facebook Kanya Varsik Rashifal - जाने कन्या राशि वार्षिक राशिफल के बारे में

वार्षिक राशिफल (कन्या राशि)

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इस वर्ष शनि मकर राशि में पंचम भाव में और राहु वृष राशि में नवम भाव में रहेंगे। 6 अप्रैल को गुरू कुम्भ राशि में षष्ठ भाव में प्रवेश करेंगे और वक्री होकर 14 सितम्बर को मकर राशि में पंचम भाव में गोचर करेंगे और मार्गी होकर फिर से 20 नवम्बर को कुम्भ राशि में षष्ठ भाव में आजाएंगे। मंगल अपनी सरल गति से गोचर करेंगे। 17 फरवरी से 19 अप्रैल तक शुक्र अस्त रहेंगे।

कार्य व्यवसाय़

व्यवसाय की दृष्टि से यह वर्ष शुभ रहेगा। वर्षारम्भ में कार्य व्यवसाय से अच्छा लाभ प्राप्त होगा। 6 अप्रैल के बाद समय और अधिक अनुकूल हो जायेगा। आप कुछ नया कार्यआरम्भ कर सकते हैं। नौकरीकरने वाले व्यक्ति को अपने कार्य स्थल पर मान-संमान प्राप्त होगा। 14 सितम्बर के बाद आपके लाभ में और अधिक वृद्धि के योग बने हुए हैं।

धन सम्पत्ति

आर्थिक दृष्टि से यह वर्ष अनुकूल रहेगा। एकादश स्थान पर गुरू एवं शनि की संयुक्त दृष्टि प्रभाव से आपके धनागम में निरंतरता बनी रहेगी। आपकी आय का साधन और अधिक सुदृढ़ होगा। आप मनोरंजन के साधनों के अतिरिक्त सन्तान की उन्नति से भी धन लाभ की आशा कर सकते हैं। आपको शेयर मार्केट तथा सट्टा कार्यों से भी लाभ होगा।

परिवार एवं समाज

पारिवारिक दृष्टिकोण से यह वर्ष मिला-जुला रहेगा। वर्षारम्भ में अधिक व्यस्तता के कारण परिजनों को अधिक समय नहीं दे पाएंगे। लेकिन परिवार में सुख शान्ति का वातावरण बना रहेगा। पंचम स्थान में शनि एवं गुरू की युति प्रभाव से नवविवाहित व्यक्तियों को संतान सुख की प्राप्ति होगी। आपको अपने अग्रजगणों से स्नेह व लाभ प्राप्त होता रहेगा। समाज में सम्मान व प्रतिष्ठा में लाभ होगा। 6 अप्रैल से 14 सितम्बर तक समय थोड़ा प्रभावित हो सकता है। उसके बाद फिर से अनुकूल हो जाएगा। यह वर्ष सन्तान की उन्नति हेतु शुभ है।

संतान

पंचम स्थान में शनि एवं गुरू की युति प्रभाव से नवविवाहित व्यक्तियों को संतान सुख की प्राप्ति होगी। संतान के लिए वर्ष का प्रारम्भ अनुकूल रहेगा। आपके बच्चोंकीशिक्षा के प्रति रूचि बढ़ेगी। उच्च शिक्षा प्राप्त करने हेतु उच्च संस्थान में दाखिला मिल जाएगा। यदिवह विवाह के योग्य है, तो उनका विवाह संस्कार भी हो जाएगा।आपकी दूसरी सन्तान की आय व पराक्रम के लिए ग्रह गोचर विशेष शुभ है।

स्वास्थ्य

स्वास्थ्य की दृष्टि कोण से वर्ष का प्रारम्भ अनुकूल रहेगा। लग्न स्थान पर गुरू की दृष्टि प्रभाव से आप मानसिक रूप से सन्तुष्ट एवं शारीरिक रूप से स्वास्थ्य रहेंगे। 6 अप्रैल से 14 सितम्बर तक गुरू ग्रह का गोचर छठे स्थान में होगा। इस समय के अंतराल आपका स्वास्थ्य थोड़ा प्रतिकूल हो सकता है और अचानक बीमार हो सकते हैं। सुबह सुबह व्यायाम या योगा करना आपके लिए लाभ प्रद रहेगा।14 सितम्बरके बाद का समय स्वास्थ्य के लिए अनुकूल है।

करियर एवं प्रतियोगी परीक्षा

प्रतियोगिता परीक्षा के लिए यह वर्ष सामान्य फलदायक रहेगा। करियर में सफलता प्राप्ति होगी। व्यावसायिक शिक्षा प्राप्त करने वालों के लिए समय अच्छा है। विद्यार्थियों के लिए वर्ष का प्रारम्भ बहुत बढि़या रहेगा। 6 अप्रैल के बाद रोजगार की प्राप्ति के अवसर मिलेंगे।

यात्रा

नवम स्थान का राहु आपको लम्बी यात्रा करा सकता है। इस वर्ष आप हर प्रकार की यात्राएंकरेंगे। 6 अप्रैल के बाद विदेश यात्रा भी कर सकते हैं। नौकरी में स्थान परिवर्तन तथा स्थानान्तरण के योग बने हुए हैं। कुल मिलाकर यह वर्ष यात्राओं के लिए शुभ है।

धर्म कार्य एवं ग्रह शान्ति

धार्मिक कार्यों के लिए वर्ष अनुकूल रहेगा। मन धार्मिक कार्यों में आकृष्ट होगा। गुरुजनों का सम्मान करेंगे। उनकॆ उपदेशों का पालन करेंगे। समय समय पर गरीबों की सहायता करेंगे। • स्फटिक श्रीयन्त्र अपने पूजा के घर में स्थापित करें और उसके सामने नित्य घृतदीप जलाएं। • राहु ग्रह के मन्त्र का पाठ करें एवं काली वस्तुओं का दान करें। • अपने से बड़े लोगों का आशीर्वाद प्राप्त करें।

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कन्या राशि के सामान्य गुण

भौतिक लक्षण कन्या राशि

मध्यम कद, काले बाल और आंख, त्वरित चुस्त चाल, वास्तविक आयु से कम के प्रतीत होते हैं, विकसित छाती, सीधी नाक, पतली और तीखी आवाज, धनुषाकार धनी भौंहें, गर्दन या जांधों पर निशान।

अन्य गुण :

बहुत बुद्धिमान, विश्लेषक, विलक्षण बुद्धि वाला अन्य की भावनाओं और त्रुटियों का निंदक। भाषाओं के ज्ञानी होते हैं और किसी प्रक्रिया को समझने में वैज्ञानिक दृष्टिकोण का उपयोग करते हैं। भावनाओं में बह जाते हैं। सोच समझ कर निर्णय लेते हैं। आत्मविश्वास की कमी, घबराये से रहते हैं। सुव्यवस्थित अपने विचार की बारीकियों को समझने में सक्षम होते हैं। स्वयं के स्वार्थ के प्रति जागरूक, मितव्ययी, कूटनीतिज्ञ, चतुर होते हैं। गृहसज्जा में निपुण, गणितज्ञ, परविद्या में रुचि होती है।

संभावित रोग कन्या राशि :

उदर रोगों से सावधान रहना चाहिए। पेचिश, टायफायड, पथरी आदि संभाव्य रोग है। विवाह में विलंब, वैवाहिक जीवन सुखी, संतान कम होती है। आय उत्तम, कार्य-व्यवसाय में सफलता, संपत्ति के मालिक होते हैं। नाममात्र की व्याधि होने पर भी डॉक्टर के पास चले जाते हैं। पृथ्वी तत्व की राशि होने के कारण बागवानी और खेती में रुचि लेते हैं। धन संचय में रुचि होती है।

20 से 25 वर्ष की आयु में सफल और साहसी होते हैं। 25 से 35 वर्ष की आयु में स्वयं का मकान होता है। 36 से 48 वर्ष कष्टप्रद होते हैं। 49 से 62 वर्ष सौभाग्यशाली होते हैं, अचानक लाभ होता है। 23 और 24वें वर्ष बहुत उत्तम रहते हैं जबकि 4, 16, 22, 36 और 55 वें वर्ष कष्टप्रद होते हैं। जीवन के अंतिम चरण में टी. बी. हो सकती है।

स्त्री राशि, मनोरंजन के स्थान, चारागाह, शुभ राशि, मध्यम कद शीर्षोदय राशि, पौधों वाली भूमि, कन्धों तथा भुजाओं का झुकना, सच्चा दयालुता, काले बाल, अच्छी मानसिक योग्यता, विधि अनुसार कार्य करने वाली तर्कशील होती है।

कन्या राशि के उपयुक्त व्यवसाय

लेखाकार, मनोचिकित्सक, क्लर्क, डॉक्टर, पायलट, संपादक और लेखक, स्टेशनरी की दुकान

कन्या राशि की मित्र राशि

मिथुन, वृषभ, तुला, मकर, कुंभ राशि

कन्या राशि का तत्व

पृथ्वी

कन्या राशि का संबद्ध चक्र

विशुद्ध

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