मोहम्मद शमी - हैट्रिक टेकर द वर्ल्ड क्रिकेट कप 2019

By: Future Point | 04-Jul-2019
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मोहम्मद शमी - हैट्रिक टेकर द वर्ल्ड क्रिकेट कप 2019

आईपीएल का नशा अब उतर चुका है, क्रिकेट फैंस के दिलो-दिमाग पर अब सिर्फ और सिर्फ क्रिकेट विश्व कप छाया हुआ है। आईपीएल में किंग्स, कोई रॉयल्स या कोई सुपरकिंग्स की टीम को खेलते देखने के बाद ब्लू ड्रेस में भारतीय क्रिकेट टीम को खेलते देखना बहुत सुखद अनुभव देता है। विश्व क्रिकेट कप चार साल में एक बार होता है और विश्व स्तर की टीमें इस प्रतियोगिता के आयोजन का हिस्सा रहती है। यह क्रिकेट का सबसे बड़ा और सबसे प्रतिष्ठित टूर्नामेंट है। भारत की क्रिकेट टीम के कप्तान विराट कोहली के शब्दों में कहें तो इस बार का विश्वकप सबसे ज्यादा चुनौतीपूर्ण रहने वाला है। कोई भी टीम उलटफेर कर सकती है। 29 जून 2019 को होने वाला मैच भारत और अफगानिस्तान के मध्य था। इस मैच को भारत ने 11 रनों से जीता। मैच का रोमांच आखिरी ओवर तक बना रहा है। इस मैच में चत्मकारिक प्रदर्शन करने वाले शमी रहें। यदि मोहम्मद शमी ने आखिरी ओवर में गेंदबाजी ना की होती तो खेल का रुख कभी भी पलट सकता था। इस मैच में मोहम्मद शमी ने आखिरी ओवर में लगातार तीन विकट लेकर हैट्रीक ली। जब एक गेंदबाज लगातार 3 गेंदों पर 3 विकेट लेता है; इसे क्रिकेट में हैट्रिक कहा जाता है।

यह गर्व का विषय है कि हर पहला क्रिकेट विश्व कप हैट्रिक भारत के चेतन शर्मा ने लिया था। अपनी इस हैट्रिक में चेतन शर्मा ने न्यूजीलैंड के तीन खिलाड़ियों केन रदरफोर्ड, इयान स्मिथ और इवेन चैटफील्ड को इसमें आउट किया था।

आईये जाने की इससे पहले कौन कौन से बालर ले चुके है हैट्रिक चेतन शर्मा के बाद मोहम्मद शमी दूसरे गेंदबाज़ है जिन्होंने भारत की ओर से वर्ल्ड क्रिकेट कप में हैट्रिक ली है। भारत के चेतन शर्मा ने 1987 में नागपुर में न्यूज़ीलैंड के ख़िलाफ़ हैट्रिक लगाई थी।
विश्व कप और हैट्रिक इतिहास

1987 भारत चेतन शर्मा
1999 पाकिस्तान सकलेन मुश्ताक
2003 श्रीलंका चामिंडा वास और ऑस्ट्रेलिया के ब्रेट ली
2007 श्रीलंका लसित मलिंगा
2011 वेस्ट इंडीज़ केमार रोच और श्रीलंका के लसित मलिंगा
2015 इंग्लैंड स्टीवन फिन और दक्षिण अफ्रीका के जेपी डुमिनी
2019 भारत मोहम्मद शमी

क्रिकेट विश्व कप के बाद से अब तक 9 गेंदबाजों ने 10 हैट्रिक ली हैं। लसिथ मलिंगा क्रिकेट जगत के एकमात्र खिलाड़ी हैं जिन्होंने क्रिकेट विश्व कप में दो हैट्रिक ली। इसके साथ ही लसित मलिंगा एकमात्र ऐसे गेंदबाज है जिन्होंने चार गेंदों में चार विकेट लिए है। मलिंगा ने 2007 विश्व कप में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ यह उपलब्धि हासिल की। क्रिकेट विश्व कप के इतिहास में भारत और श्रीलंका एकमात्र ऐसी दो टीमें हैं जिनके 2 खिलाड़ियों ने क्रिकेट विश्व कप में हैट्रिक ली है। विश्व कप की पहली क्रिकेट हैट्रिक भारतीय खिलाड़ी ने ली थी और वर्तमान में चल रहे विश्व कप क्रिकेट में 10वीं हैट्रिक भी एक भारतीय गेंदबाज मोहम्म्द के द्वारा ली गई है। यह काफी आश्चर्यजनक है कि 1985, 1992 और 1996 के क्रिकेट विश्व कप में कोई भी हैट्रिक नहीं ली गई है। बांग्लादेश, अफगानिस्तान, जिम्बाब्वे और आयरलैंड एकमात्र टेस्ट मैच खेलने वाली टीमें हैं जिन्होंने आईसीसी क्रिकेट विश्व कप में कोई हैट्रिक नहीं ली। यह उल्लेख करने के लिए कि 2003 और 2015 के विश्व कप केवल दो विश्व कप हैं, जिसमें दो हैट्रिक ली गई हैं।

लीजिए बात हो रही थी, मोहम्मद शमी की हैट्रिक की और हम हैट्रिक के इतिहास पर चर्चा करने लगे। विषय से ना हटते हुए, हम अपने मुख्य विषय पर वापस आते हैं। आज हम मोहम्मद शमी की कुंडली का अध्ययन कर रहे हैं कि कौन से ज्योतिषीय योगों ने मोहम्मद शमी को विश्व प्रसिद्ध गेंदबाज बनाया-

मोहम्मद शमी कौन है

फिरोजशाह कोटला में वेस्टइंडीज के खिलाफ मैच जीतने के बाद मोहम्मद शमी ने एक बार फिर से सुर्खियां बटोरी। निस्संदेह मोहम्मद शमी समकालीन भारतीय क्रिकेट के सबसे बड़े खजाने में से एक है। यहां तक की यात्रा उत्तर प्रदेश (यूपी) के एक दूरदराज के गांव में जन्म लेने वाले लड़के के लिए एक कठिन यात्रा रही है। बॉलीवुड में बायोपिक्स पर मूवी बनाने का चलन है। इस श्रेणी में मिल्खा सिंह से लेकर मैरी कॉम और, सबसे हालिया, एमएस धोनी तक रहे है। फिल्म्न निर्माता उन कहानियों पर निवेश करने के लिए काफी तैयार हैं, जो एक स्पोर्ट्स पर्सन के संघर्ष को दर्शाती हैं।

यदि यह प्रवृत्ति जारी रहती है, तो जल्द ही मोहम्मद शमी के जीवन पर भी कोई निर्माता यदि फिल्म बनाने की घोषणा कर दें तो आपको आश्चर्य नहीं होना चाहिए। क्योंकि मोहम्मद शमी वर्तमान में भारत का गेंदबाजी का केंद्र बने हुए है और उत्तर प्रदेश के सुदूर गांव से भारतीय ड्रेसिंग रूम तक की उनकी अविश्वसनीय यात्रा में हर मसाला है जो एक बायोपिक के लिए आवश्यक है। 2014 मे शमी की शादी हसीन जहाँ से हुई जो की मॉडेलिंग की दुनिया से थी। दोनों का तलाक भी हो चुका है। 2015 मे उनके घर एक बेटी ने जन्म लिया जिसका नाम आयरा शमी है। 2017 में इनके पिता की हार्ट अटैक के कारण मृत्यु हो गयी। लगभग एक साल से शमी और इनकी पत्नी का पारिवारिक जीवन विवादित चल रहा है।

शुरुआती दिन

शमी की यात्रा मुरादाबाद के निकटवर्ती गाँव सहसपुर के खेतों में शुरू हुई। प्रारम्भ में सहसपुर अपनी चीनी मिलों के लिए अधिक प्रसिद्ध था। सहसपुर ने भी कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि वह कभी चीनी की जगह अपने यहां जन्में किसी व्यक्ति के लिए जाना जाएगा। मोहम्मद शमी एक गरीब परिवार से ताल्लुक रखते है। यह कहानी है एक पतले और शर्मीले युवा लड़के के जिसने एक छोटे से गांव से निकलकर तेज गेंदबाजी में नाम कमाया। शमी को अपने पिता और चाचा से तेज गेंदबाजी का कौशल विरासत में मिला। मोहम्मद शमी के पिता तौसिफ अली भी क्रिकेटर बनना चाहते थे पर गरीबी के कारण उन्हें अपने सपने को छोड़ना पड़ा। हालाँकि उनके भाई ने उच्च स्तर पर क्रिकेट खेला, वे अपनी गेंदबाजी क्षमताओं के लिए प्रसिद्ध थे।

शमी की सफलता की यात्रा

शमी के पिता अपने 15 साल के बेटे को सहसपुर से लगभग 22 किलोमीटर दूर मुरादाबाद में क्रिकेट कोचिंग के लिए क्रिकेट कोच बदरुद्दीन के पास ले जाया करते थे। कोच बदरुद्दीन ने क्रिकेट कंट्री के साथ एक विशेष बातचीत में उन दिनों को याद करते हुए कहा कि “जब मैंने पहली बार शमी को 15 साल के बच्चे के रूप में नेट्स पर गेंदबाजी करते हुए देखा था, उस समय मुझे लगता था कि यह कोई साधारण लड़का नहीं है। इसलिए मैंने उसे प्रशिक्षित करने का फैसला किया। एक साल के लिए मैंने उसे यूपी के ट्रायल के लिए तैयार किया, क्योंकि हमारे यहाँ क्लब क्रिकेट नहीं है।

शमी शुरु से ही बहुत सहयोगी, बहुत नियमित और बहुत मेहनती था। अंडर 19 ट्रायल में स्थान ना पाने पर शमी के कोच ने उसे कोलकाता भेजा, यह वह निर्णय था जिसने उसके सारे जीवन को बदल दिया। अपनी प्रतिभा के बल पर शमी बंगाल रणजी ट्रॉफी टीम के नियमित सदस्य बन गए। उन्होंने पाकिस्तान के खिलाफ एक दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय (एकदिवसीय) डेब्यू किया है। अंत में, ईडन गार्डन्स में वेस्ट इंडीज के खिलाफ एक ड्रीम टेस्ट की शुरुआत (उन्होंने नौ विकेट लिए) ने शमी के जीवन को वह स्थान दिया, जिसके वह काफी हकदार थे।

एक शर्मीला सा किशोर जो एक दिन अपने सपने को पूरा करने के लिए मुरादाबाद से कोलकाता के लिए ट्रेन में सवार हुआ था आज वो भारतीय क्रिकेट टीम में भारतीय गेंदबाजी आक्रमण का सबसे महत्वपूर्ण सदस्य है। शमी वह शख्स जो कभी एक दिन में 100 रुपये भोजन का पाता था आज वह कोलकाता के एक प्रमुख स्थान पर एक बीएमडब्ल्यू और एक लक्जरी फ्लैट का मालिक है। शान और ग्लैमर के बावजूद, शमी डाउन-टू-अर्थ, मृदुभाषी व्यक्ति बना हुआ है, जो अपने पुराने क्लब और पुराने साथियों के साथ जब भी अपने शहर जाता है तो उनसे मिलना और मस्ती करना नहीं भूलता है,। उस समय वह भूल जाता है कि वह आज चैंपियन है।

2013 के बाद से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अपने देश का प्रतिनिधित्व करने वाले भारतीय तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी को हतोत्साहित करने वाली घटना घटित हुई, खेलते हुए वो चोटिल हो गए। दो महीने उन्हें बिस्तर में रहना पड़ा। शारीरिक रुप से परेशान रहें, और टीम का हिस्सा न होने के वजह से मानसिक तनाव भी उन्होंने इस समय में सहा, उनकी पत्नी गर्भवती थी, इसलिए चोट ने न केवल उनके पेशे को बल्कि उनके पारिवारिक जीवन को भी प्रभावित किया। संक्षेप में, शमी नौ महीने के लिए खेल से बाहर हो गए।

शमी के शब्दों में - "ऐसे समय में किसी का सामना नहीं करना चाहिए। यह वास्तव में कठिन समय था। जब चोट लगी तो डॉक्टरों ने मुझे दो महीने के लिए बिस्तर से उठने से रोक दिया। मेरे लिए वह सबसे कठिन समय था। मुझे केवल बाथरूम तक चलने की अनुमति थी। ”

मोहम्मद शमी को मिली एक नई पहचान

आज शमी किसी परिचय के मोहताज नहीं है, उनके नाम से उनके माता-पिता और उनके शहर को एक नई पहचान मिली है। मोहम्मद शमी 2015 वर्ल्ड कप में भारत की ओर से सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज है। मोहम्मद शमी ने अपने डेब्यू मैच पर 4 मेडन ओवर डाल कर रिकॉर्ड बनाया है। मोहम्मद शमी की खासियत है कि वे नयी गेंद को भी और पुरानी गेंद को भी निरंतर 140 किमी/घंटा की रफ़्तार पर स्विंग करा सकते है और इसीलिए वे आधुनिक क्रिकेट के सबसे खतरनाक तेज गेंदबाजों में से एक है। मोहम्मद शमी वर्ल्ड कप में भारत के लिए दूसरे सबसे सफल गेंदबाज है।

आईये अब इनकी जन्मपत्री का अध्ययन करते हैं-

(जन्मसमय के अभाव में हम चंद्र कुंडली का अध्ययन कर रहे हैं)
09 मार्च 1990, अमरोहा, उत्तर प्रदेश

मोहम्मद शमी की कुंडली कर्क राशि की है। चंद्रमा स्वराशि में केतु के साथ स्थित है, शनि धनु राशि छ्ठे भाव, मंगल, शुक्र और राहु सप्तम, सूर्य-बुध आठवें और गुरु द्वादश भाव में है। इनका जन्म बुध के आश्लेषा नक्षत्र में हुआ, इस नक्षत्र में जन्म का प्रभाव इनके व्यक्तित्व का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इनकी दॄष्टि में एक ऐसी शक्ति है जिन्होंने इन्हें प्रभावित करने की शक्ति दी है। शारीरिक रुप से इन्हें हष्ट पुष्ट बनाया, वाणी में मधुरता दी, बुद्धिमानी और नेतृत्व शक्ति दी, जो इन्हें शीर्ष स्थान तक लेकर आयी। सबसे बड़ी बात यह है कि अपने जन्म नक्षत्र के प्रभाव से शमी किसी पर भी आंख मूंदकर विश्वास नहीं करते है, अपनी स्वतंत्रता में किसी का दखल इन्हें अच्छा नहीं लगता। अपनी बातों का अनुसरण करने वालों के लिए पूर्ण सहयोगी बने रहते है।

2017 से इनका व्यक्तिगत जीवन कष्ट्कारी बना हुआ है, पहले पिता की मृत्यु और बाद में इनकी पति से विवाद ने इन्हें अंदर से तोड़ दिया। इस समय शनि इनके शत्रु भाव पर गोचरस्थ थे, शनि के इस गोचर ने शत्रुओं, रोगों और परेशानियों को इनके जीवन में जोड़ दिया। शनि इस जन्मराशि के लिए सप्तमेश और अष्ट्मेश होने के कारण मारकेश और छिद्र भाव के स्वामी होने के कारण अत्यंत कष्ट्कारी हो जाते है। परन्तु इसी शनि ने इनके कर्मभाव को सक्रिय किया। शनि ने अपनी दशम दृष्टि से पंचम भाव को बल प्रदान किया और इनका करियर में प्रदर्शन उत्तम रहा। गुरु गोचर में इस समय इनके पंचम भाव पर है। वहां से गुरु भाग्य को बली और आय, सम्मान, उन्नति को बेहतर कर रहे है। यह ग्रह स्थिति 5 नवम्बर 2019 तक रहेगी। तब तक इन्हें सम्मान, सफलता और उन्नति मिलती रहेगी। इसके पश्चात 2020, मार्च से गुरु का गोचर मकर राशि में शनि के साथ होगा और वहां से भाग्य एवं आय भाव एक बार फिर से सक्रिय हो जायेंगे, वह समय भी इनके लिए स्वर्णिंम रहने वाला है।
विश्व क्रिकेट कप 2019 के बेस्ट बालर की उपाधि शमी अपने नाम कर सकते है।

 


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