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nakshatra 2020

वार्षिक राशिफल (मिथुन राशि)

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इस वर्ष शनि धनु राशि में सप्तम भाव में रहेंगे। 23 मार्च को राहु मिथुन राशि में प्रथम भाव में प्रवेश करेंगे। 29 मार्च को गुरू धनु राशि में सप्तम भाव में प्रवेश करेंगे और वक्री होकर फिर से 23 अप्रैल को वृश्चिक राशि में षष्ठम भाव में गोचर करेंगे और फिर मार्गी होकर 05 नवम्बर को धनु राशि में सप्तम भाव में आजाएंगे।

कार्य व्यवसाय़

कार्य व्यवसाय की दृष्टि से यह वर्ष सामान्य रहेगा। सप्तम स्थान में शनि के प्रभाव से आप धीरे धीरे व्यापार में उन्नति करेंगे। आप किसी नयी योजना की तलाश में होंगे और बहुत जल्दी ही अपनी गुप्त योग्यताओं के चलते किसी बड़ी कम्पनी के साथ मिलकर कार्य प्रारंभ करने में सफल हो सकेंगे। 29 मार्च से 23 अप्रैल तक आप व्यापार में बहुत अच्छा लाभ प्राप्त कर सकते हैं। दशमेश गुरू के षष्ठ स्थान में जाने के कारण नौकरी करने वालों के लिए अनुकूल है। आपका स्थानान्तरण आपके अनुकूल स्थान पर हो सकता है।

धन सम्पत्ति

वर्षारंभ में दि्वतीय स्थान पर राहु की स्थिति आर्थिक उतार चढ़ाव का योग बना रही है। अचानक कुछ ऐसे खर्चे आ जाएंगे। जिससे आपकी आर्थिक स्थिति कमजोर हो सकती है। जोखिम भरे कार्यों में धन निवेश न करें। 23 मार्च के बाद आर्थिक स्थिति में सुधार होना शुरू हो जाएगा और उसके बाद वर्ष भर आपकी आर्थिक स्थिति बहुत अच्छी रहेगी।

परिवार एवं समाज

पारिवारिक दृष्टिकोण से यह वर्ष मिला-जुला रहेगा। वर्षारंभ में परिवार में किसी के साथ आपका वैचारिक मतभेद हो सकता है। आपको अपने जीवनसाथी के स्वास्थ्य का भी ध्यान रखना होगा। 23 मार्च के बाद पारिवारिक स्थिति में उत्तरोत्तर सुधार होता जायेगा। यदि आप विवाह योग्य हैं तो आपका विवाह हो सकता है। संतान के लिए यह वर्ष बहुत अनुकूल नहीं है। मार्च अप्रैल के मध्य अचानक आर्इ व्यावसायिक उन्नति से आपके मान सम्मान में वृद्धि होगी।

संतान

संतान के लिए यह वर्ष बहुत अनुकूल नहीं है। षष्ठस्थान में गुरू ग्रह का गोचर संतान के लिए अच्छा नहीं होता। इस वर्ष आपको अपनीसंतान को लेकर चिन्ताएं बढ़ सकती हैं। उनका स्वास्थ्य भी प्रभावित हो सकता है। 23 मार्च के बाद पंचम स्थान पर राहु ग्रह की दृष्टि होगी। उस समय गर्भपात की व संतान के स्वास्थ्य के प्रभावित होने के योग हैं। उनकी पढ़ार्इ लिखार्इभी प्रभावित हो सकती है।

स्वास्थ्य

स्वास्थ्य की दृष्टि से यह वर्ष बहुत अनुकूल नहीं है। गुरू के छठे स्थान में होने के कारण पेट संबंधित बीमारी हो सकते है। यदि आप खान-पान पर विशेष ध्यान नहीं देंगे तो इसका नकारात्मक प्रभाव स्वास्थ्य पर पड़ेगा। तनाव कम करने के लिए इस अवधि में आप अपने मन को एकाग्रकर समाधि और योग क्रियाओं को कर सकते हैं। इससे उत्साह का संचार होगा और आप अपने को अच्छा बनाए रखने में कामयाब रहेंगे।

करियर एवं प्रतियोगी परीक्षा

यह वर्ष विद्यार्थियो के लिए प्रतियोगिता परीक्षाओं के लिए अनुकूल परंतु वर्षारंभ में कुछ कठिनार्इयां आ सकती हैं। 23 मार्च के बाद आत्मविश्वास में वृद्धि होगी व उच्च शिक्षा के अभिलाशी जातक अपनी रूचि अनुसार कार्य क्षेत्रों में सफलता प्राप्त कर पायेंगे।

यात्रा

यात्रा की दृष्टि से यह वर्ष ठीक ठाक रहेगा। सप्तम स्थान का शनि व्यापारिक व्यक्तियों को व्यवसाय से सम्बन्धित यात्रा कराएंगे। यह यात्रा आपके लिए लाभप्रद सिद्ध होंगी। द्वादश स्थान पर गुरू ग्रह की दृष्टि प्रभाव से आप विदेश यात्रा कर सकते हैं। विदेश जाकर उच्च शिक्षा प्राप्त करने वाले विद्यार्थियो के लिए समय बहुत अनुकूल है।

धर्म कार्य एवं ग्रह शान्ति

धर्म कार्य के लिए यह वर्ष सामान्य फल दायक रहेगा। नित्य पूजा पाठ करते रहेंगे। लेकिन नवम स्थान पर शनि राहु के दृष्टि प्रभाव से कोर्इ विशेश पूजा करने में बाधा उत्पन्न हो सकती है। • महामृत्युंजय यन्त्र अपने घर में स्थपीत करें और नित्य उसका पूजन करे। • दि्वज, देव, ब्राह्मण, बुजुर्ग, गुरु व मंदिर के पूजारी की सेवा सुश्रूषा करें। • पीली दाल, केला व बेसन की मिठार्इ मंदिर में दान करें एवं गुरुवार का व्रत करें।

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मिथुन राशि के सामान्य गुण

भौतिक लक्षण मिथुन राशि

लंबा, सुडौल शरीर, पतले और लंबे हाथ, मध्यम रंग, थोडी के पास गड्ढा, सक्रिय, स्पष्ट वचन, तीखी-सक्रिय काली आंखें, लंबी नाक, चेहरे पर मस्सा।

अन्य गुण :

साहसी, मानव स्वभाव का ज्ञान, सहानुभूतिपूर्ण और दयालु। ज्ञान, मौलिकता और चुस्ती में उत्तम, वक्त की नजाकत तुरंत भांप लेते हैं। घोखाघड़ी के कारण हानि उठाते हैं। ईश्वर की सहायता उपलब्ध होती है। जरूरत के मुताबिक स्वयं को ढाल लेते हैं। परिवर्तनशील मिज़ाज़, धैर्यहीन, बेचैन। मानसिक कार्यों में प्रवीण। संकल्पशक्ति कमजोर, निर्णयक्षमता तीव्र और एकाग्रता उत्तम होती है। यंत्र विज्ञान में प्रवीण होते हैं। प्रत्येक विषय की जानकारी रखते हैं। वार्तालाप में उत्कृष्ट रहते हैं, कवि, वक्ता, लेखक, संगीतज्ञ आदि होते हैं। दो व्यवसाय भी हो सकते हैं। दो कार्य साथ-साथ सफलतापूर्वक संपन्न कर सकते हैं। नौकरी में किस्मत साथ नहीं देती है। समाज में सम्मान होता है। महिलाओं द्वारा कार्य में बाधा या हानि होती है। विपरीत लिंग के व्यक्तियों के साथ सावधानी बरतनी चाहिए। धर्म और अध्यात्म में रुचि होती है। महिलाओं इनकी कमजोरी होती है। उनका स्नेह पाने में प्रवीण होते हैं। सामाजिक उत्सवों आदि में भाग लेने के लिए तत्पर रहते हैं। विवाह में उत्साह और रुचि रहती है।

संभाव्य रोग मिथुन राशि :

जुकाम, खांसी, यक्ष्मा, इंफ्लुएंजा। 33 से 46 वर्ष की आयु का समय इनके जीवन का स्वर्णकाल रहता है। 47 से 56 वर्ष में कष्ट रहते हैं। आयु के 6, 21 और 32 वें वर्ष अशुभ होते हैं।

जहां नर्तक, संगीतकार, कलाकार वेश्याएं रहती हैं, उनका प्रतिनिधित्व करती है। शयनकक्ष, मनोरंजन करना, ताश खेलना आदि स्थानों की स्वामी है। यह उभयोदय राशि, घुंघराले बाल, काले ओष्ठ, अन्य व्यक्तियों को समझने में चतुर, उन्नत नाक, संगीत में रुचि, गृह कार्य में रुचि, पतली, लम्बी उंगलियां, मध्य दिन में बली रहती है। पुरुष राशि है।

मिथुन राशि के उपयुक्त व्यवसाय

शिक्षा, साहित्य, अनुवाद नौकरियाँ, विज्ञापन एवं लेखन, संपादकों, उपन्यासकार, इंजीनियरिंग

मिथुन राशि की मित्र राशि

वृषभ, कन्या, तुला, मकर, कुंभ राशि

मिथुन राशि का तत्व

हवा

मिथुन राशि का संबद्ध चक्र

विशुद्ध

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