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चंद्र आपके लिए कैसे रहेंगे

चंद्र आपके लिए कैसे रहेंगे

By: Rekha Kalpdev | 03-Mar-2018
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चंद्र ग्रह नवग्रहों में से एक ग्रह हैं। चंद्र ग्रह जल तत्व के कारक ग्रह हैं। इसलिए पूर्णिंमा के दिन जलतत्वों में अप्रत्याशित उछाल और ज्वारभाटॆं आते हैं। चंद्रमा की दशा दस वर्ष की होती हैं। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार चंद्रदेव महर्षि अत्रि और अनुसूया के पुत्र है। अन्य विषयों के साथ चंद्र प्रेम के कारक ग्रह हैं। भावनाएं, संवेदनायें, सभी सेवाकार्य और निश्चल स्नेह चंद्र ग्रह के अंतर्गत आता है। आपके लिए चंद्र किसे प्रकार के रहने वाले हैं। आईये आपको इस आलेख के माध्यम से बताते हैं-

प्रथम भाव में चंद्र

आपकी कुंडली के पहले घर में चंद्रमा हैं। चंद्र की यह स्थिति आपको कामुकता पूर्ण बना रही हैं। आपको संगीत और व्यापार में स्वाभाविक रुचि रहेगी। आप बहुत दयालु और समाज में मान-सम्मान से युक्त रहेंगे। कभी कभी आपके मन में अवश्य अ़स्थिरता की स्थिति बनी रहेगी। इसके फलस्वरुप जीवन के कई अच्छे अवसर आपके हाथ से निकल सकते हैं। आप बहुत संवेदनशील, अप्रत्याशित और विनम्र है। आपमें अनिर्णय की स्थिति भी देखी जाती हैं। परन्तु स्थिति के नियंत्रण से बाहर होने से पहले आप आत्मसचेत हो जाते हैं। आपको जीवन में यात्राएं करने के अवसर अधिक मिलेंगे। आपको प्राप्त होने वाले अनुभव भी रोचक रहेंगे। आप आत्मनिर्भर एवं आत्मविश्वासी हैं। अतिसंवेदनशीलता आपके लिए परेशानी का कारण बनती हैं।


Chandra

द्वितीय भाव में चंद्र

आपकी कुंडली में चंद्रमा दूसरे भाव में है। इस भाव में चंद्र आपको मकान मालिक, अमीर और मधुरवक्ता बना रहा है। आप अपनी मधुरवाणी से लोगों का दिल जीत लेंगे। यह भी संभव हैं कि आपको घर-परिवार से दूर रहना पड़ जाए। व्यवसाय में लाभ होगा बशर्ते की आप विदेश में कारोबार करें। आप सबसे अधिक अपने परिवार के साथ स्नेह करते हैं। कुंडली का दूसरा घर धन संचय का भाव हैं। इस भाव में चंद्र आपको धन संचय के प्रति सतर्क बना रहा हैं। धन संचय करने में आपको रुचि अधिक रहेगी। आपको कलात्मक विषयों के प्रति रुचि रहेगी और आप कल्पनाशील भी रहेंगे। आपका परामर्श दूसरों के लिए लाभप्रद साबित हो सकता है। यह योग आपकी प्रारम्भिक शिक्षा उच्च स्तर के स्कूल में होने के संभावनाएं बना रहा हैं।

तॄतीय भाव में चंद्र

आपकी कुंडली में चंद्रमा तीसरे भाव में हैं। यह भाव प्रयासों, भाईयों और बहनों से संबंधित चिंताएं देता है। आप कार्यों में कड़ी मेहनत से कार्य करते हैं परन्तु थोड़ी सुस्ती भी आपमें रहती हैं। आपके भाई-बहनों में अधिक अंतर पाया जाता हैं। आप दूसरों के लिए सहयोगी साबित होती हैं। यह भी संभावना बनती है कि आप की बहनों के विवाह में देरी संभावित हैं साथ ही इनकी बहनों को वैवाहिक जीवन में सुख की कमी का अनुभव हो सकता है। जीवन के सभी विषयों में आप बहुत ईमानदार हैं। आपको जीवन में अनेक लघु यात्राओं और भाई-बहनों का सुख प्राप्त होगा। इसके अतिरिक्त आपकी रुचि संचार साधनों और लेखन में अधिक हो सकती हैं। आप एक अच्छे कवि और कलाकार हो सकते हैं। आपमें भावुकता और संवेदनाएं अधिक होती हैं।

चतुर्थ भाव में चंद्र

आपकी कुंडली में चंद्रमा चतुर्थ भाव में हैं। कुंडली का चतुर्थ भाव हमारी भावनात्मक ताकत का कारक हैं। मानसिक शांति और हमारी क्षमताओं की व्याख्या करता है। इस भाव में चंद्र की स्थिति आपको भौतिक सुख सुविधाओं से युक्त बना रही हैं। आपको आंतरिक शांति की तलाश रहेगी। आप दिल से बहुत संवेदनशील और भावुक प्रवृत्ति के हैं। दूसरों के लिए आपके ह्रदय में दया और संवेदना सदैव ही रहती हैं। आप अधिक से अधिक दूसरों के काम आने की भी कोशिश करते हैं। अन्य संबंधों की अपेक्षा आप का लगाव अपनी माता से सबसे अधिक रहने की संभावनाएं बन रही हैं। सेवा कार्यों में विशेष सुख का अनुभव करते हैं। आप आराम और शांति को अधिक महत्व देते हैं। दिल और फेफड़ों से जुडे रोगों के प्रति आपको सावधान रहना चाहिए।

पंचम भाव में चंद्र

आपकी कुंडली में चंद्रमा पंचम भाव में स्थित हैं। आप प्रेम विषयों में अधिक सक्रिय रहेंगे। धन अर्जित करने के लिए सही साधनों का प्रयोग करेंगे। कार्यक्षेत्र में व्यक्ति को सम्मान और सुख की प्राप्ति होगी। कभी कभी आप कुछ लालची और स्वार्थी भी हो जाते हैं। आपको अपनी योजनाओं को गुप्त रखने में विफलता मिलेगी। चंद्र प्रेम, मनोरंजन और बच्चों के घर में स्थित हों आपको इन विषयों के प्रति लगाव दे रहे हैं। आप को जीवन में अपनी मेहनत के अनुरुप फल प्राप्त नहीं हो पाएगा। शैक्षिक विषयों में सफलता प्राप्ति के उत्तम योग बन रहे हैं। अध्ययन कार्यों में एकाग्रता भी अधिक रहेगी। आप अधिक से अधिक सिखने में विश्वास रखेंगे। संतान सुख के प्रति अधिक चिंतित रहेंगे। आपमें कुछ-कुछ निराशा का भाव आ सकता है।


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षष्ठ भाव में चंद्र

आपकी कुंडली में चंद्रमा छ्ठे भाव में स्थित हैं। चंद्र की यह स्थिति से आपके आमतौर पर माता के साथ अप्रिय संबंध हो सकते हैं। कार्यक्षेत्र में आपका मंद गति से विकास होगा जिसके कारण आप अंसतुष्ट हो सकते हैं। दीर्घकाल में यह स्थिति मानसिक पीड़ा और अवसाद का रुप ले सकती हैं। कई बार आपके जीवन में यह असंतोष का कारण भी बनता हैं। सामान्यता: आप अपने जीवन में बाधाओं और समस्याओं का सामना करने की जगह इनसे बचने का प्रयास करते हैं। इसके अलावा आपको सामान्य से अधिक अस्वस्थता का सामना भी करना पड़ सकता हैं। आपका मामा-मौसी और नैनिहाल पक्ष से स्नेह अधिक रहेगा।

सप्तम भाव में चंद्र

आपकी कुंडली में चंद्रमा सातवें भाव में स्थित हैं। आपका जीवनसाथी बहुत संवेदनशील होगा। आपकी माता के समान आपकी सेवा, सुरक्षा और देखभाव करने वाला होगा। आपसी रिश्तों को लेकर आपमें अच्छी समझ होगी। वैवाहिक जीवन में भावनात्मक जुड़ाव होता है। आप रिश्तों को लेकर जल्दबाजी में रहते हैं। आप्को २४वें साल में शादी करने से बचना चाहिए। वैवाहिक जीवन के लिए यह अनुकूल नहीं रहता हैं। आपको अपनी माता के स्वास्थय का भी खास ध्यान रखना चाहिए। व्यवसायिक क्षेत्र में कई बार बदलाव करना पड़ सकता है। पर्यटन से संबंधित कार्य करने पर लाभ की संभावनाएं अधिक रहेंगी। आपके अपने जीवन साथी की माता से संबंध मधुर नहीं रहेंगे।

अष्टम भाव में चंद्र

आपकी कुंडली में चंद्रमा आठवां भाव में स्थित हैं। आपको पैतृक विरासत प्राप्त हो सकती हैं। गहरे पानी के संपर्क में जाने से आपको बचाव रखना चाहिए। यह योग आयु और स्वास्थ्य के लिए अनुकूल फलदायक नहीं है। इसके अतिरित आपको अपमान एवं निराशा से बचना होगा। जीवन में एक बार आप मृत्यु को छुकर वापस आयेंगे। कुछ अप्रत्याशित लाभ की प्राप्तियां भी आपको हो सकती हैं। ससुराल पक्ष से धन लाभ के उत्तम योग बन रहे हैं। आपका जीवन साथी आपके प्रत्येक कार्यों में सहयोगी रहेगा। व्यवसायिक स्थल पर आपको अपना कार्य पूर्ण करने के लिए दूसरों के संसाधनों पर निर्भर रहना पड़ता है। नेत्रों से संबंधित रोगों के प्रति सतर्क रहना होगा।

नवम भाव में चंद्र

आपकी कुंडली में चंद्रमा नवम भाव में स्थित हैं। आप अपने भाग्य के स्वयं भाग्यनिर्माता हैं। यह योग आपकी लोकप्रियता को बेहतर कर रहा हैं। आप धर्म क्रियाओं और धार्मिक विषयों में रुचि लेंगे। इसके अतिरिक्त आप विद्वान और साहसी भी हैं। कर्मशील बने रहने पर सफलता स्वयं चलकर आपके पास आएगी। आप कार्यों को विशेष प्रकार से कर सराहना प्राप्त करते हैं। दान-पुण्य और आध्यात्मिक कार्यों में अधिक से अधिक समय देना पसंद करते हैं। कभी कभी आप जिद्दी भी हो जाते हैं। सदैव न्याय के पक्षधर रहते हैं। समाज में आपको सम्मान प्राप्त होगा। आपको विदेश यात्राएं करने के कई अवसर प्राप्त होंगे।

दशम भाव में चंद्र

आपकी कुंडली में चंद्रमा दशम भाव में स्थित हैं। चंद्र इस भाव में आपको एक उत्तम व्यवसायी, चरित्रवान एवं प्रतिष्ठित पद प्रदान कर रहे हैं। आप महत्वाकांक्षी तो होंगे साथ ही आप कर्म करने में भी पीछे नहीं हटेंगे। कोई भी कार्य करने से पूर्व आप इसका विचार अवश्य करते हैं कि इसका प्रभाव आपके सामाजिक जीवन पर कैसा रहेगा। यह योग आपकी प्रबंधकीय क्षमता को बेहतर कर रहा हैं। कार्यक्षेत्र में आप पूर्ण समर्पित होकर कार्य करते हैं। अपनी योग्यताओं और प्रतिभा का पूरा उपयोग करते हैं। रात्रि में आप दूध का सेवन करने से बचें। स्वयं से अधिक दूसरों की सलाह से कार्य करना आपके लिए फायदेमंद साबित हो सकता है। आपको एक उच्च पद तो प्राप्त होगा। परन्तु आप बार बार नौकरी में बदलाव का विचार बनायेंगे।


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एकादश भाव में चंद्र

आपकी कुंडली में चंद्रमा एकादश भाव में स्थित हैं। आपके आसपास के लोग वफादार हैं, जिनका सहयोग आपको लाभ देगा। सब के साथ रिश्ते मजबूत बनाए रखने के लिए आप स्वार्थी होने से बचें। मित्रों और ग्रुप पर खर्च करने में रुचि लेते हैं। आपकी सफलता और आय में अस्थिरता की स्थिति रहेगी। आपके मित्रों में महिलाओं की तादाद अधिक रहेगी। आप सभी की भावनाओं का पूर्णता सम्मान करते हैं। व एक प्रेरक शक्ति के रुप में कार्य करेंगे। मित्रों के साथ आपके रिश्ते बहुत अंतरंग होते हैं। लक्ष्यों को पान एके लिए आपको कार्यों में स्थिरता बनाए रखनी होगी। मित्रों को अपनी सहूलियतों के हिसाब से प्रयोग करने से बचें। अपने आदशों पर स्थिर रहें।

द्वादश भाव में चंद्र

आपकी कुंडली में चंद्रमा द्वादश भाव में स्थित हैं। वैवाहिक जीवन में शयनकक्ष से जुड़ी समस्याएं रहने के कारण तनाव और चिंता की स्थिति रहेगी। स्वयं और संतान के स्वास्थ्य से जुड़े विषय भी आपके कष्ट का कारण बन सकते हैं। आय में अस्थायित्व की स्थिति तथा आय में कमी रहेगी। यह स्थिति आपकी मानसिक शांति को भंग कर सकती हैं। साथ ही आपको अधिक व्ययों व धन हानि जैसी दिक्कतें भी रहेंगी। अपने सम्मान के प्रति आप सतर्क रहेंगी। प्राकृतिक आपदा से नुकसान की स्थिति बन सकती है। कानून और व्यवस्था के नियमों का सख्ती से पालन करें। आराम और निद्रा में कमी की स्थिति आपकी परेशानियां बढ़ाएगी। साथ ही अपनी भावनाओं पर नियंत्रण रखें और बेवजह आवेश में आने से बचें।

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