वार्षिक राशिफल (कुंभ राशि)

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इस वर्ष शनि 24 जनवरी को मकर राशि में द्वादश भाव में प्रवेश रहेंगे। वर्ष के प्रारम्भ में राहु मिथुन में पंचम भाव में होंगे और 19 सितम्बर के बाद वृष राशि में चतुर्थ भाव में प्रवेश करेंगे। 30 मार्च को गुरू मकर राशि में द्वादश भाव में प्रवेश करेंगे एवं वक्री होकर 30 जून को धनु राशि में एकादश भाव में गोचर करेंगे और फिर से मार्गी होकर 20 नवम्बर को मकर राशि में द्वादश भाव में आजाएंगे। 31 मर्इ से 8 जुन तक शुक्र अस्त रहेंगे।

कार्य व्यवसाय़

व्यवसाय के दृष्टिकोण से यह वर्ष सामान्य फलदायक रहेगा। वर्ष के शुरुआत में सप्तम स्थान पर गुरू की दृष्टि साझेदारी व्यापार का योग बना रही है। यदि आप कुछ नया करने जा रहे हैं तो उस क्षेत्र से जुड़े अनुभवी लोगों की सलाह जरूर लें। कार्य स्थल पर अपने परिवार के लोगों को सम्मिलित न करें। जोखिम उठाने से बचें। निवेश के मामले में सावधानी बरतें अन्यथा व्यापार में हानि उठानी पड़ सकती है।नौकरी करने वालों के लिए कुछ तनाव की स्थिति रह सकती है तथा स्थानान्तरण के भी योग बन रहे हैं।

धन सम्पत्ति

आर्थिक दृष्टि से यह वर्ष सामान्य फलदायक रहेगा। दि्वतीय स्थान पर शनि की दृष्टि के कारण धनागम रहते हुए भी आप इच्छित वचत नहीं कर पाएंगे। कुछ खर्चे तो अचानक आ सकते हैं जिससे आपका आर्थिक स्थिति बिगाड़ सकता है। अतः पहले से इस मामले को जानकर आप अभी से अतिरिक्त धन संचय कर सकते हैं। आर्थिक निवेश के लिए यह समय बहुत अनुकूल नही है। यदि आप निवेश करना चाहते है तो उस क्षेत्र से जुड़े लोगो की सलाह जरूर ले। अनावश्यक व्यय से बचें। यात्राओं पर धन व्यय होने के योग हैं। सट्टा व शेयर मार्केट आदि में निवेश करने से बचें।

परिवार एवं समाज

पारिवारिक दृष्टिकोण से यह वर्ष मिला-जुला रहेगा। अधिक व्यस्तता के कारण परिजनों को अधिक समय नहीं दे पाएंगे। परन्तु आपका पारिवारिक माहौल अनुकूल रहेगा। पंचम स्थान का राहु आपके पुत्र का स्वास्थ्य खराब कर सकता है। सन्तान सम्बन्धी चिन्ताएं बनी रह सकती हैं। इस वर्ष आपके भार्इयों का पूर्ण सहयोग प्राप्त होगा और उनके साथ माधुर्य का समन्वय बना रहेगा। 19 सितम्बर के बाद राहु ग्रह का गोचर चतुर्थ स्थान में होगा। उसके बाद परिवार में कुछ चिन्ता व अनावश्यक घबराहट के कारण उपस्थित हो सकते हैं। मां के स्वास्थ्य के मामले में सावधानी की आवश्यकता है।

संतान

संतान के मामले में पंचम स्थान का राहु आपके पुत्र का स्वास्थ्य खराब कर सकता है। सन्तान सम्बन्धी चिन्ताएं बनी रह सकती हैं।उनकी सफलता के मार्ग मे कुछ परेशानी आ सकती है। फिर भी वह अपने परिश्रम के बल पर सफलता प्राप्त करेंगे। आपकी दूसरी संतान के लिए समय अनुकूल है। 30 जून के बाद उसका विवाह संस्कार हो सकता है। पंचम स्थान का राहु गर्भवती स्त्रियों के लिए गर्भपात के संकेत लेकर आ रहा है अतः सावधानी बरतें।

स्वास्थ्य

स्वास्थ्य की दृष्टि से यह वर्ष सामान्य फलदायक रहेगा। जो पेट के मरीज है वह अपने स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान दें। राहु व शनि का गोचर मानसिक अशान्ति उत्पन्न कर सकता है। लेकिन आपके स्वास्थ्य पर उसका ज्यादा नकारात्मक प्रभाव नहीं रहेगा। आप रोज सुबह सूर्य की ताजा किरणों का आनन्द लेते हुए सूर्य नमस्कार करें। जिससे आपके शरीर पर किसी प्रकार का बुरा प्रभाव नहीं पड़ेगा। 19 सितम्बर के बाद समय धीरे धीरे अनुकूल होना शुरू हो जाएगा। उस समय चर्बी बढ़ाने वाले वस्तु का सेवन कम करें नहीं तो आप का मोटापा बढ़ सकता है।

करियर एवं प्रतियोगी परीक्षा

वर्ष के प्रारम्भ में प्रतियोगिता परीक्षार्थियों के लिए समय शुभ नहीं रहेगा। आप विदेश जा कर तकनीकि शिक्षा प्राप्त करना चाहते हैं तो इसमें कुछ कठिनार्इ आ सकती है। षष्ठ स्थान पर गुरू एवं शनि की संयुक्त दृष्टि प्रभाव से आप प्रिंतयोगिता परीक्षा में सबसे आगे रहेंगे। सरकारी अफसरों और वरिष्ठ लोगों का सहयोग प्राप्त होगा, जिससे आपको कार्यों में लाभ प्राप्त हो सकता है परन्तु पंचमस्थ राहु के गोचरीय प्रभाव के चलते बनते-बनते कार्यों में अचानक रुकावट आ सकती है।19 सितम्बर के बाद रुकावटें समाप्त होंगी तथा सफलता प्राप्ति का मार्ग कुछ सरल होगा।

यात्रा

इस वर्ष आपकी खूब यात्राएं होंगी। 30 मार्च के बाद द्वादश स्थान में शनि एवं गुरू की युति के प्रभाव से विदेश यात्रा के योग बन सकते हैं। यह यात्रा आपके लिए अनुकूल सिद्ध होगी। नवम स्थान पर राहु की दृष्टि के कारण यात्राओं में कुछ मुश्किलें आ सकती हैं परन्तु 19 सितम्बर के बाद इस प्रकार की कठिनार्इयों से छुटकारा मिल जायेगा। इस वर्ष आप धार्मिक यात्रायों का आनन्द नही ले पाएंगे।

धर्म कार्य एवं ग्रह शान्ति

धर्म स्थान पर शनि एवं राहु की संयुक्त दृष्टि के कारण आपका पूजा पाठ, र्इश्वर भक्ति आदि में विशेष रूझान नहीं हो पाएगा। आप का मन भी अशान्त रहेगा। 19 सितम्बर के बाद इष्टदेव में आपकी श्रद्धा भक्ति बढ़ेगी। • प्रत्येक मंगलवार के दिन हनुमान जी को चोला चढ़ाए और हनुमान चालीसाया सुन्दरकाण्ड का पाठ करें। • गरीब लोगों को काला कम्बल दान करें तथा अनाथ आश्रम में अन्न दान करें। • सुबह सुबह पीपल के वृक्ष के नीचे जल चढाये। और साम के समय वहा चौमुखी दीपक जलाएं। • संतान गोपाल मन्त्र का पाठ करें। • दुर्गा सप्तशति का पाठ करें।

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कुंभ राशि के सामान्य गुण

भौतिक लक्षण कुंभ राशि

मध्यम कद, हष्ट-पुष्ट, चेहरा सुंदर और गोल, गाल भरे हुए, कनपटियां और जांघें विकसित होती हैं। गोरा रंग, भूरे बाल, असुंदर दांत, पिंडलियों में मस्सा, शरीर पर घने बाल हाथ और पैर मोटे, नसें विकसित होती हैं।

अन्य गुण धर्म :

मानवीय दृष्टिकोण और प्रगतिशील जीवन और उसकी समस्याओं के प्रति स्वस्थ दृष्टिकोण रखते हैं। संकोची होते हैं, निर्णय लेने से पूर्व पूर्ण नापतोल करते हैं या अन्य लोगों द्वारा कार्यारंभ करने तक प्रतीक्षा करते हैं। सदा सतर्कता, धैर्य, एकाग्रता, अध्ययनशीलता से युक्त रहते हैं। वार्तालाप रुचिकर होता है। स्पष्टवादी, सबके प्रिय होते हैं। दयालु, अध्ययन प्रेमी और सज्जन होते हैं। प्रकृतिप्रेमी होते हैं। मित्रता निभाते हैं, रुचि-अरुचि तीव्र होती है। एकांतप्रिय होते हैं। अतीन्द्रिय शक्ति से युक्त होते हैं, ध्यान-साधना में रुचि होती है। स्मरणशक्ति तीव्र, दृष्टिकोण वैज्ञानिक होता है।

गरीबों के सेवक होते हैं। नवीन तकनीक और मशीनरी, अनुसंधान, निवेश आदि द्वारा धनार्जन करते हैं। तकनीकी शिक्षा में रुचि होती है। परिवार से लगाव होता है। जीवनसाथी के चुनाव में आयु को अनदेखी कर बुद्धि और शिक्षा में समानता पर जोर देते हैं। गृह सुसज्जित होता है जिसमें आधुनिक ढंग से पुरातत्विक सामग्री एकत्रित रहती है। अपने प्रेम को अभिव्यक्त नहीं करते। अगर इनका प्रेमी वासनप्रिय हो तो वह असंतुष्ट होता है क्योंकि कुंभ राशि के व्यक्ति शीतल होते हैं।

संभाव्य रोग कुंभ राशि :

संक्रामक रोग, दंत व्याधि, टॉन्सिल आदि 22 से 40 वर्ष की आयु में संपन्नता रहती है। 41 से 43 वर्ष में हथियार, लोहे या काष्ठ से चोट की आशंका रहती है। 44 से 67 वर्ष भाग्यशाली होते हैं। 68 वर्ष से बाद का समय अशुभ होता है।

अशुभ वर्ष कुंभ राशि :

33, 48, 64

वे स्थान जहां पानी सूख जाता है, जहां शराब बनती है, जहां पक्षी रहते हैं और जहां घड़े रखे जाते हैं। पाप राशि, दिनबली, शीर्षोदय, देखने में सुंदर, प्रतिभावान, क्षमाशील स्वभाव का होता है। पुरुष राशि है।

कुंभ राशि के उपयुक्त व्यवसाय

सलाहकार, इंजीनियर, डॉक्टर, ज्योतिषी, तकनीकी और मैकेनिकल नौकरियां

कुंभ राशि की मित्र राशि

मिथुन, वृषभ, कन्या, तुला, मकर राशि

कुंभ राशि का तत्व

हवा

कुंभ राशि का संबद्ध चक्र

मूलाधार

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