छा रहेगा। विद्यार्थीजनों को थोड़े से प्रयास से अधिक सफलता प्राप्त होगी। आपके नये स्रोत खुलेंगे। चिर प्रतीक्षित रूके हुये कार्य में सफलता प्राप्त होगी। घर-परिवार में कोई शुभ मांगलिक कार्य जैसे संतान का विवाह या पौत्र प्राप्ति भी हो सकती है। किये गये प्रयासों में सफलता मिलेगी तथा पराक्रम में वृद्धि होगी।

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सिंह राशि

आपके लिये गुरु छठे भाव में गोचर करेगा। अतः यह गोचर आपके लिये शुभ नहीं रहेगा। अतः इस समय आप अपने स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखें। आपको इस गोचरवश पेट से संबंधित या लीवर से संबंधित कोई परेशानी हो सकती है। स्त्री जातकों को विशेष रूप से थायराॅइड की शिकायत हो सकती है। धन प्राप्ति के स्रोतों में कमी आयेगी। निरर्थक यात्राऐं होंगी। विदेश यात्रा निष्फल रहेगी। पुत्र संतान की ओर से चिंता रहेगी। कोई नया ऋण आपको लेना पड़ सकता है।

छिपे हुये शत्रु आपकी छवि को नुकसान पहुंचाने का प्रयास करेंगे। अतः आप अपनी गुप्त योजनाओं और रणनीति की चर्चा किसी से करें। विद्यार्थीजनों को अथक प्रयास करना पड़ेगा, परंतु उनको प्रतियोगी परिक्षाओं में सफलता अवश्य प्राप्त होगी।  चन्द्रमा से शनि का गोचर छठे भाव में होने के कारण पैतृक संपत्ति का लाभ भी होगा। स्थान परिवर्तन होने की संभावना है जो लाभकारी रहेगा। व्यापार में निवेश सोच-समझकर सावधानीपूर्वक करना चाहिये। 

कन्या राशि

गुरु का गोचर चन्द्र से पंचम भाव में होने के कारण यह गोचर आपके लिये बहुत ही शुभ रहेगा। आपको अपने बुद्धि बल से किये गये कार्यों में सफलता मिलेगी। आप अपनी पढ़ाई में आशातीत सफलता प्राप्त करेंगे। पढाई में मन लगेगा। अच्छे मनोवांछित काॅलेज में प्रवेश मिलेगा। भाग्य के द्वार आपके लिये खुलेंगे। नौकरी करने वालों की आय में वृद्धि होगी। कार्य क्षेत्र में मान-सम्मान बढ़ेगा।

परिवार में नये सदस्य का प्रवेश होगा। नौजवान लोगों को प्रेम में सफलता प्राप्त होगी। प्रेमी जनों के विवाह होने की संभावना बनेगी। व्यापारी वर्ग नये क्षेत्रों में सफलता प्राप्त करेंगे। संतान प्राप्ति का प्रबल योग है, संभव है पुत्र संतान की प्राप्ति हो।

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तुला राशि

आपकी जन्मराशि से चैथे भाव में गुरु का गोचर होने के कारण आपके घर का वातावरण सुखमय, शांतिपूर्ण सौहाद्रपूर्ण रहेगा। यदि आप अपने लिये अपना नया घर बनाने या खरीदने की योजना बना रहे हैं तो आपकी यह योजना सफल होगी। इस दिशा में किया गया छोटा सा प्रयास आपका सार्थक होगा। नये वाहन की प्राप्ति हो सकती है। मानसिक शांति मनोबल अच्छा रहेगा। अतः शांतिपूर्ण दिमाग से किये गये कार्य आपको सफलता प्रदान करेंगे। माता-पिता का सहयोग मिलेगा।

आप उनकी सहायता भी करेंगे। आपको यदि अच्छी नौकरी की तलाश है तो वह पूर्ण होगी। भाग्य आपके साथ है। आप धार्मिक यात्रा भी करेंगे साथ ही आप अपने माता-पिता को दूरगामी तीर्थयात्रा पर भी ले जा सकेंगे। आपकी विदेश यात्रा सफल होगी। आपके जो भी महत्वपूर्ण कार्य हैं, इस समय आप उनको अवश्य पूरा कर लें। आपके सभी कार्य विशेष तौर पर नौकरी या व्यवसाय से संबंधित कार्य पूर्ण रूप से सफल होंगे।

वृश्चिक राशि

गुरु शनि का गोचर इस वर्ष आपकी जन्म राशि से तीसरे भाव में गोचर कर रहे हैं। इस कारण आप छोटी-छोटी यात्राएं करने में सफलता प्राप्त करेंगे परंतु उनसे बहुत ज्यादा सफलता की उम्मीद करें। छोटे भाई-बहनों का सहयोग प्राप्त होगा। आपका किसी भी क्षेत्र में किये प्रयास का लाभ तो मिलेगा परंतु जितना आप अनुमान लगायेंगे उससे कुछ कम ही मिल पायेगा।

संतान की तरफ से कोई शुभ समाचार मिलेगा। आपके पिता का स्वास्थ्य कुछ ढीला रह सकता है। अतः उनके स्वास्थ्य का विशेष रूप से ध्यान रखें। साथ ही आप अपने स्वास्थ्य का भी विशेष ध्यान रखें। आपके मन में आलस्य की भावना रहेगी, यदि आप अपने ऊपर आलस्य की भावना को हावी होने दें तो आपको अपने किये गये प्रयासों कार्यों में सफलता मिलेगी। व्यापार मन्दा रहने की संभावना है।

जीवन साथी का भाग्य उदय होगा जिसके कारण आपकी आर्थिक स्थिति मनोबल बना रहेगा। जीवनसाथी के सहयोग से आप अपने जीवन में महत्वपूर्ण कार्यों को पूर्ण करने में सफलता प्राप्त कर सकते हैं।

धनु राशि

आपकी जन्म राशि से दूसरे भाव से गुरु का गोचर होने के कारण आपकी आर्थिक स्थिति प्रबल रहेगी। आप धन संचय करने में सक्षम रहेंगे। घर में कोई शुभ मांगलिक कार्य होने की संभावना है। घर में कोई नयी संतान के जन्म होने की संभावना है या किसी पुत्र संतान के विवाह से घर-परिवार में सदस्य संख्या में वृद्धि होगी।

शत्रु पराजित होंगे। कोई कोर्ट-कचहरी या मुकदमेबाजी में विजय हासिल होगी। आप अपने बिजनेस पार्टनर से सतर्क रहें वह धोखा भी दे सकता है। हो सकता है कि आपके जीवनसाथी का स्वास्थ्य थोड़ा ढीला रहें, जिसके कारण आपके मन में चिंता की भावना बनी रहेगी। साथ ही जीवनसाथी से बहुत ज्यादा सहयोग की उम्मीद रखें। परंतु आपके कुटुंबीजन आपका पूरा सहयोग करेंगे।

आपके ऊपर शनि की साढ़ेसाती का तीसरा अंतिम चरण भी चल रहा है जिसके कारण मन में अनजाने डर की भावना बनी रहेगी। किसी झूठे आरोप के लगने से आत्मसम्मान को ठेस पहुंच सकती है। अतः शत्रुओं से सतर्क रहें।

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मकर राशि

आपकी जन्म राशि से गुरु शनि दोनों ही गोचर कर रहे हैं जिसके फलस्वरूप आपके ऊपर शनि की साढ़ेसाती की दूसरी ढैय्या चल रही है तथा गुरु का गोचर जन्म राशि पर होने के कारण वह आपके लिये लाभकारी भी है। अतः आपका मनोबल पिछले वर्ष की तुलना में बढ़ेगा। समाज में मान-सम्मान भी बढ़ेगा। गिरते हुए स्वास्थ्य में सुधार भी होगा।

जीवनसाथी का सहयोग मिलेगा। विद्यार्थी लोगों का पढ़ाई में पुनः मन लगना शुरू होगा। अपने अध्ययन को अब अधिक मन लगाकर कर पायेंगे तथा इस वर्ष पिछले वर्ष की तुलना में अधिक अंकों के साथ पास करेंगे। बिजनेस पार्टनर भी आपके महत्व को समझेगा।

परिवार में पुत्र संतान की प्राप्ति धर्म के प्रति पुनः निष्ठा विश्वास की भावना जागृत होगी। आप अपने बुद्धि बल के आधार पर समाज में पुनः सम्मान प्राप्त करेंगे। अनावश्यक खर्चों में कमी आयेगी। जमा धन में वृद्धि होगी। नौकरी में पदोन्नति जो रूकी हुयी थी वह भी मिलेगी।

कुंभ राशि

आपकी जन्मराशि से शनि और गुरु दोनों का गोचर द्वादश होगा। यह गोचर आपके लिये अशुभ है क्योंकि आपके ऊपर शनि की साढेसाती की पहली ढैया चल रही है। इसके कारण आपके मनोबल में कमी होगी। स्वास्थ्य में कमी रहेगी तथा अनावश्यक रूप से धन का अपव्यय भी होगा। अतः आप अपने खर्चों पर नियंत्रण रखें। अनावश्यक यात्राओं से बचें। आपके लिये यह वर्ष आमदनी कम और खर्च अधिक करायेगा। छिपे हुए शत्रु आपकी छवि को नुकसान पहुंचाने का प्रयास करेंगे। घरेलू वातावरण में अशांति का माहौल बनेगा।

संभव है कि आप कोई नया घर खरीदने या नया वाहन खरीदने की योजना बना रहे हों, यदि संभव हो सके तो इस योजना को एक वर्ष के लिये स्थगित कर दें। वरना आप अनावश्यक ऋण के बोझ तले दब जायेंगे। जिसके कारण मानसिक शांति भंग होगी अनावश्यक अनजाना डर आपके मन में पैदा होगा। तनावग्रस्त होने से बचें वरना आपका ब्लडप्रेशर बढने से स्वास्थ्य में परेशानी हो सकती है। इस वर्ष गुरु की आठवीं दृष्टि अष्टम भाव में पड़ रही है जिसके कारण आपके कार्यों को व्यवधान पैदा होगा काम में रूकावटें आयेंगी।

मीन राशि

इस वर्ष गुरु शनि का गोचर आपकी जन्म राशि से ग्यारहवें भाव से गोचर कर रहा है, जिसके कारण आपके लिये यह योग दोहरा लाभदायक प्रभाव देगा। जिसके कारण इस वर्ष में आपके सभी कार्य सुगमतापूर्वक बड़ी ही आसानी से पूरे होंगे। आपकी आय में आशातीत वृद्धि होगी। आपको यह वर्ष चहुंमुखी विकास करायेगा तथा चहुंमुखी लाभ देने वाला होगा। आपका स्वास्थ्य बहुत ही अच्छा रहेगा। माता का स्वास्थ्य भी सुधर जायेगा, उनकी आयु लंबी होगी। छोटे भाई-बहनों का सहयोग प्राप्त होगा। संचार माध्यमों से लाभ होगा। आपके द्वारा किये गये सभी प्रयास सफलतादायक रहेंगे।

पुत्र संतान की रूकी हुयी अभिलाषा पूर्ण होगी। संतान की ओर से प्रसन्नतादायक शुभ समाचार प्राप्त होंगे। संतान की उपलब्धि और सफलता से आपके मन में संतोष सुख की अनुभूति होगी। प्रेम प्रयासों में सफलता मिलेगी। व्यापारियों को अशा से अधिक सफलता प्राप्त होगी। आय के नये स्रोत खुलेंगे। अविवाहितों का विवाह होगा। बिजनेस पार्टनर व्यापार में लाभ करायेगा या कोई नया बिजनेस पार्टनर मिलेगा जिससे आनेवाले समय में लाभ मिलेगा। जीवनसाथी का सहयोग मिलेगा उनके स्वास्थ्य में सुधार होकर उनके मनोबल को बढ़ायेगा। घर परिवार में खुशहाली का माहौल बनेगा।

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