वार्षिक राशिफल (वृश्चिक राशि)

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इस वर्ष शनि 24 जनवरी को मकर राशि में तृतीय भाव में प्रवेश रहेंगे। वर्ष के प्रारम्भ में राहु मिथुन में अष्टम भाव में होंगे और 19 सितम्बर के बाद वृष राशि में सप्तम भाव में प्रवेश करेंगे। 30 मार्च को गुरू मकर राशि में तृतीय भाव में प्रवेश करेंगे एवं वक्री होकर 30 जून को धनु राशि में दि्वतीय भाव में गोचर करेंगे और फिर से मार्गी होकर 20 नवम्बर को मकर राशि में तृतीय भाव में आजाएंगे। 31 मर्इ से 8 जुन तक शुक्र अस्त रहेंगे।

कार्य व्यवसाय़

व्यवसायिक दृष्टि से यह वर्ष ठीक-ठाक रहेगा। वर्ष के प्रारम्भ में दशम स्थान पर गुरू की दृष्टि के कारण आप कोर्इ नया व्यापार भी शुरू कर सकते हैं। 30 मार्च से जून पर्यन्तनवम स्थान पर गुरू एवं शनि की संयुक्त दृष्टि प्रभाव के कारण कार्य क्षेत्र में भाग्य आप का साथ देगा। जिससे आप अपने व्यापार में अच्छी सफलता प्राप्त करेंगे। 29 जून के बाद समय और शुभ हो जाएगा।इस समयान्तराल आपका अपने प्रति विश्वास सफलता दिलाएगा। भूमि से सम्बन्धित कार्य करने वालों को पैसा निवेश करना लाभकारक होगा।

धन सम्पत्ति

आर्थिक दृष्टिकोण से वर्ष का प्रारम्भ बढि़या रहेगा। दि्वतीय स्थान का गुरु धनागम में निरंतरता बनाए रखेंगे। जिससे आप इच्छित बचत करके अपनी आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ बना सकते हैं। मांगलिक कार्यों में धन का व्यय होगा।किसी को उधार पैसा न दें नहीं तो वापसी का उम्मीद कम है। 30 जून के बाद समय और अधिक अच्छा हो जाएगा। उस समय आपके रूके हुए पैसे मिल सकते हैं और अचानक धन लाभ भी हो सकता है।

परिवार एवं समाज

पारिवारिक दृष्टिकोण से वर्ष शुभ रहेगा। दि्वतीयस्थ गुरु परिवार में किसी व्यक्ति की वृद्धि बता रहे हैं। यह वृद्धि परिवार में किसी सदस्य के विवाह या सन्तान के जन्म के माध्यम से होगी। राहु की दृष्टि पारिवारिक माहौल को खराब कर सकती है और माता से वैचारिक मतभेद या उनके स्वास्थ्य सम्बन्धी चिन्ता हो सकती है। तृतीय स्थान में शनि एवं गुरू की युति सामाजिक प्रतिष्ठा के लिए बहुत शुभ है। जन कल्याण के लिए आप कार्य करॆंगे।

संतान

संतान की दृष्टि से यह वर्ष सामान्यतः अनुकूल रहेगा। आपके बच्चे अपने परिश्रम के बल पर आगे बढे़ंगे। यदि आप का दूसरा बच्चा विवाह के योग्य है तो उसका विवाह संस्कार हो सकता है। सन्तान की उच्च शिक्षा तथा शिक्षा के क्षेत्र में उसके बेहतर प्रदर्शन की प्रबल सम्भावनाएं हैं और वे अध्ययन कार्य में रुचि लेंगे।

स्वास्थ्य

स्वास्थ्य के लिए यह वर्ष सामान्यतः अनुकूल नहीं रहेगा। स्वास्थ्य सम्बन्धी तकलीफों के अचानक आ जाने के यॊग बन रहे हैं। राहु ग्रह के गोचरीय प्रभाव से मानसिक चिन्ताएं एवं शारीरिक कष्ट हो सकता है। पेट से सम्बन्धित रोगों के अतिरिक्त आंतों में संक्रमण के योग हैं। इसलिए खान-पान के साथ साथ दिनचर्या पर भी विशेष ध्यान देना होगा तथा रोग प्रतिरोधक क्षमताओं की अभिवृद्धि हेतु योग व प्राणायाम आदि का अभ्यास करें।

करियर एवं प्रतियोगी परीक्षा

प्रतियोगिता परीक्षा के लिए यह वर्ष शुभ फलदायक रहेगा। करियर में सफलता प्राप्ति के लिए आप लगातार परिश्रम करेंगे। व्यवसायिक शिक्षा प्राप्त करने वालो के लिए समय अच्छा है। विद्यार्थियों कीशिक्षा के प्रति रूचि बढे़गी।

यात्रा

यात्रा की दृष्टि से यह वर्ष अच्छा रहेगा। छोटी व सुदूर यात्राएं होंगी। 30 मार्च के बाद लम्बी यात्रा के योग प्रबल होंगे।इस वर्ष आपकी धार्मिक यात्राएं भी होंगी। 30 मार्च से 29 जून के बीच व्यवसायिक व्यक्तियों का व्यवासय से संबंधित यात्राएं होगी। द्वादश स्थान पर शनि की दृष्टि प्रभाव से आप विदेश यात्रा भी करेंगे। आप किसी मनोरम सुरम्य पर्यटक स्थल की यात्रा सपरिवार करेंगे। नौकरी करने वालों का अचानक स्थानान्तरण हो सकता है।

धर्म कार्य एवं ग्रह शान्ति

इस वर्ष आप मन को एकाग्र करने हेतु ध्यान, योग, कीर्तन, भजन तथा जटिल साधना तन्त्र की प्रक्रियाओं की बारीकियों से अवगत होंगे। • दुर्गा बीसा कवच अपने गले में धारण करें। • बुधवार या शनिवार के दिन राहु ग्रह की वस्तु का दान करें। • दुर्गा सप्तशती का पाठ करें।

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वृश्चिक राशि के सामान्य गुण

भौतिक लक्षण वृश्चिक राशि

मध्यम कद, सुडौल शरीर और अंग, चौड़ा चेहरा, घुंघराले बाल, श्याम वर्ण, उन्नत ठोड़ी।

अन्य गुण :

स्पष्टवादी, निडर, रूखा व्यवहार। उत्तम मस्तिष्क, बुद्धिमान, इच्छाशक्ति से युक्त। शब्दों का उत्तम चुनाव करते हैं। अन्य लोगों के मामलों में दखल नहीं देते हैं। अक्सर तानाशाह होते हैं, कभी थकान नहीं होती। जब तक आश्वस्त न हो जाएं कि उनका विषय का ज्ञान सर्वोच्च कोटि का है, मुह नहीं खोलते। वार्तालाप और लेखन में दक्ष होते हैं, अपने बुद्धिबल के सहारे रहते हैं। उच्चकोटि की प्रशासनिक क्षमता और आत्मविश्वास से युक्त होते हैं। गुप्त रूप से अपराध करने में सक्षम होते हैं। परिश्रम और साहस के बल पर धनार्जन करते हैं। स्वयं के बल पर सफल होते हैं। सामाजिक आंदोलनों में सक्रिय होते हैं। समाज में सलाहकार/नेता बनते हैं। सेना और पुलिस में सफलतापूर्वक कार्य करते हैं, इनके बहुत से शत्रु होते हैं। मौलिक अनुसंधान में चतुर होते हैं। अकेले रहकर बेहतर कार्य करते हैं। मैदान के खेलों के शौकीन होते हैं। संगीत, कला, नृत्य आदि में प्रवीण होते हैं। पराविद्या में रूचि होती है। काम-वासना अधिक होती है, साथी को पशु की तरह प्रयोग करते हैं।

संभाव्य रोग वृश्चिक राशि :

गुप्त रोग, प्रोस्टेंट ग्रंथि, पित्ताशय आदि के रोग आयु के 29 से 45 वर्ष सौभाग्यशाली होते हैं। 62 से 71 वर्ष की आयु में गंभीर व्याधि होती है या ऑपरेशन होता है।

अशुभ वर्ष वृश्चिक राशि :

11, 28, 38, 52, 62

छेद या बिल वाला स्थान, विष, शीर्षोदय राशि, चौड़ी, फैली हुई आंखें तथा छाती। बाल्यावस्था में बीमार, क्रूर कामों में रुचि, साहसी, सहनशक्ति, प्रबन्धक, स्त्री राशि होती है।

वृश्चिक राशि के उपयुक्त व्यवसाय

सेना, रक्षा, रेलवे, दूरसंचार, नौसेना, बीमा, चिकित्सा, मैकेनिकल और मशीनरी

वृश्चिक राशि की मित्र राशि

कर्क, सिंह, धनु, मीन, मेष राशि

वृश्चिक राशि का तत्व

पानी

वृश्चिक राशि का संबद्ध चक्र

मणिपुर

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