आपके घर में रहने वाले कुत्ते-बिल्ली खिंच लेते हैं नकारात्मक ऊर्जा | Future Point

आपके घर में रहने वाले कुत्ते-बिल्ली खिंच लेते हैं नकारात्मक ऊर्जा

By : Future Point
Expert Review : Dr. Arun Bansal, Vedic Astrologer | 45+ Years Experience
Published : 13-Jun-2018आपके घर में रहने वाले कुत्ते-बिल्ली खिंच लेते हैं नकारात्मक ऊर्जा

मनुष्य का जानवरों से प्राचीन काल से ही संबंध रहा है। दोनों एक दूसरे के पूरक रहे हैं। मनुष्य जानवरों व जीव-जन्तुओं को भोजन व आश्रय देता आया हैं तो जानवर भी उन्हें विश्वासभरा स्नेह और सुरक्षा दोनों देता रहा हैं। पेड़-पौधों की तरह पशु-पक्षी भी पर्यावरण का हिस्सा रहें हैं और प्रकृति में संतुलन बनाए रखने में इनकी भी महत्वपूर्ण भूमिका रही हैं।

पशु-पक्षियों की इंद्रियां मनुष्य से अधिक विकसित रही हैं, अपने व्यवहार और विशेष संकेतों के द्वारा वह आने वाली अशुभ घटनाओं और आपदाओं की सूचना देता रहा हैं। वास्तु शास्त्र के अनुसार यह माना जाता हैं कि घर में पशु-पक्षियों को पालने, रखने और उनकी परवरिश करने से ये जीव-जन्तु अपने आसपास की माहौल में व्याप्त नकारात्मक ऊर्जा को स्वयं ग्रहण कर वातावरण को सकारात्मक बनाते हैं। इससे बहुत से आने वाली परेशानियों की जानकारी मिलने से व्यक्ति सावधान हो जाता हैं। यह किस प्रकार होता हैं आज इस आलेख में आपको हम यही जानकारी देने जा रहे हैं। आईये जाने कैसे-

पितर दोष की शांति

पूर्व जन्मों के कर्मों के फलस्वरुप व्यक्ति की कुंडली में पितर दोष का निर्माण होता हैं, जिस व्यक्ति की कुंडली में यह योग बनता हैं, उस व्यक्ति का व्यक्तिगत, सामाजिक और आर्थिक जीवन पीडि़त रहता हैं। पितॄ दोष शांति के अनेक उपायों में से एक उपाय कुत्ते की सेवा करना है।

कुत्ता भैरों जी का वाहन हैं। कुत्ते को खाना देने और सेवा करने से भैरों जी प्रसन्न होते हैं। इससे पितॄ दोष में कमी होती है और व्यक्ति का जावन सुखमय बनता हैं। अन्य कई ग्रहों के अशुभ प्रभाव में भी कुत्ता पालने से कमी होती हैं।

इंद्रियों के अधिक सक्रियत का लाभ

यह सर्वविदित है कि कुत्ते की कुछ इंद्रियां मनुष्य जाति से अधिक सक्रिय होती हैं। इन्हीं सक्रिय इंद्रियों के प्रभाव स्वरुप कुत्तों में नकारात्मक शक्तियों को भापनें व अनुमान लगाने की शक्ति अधिक होती हैं। अपनी शक्तियों के बल पर कुत्ते जान लेते हैं कि भविष्य में घर पर किसी तरह की परेशानी आने वाली हैं। यह माना जाता है कि कुत्ता इन बुरी शक्तियों को स्वयं पर ले लेता हैं। ऐसा जब होता हैं जब सामान्य से देखने वाला कुत्ता असामान्य दिखें।

शनि, राहु और केतु की शांति

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार यदि जन्मकुंडली में शनि, राहु और केतु सुस्थित ना हों तो ये ग्रह शुभ फल नहीं दे पाते हैं। इस स्थिति में ग्रहों की शांति के लिए कुत्ते और देव वाहनों का पूजन करने की सलाह दी जाती है। जैसे - शनि ग्रह की अशुभता को दूर करने के लिए काले कुत्ते को रोटी खिलाना शुभता देता हैं। राहु के लिए भी काले कुत्ता की सेवा व केतु शांति के लिए दो रंग के कुत्ते को भोजन दिया जाता हैं।

बिल्ली के विषय में कहा जाता है कि यह जिस घर में रहती हैं उस घर में नजर दोष नहीं रहता और नकारात्मक ऊर्जा को अपने में खींच लेती हैं। घर को सकारात्मक बनाए रखने के लिए घर में बिल्ली पाई जाती हैं। बिल्ली को चंद्रमा से संबंधित ग्रह माना गया हैं। बिल्ली को पालने से चंद्र ग्रह को अनुकूल किया जा सकता हैं। इसके अतिरिक्त मछलियां भी पाली जाती हैं। जिन्हें घर में शुभता बनाए रखने के लिए पाला जाता हैं। घर के वातावरण में पशु-पक्षियों को पालने से घर में सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती हैं।

ध्यान रखने योग्य बातें-

घर में कोई भी पशु-पक्षी पालने से पूर्व यह जान लें कि क्या यह आपके लिए शुभ रहेगा। इसकी जानकारी जन्मकुंडली की सूक्ष्म अध्ययन से प्राप्त की जा सकती हैं। विभिन्न ग्रहों की पशु, पक्षी और अन्य जीव-जन्तु अलग अलग होते हैं। आपको कौन सा पशु या पक्षी पालना यह आपकी कुंडली का अध्ययन कर कोई ज्योतिषी ही बता सकता हैं। यदि इस बात का ध्यान नहीं रखा जाता हैं तो गलत ग्रह का पशु या पक्षी पालने से अनुकूल फल के स्थान पर प्रतिकूल फल की प्राप्ति भी हो सकती हैं।