कन्या
यह मास आपके लिए उतार-चढ़ाव युक्त रहेगा, महत्वपूर्ण कार्यों में अधिक संघर्ष बढ सकता है। अधिक वाद-विवाद बढ़ सकता है। अधिक वाद-विवाद वाली स्थिति से बचें। मास के उत्तरार्द्ध में परिस्थितियां आपके अनुकूल कम रहेंगी। सामाजिक कार्यों के प्रति अभिरूचि बढ़ेगी। अपनी सोच को सकारात्मक दिशा प्रदान करें। वाद-विवाद से बचें।
स्वास्थ्य :
शारीरिक स्वास्थ्य के प्रति सावधानी वरतें। विशेष रूप से शरीर में दर्द संबंधी बीमारियों के प्रति सचेत रहें। योग-व्यायाम करते रहें। अपनी दिनचर्या को अनुशासित रखें।
धन-सम्पत्ति :
धन, की आमदनी होती रहेगी। साथ ही धन खर्च उसी अनुपात में होगा। पारिवारिक सदस्यों के साथ आपसी मतभेद उभर सकते हैं। मकान के क्रय-विक्रय के लिए योजना बन सकती है।
कार्य-व्यवसाय :
व्यावसायिक क्षेत्र में संलग्न व्यक्तियों को अपने व्यापार में अतिरिक्त परिश्रम करने की आवश्यकता रहेगी। नौकरी में सेवारत लोगों को संयम बरतना चाहिए। क्रोध से बचें, अन्यथा हानि हो सकती है।
प्रेम-संबंध :
परस्पर भावनाओं का आदान-प्रदान होगा। मास के पूर्वार्द्ध में किसी अच्छे स्थल की यात्रा पर जाने के योग बनेंगे।
दाम्पत्य जीवन :
छोटी-छोटी वातों को लेकर वैवाहिक जीवन में असंतोष बढ़ सकता है। संदेहास्पद स्थिति से बचें।
उपाय :
मास के पूर्वार्द्ध में बृहस्पतिवार को पीपल के वृक्ष में जल चढ़ाएं।
स्वास्थ्य कष्ट :
1, 2, 9, 10, 18, 20
कन्या (टो, पा, पी, पू, ष ण, ठ, पे, पो)
व्यवसाय :
कन्या राशि के जातकों की शनि की ढैय्या तीसरे चरण में है। अतः यह वर्ष आप पिछले वर्ष की अपेक्षा थोड़े प्रयत्नों से शुभ फल प्राप्त करने में सफल होंगे। शनि इस चरण में बली है, आपको कारोबार व व्यवसाय में विस्तार के अवसर प्राप्त होंगे।
आप अपने परिश्रम के बल पर नौकरी में लाभ पाएंगे। दिक्कतों के बाद भी आप हिम्मत नहीं हारेंगे और पदोन्नति की ओर अग्रसर होंगे। व्यवसाय में मनचाहा लाभ मिलने की उम्मीद है। आपकी प्रतिभा का उचित मूल्यांकन हो सकेगा। आप अपने इच्छानुसार जगह पर तबादला होने पर थोड़ी संतोषजनक स्थिति बनाएगा। बैंकिंग, एकाउंटेंट, ऑडिटर, व्यवसायी को विशेष लाभ होगा। आपको महत्वपूर्ण व गोपनीय कार्य भी करने का मौका मिल सकता है। आपके भाग्य में वृद्धि होगी। वर्ष के उत्तरार्द्ध में सबका भरपूर सहयोग प्राप्त हो सकता है। लेखन व प्रकाशन कार्यों में सफलता मिलेगी।
धन-संपत्ति :
आर्थिक दृष्टि से यह वर्ष लाभ देने वाला है। आय में बढ़ोत्तरी होगी। पूर्व अर्जित जायदाद बढ़ेगी। कर्ज से राहत मिलेगी। उच्च के शनि होने से आप भवन निर्माण कर किराये से भी आमदनी में बढ़ोतरी करेंगे। आप पर शनि की साढ़ेसाती अंतिम दौर में चल रहा है। कोर्ट व राजकीय कार्यों के लिए समय साधारण ही रहेगा। मस्तिष्क में खोटे-बुरे विचार पैदा होते रहते हैं। पैतृक संपत्ति मिलने की संभावना बनेगी। पूर्वार्द्ध में गुरु का अष्टम में गोचर साधारण स्थिति बनाएगा जो कि गुरु के वृष राशि में प्रवेश के बाद धार्मिक कार्यों में धन व्यय करा सकता है व मान-सम्मान, वैभव एवं पद प्रतिष्ठा में भी वृद्धि कराएगा। राहु का तृतीय भाव में गोचर आर्थिक रूप से संपन्नता प्रदान करेगा। धैर्य व संयम प्रत्येक स्थिति में बना रहेगा।
घर-परिवार-समाज :
कुटुम्ब परिवार में आपसी सहयोग बना रहेगा। वर्ष के पूर्वार्द्ध में आपको शांति बनाने हेतु प्रयास करने पड़ेंगे। विशेषकर भाई के साथ संबंधों में सचेत रहें। राहु का वृश्चिक में गुरु का वृष में गोचर परिवार में नाना प्रकार से शुभ मंगलकारी कार्यों के संपन्न होने की संभावना बना रहता है। खुशहाली व सुख समृद्धि का योग बन रहा है। संतान की ओर से धन लाभ की संभावना बन रही है। संतान की ओर से शुभ समाचार मिलेंगे। माता पिता से लाभ व संबंधों में मधुरता रहेगी। पत्नी से संबंध मधुर रहेंगे। पत्नी से भाग्य में वृद्धि व आर्थिक स्थिति सुदृढ़ होगी। भौतिक सुख साधनों का लुत्फ उठाएंगे। मित्रों से सहयोग व लाभ प्राप्त होगा।
स्वास्थ्य :
मंगल का लग्न में गोचर आपको उत्तेजना, क्रोध एवं क्रियाशील बनाएगा। इस वर्ष आपका स्वास्थ्य अच्छा रहेगा। शारीरिक कष्टों में कमी आएगी। आप इस समय कर्ण रोग, नेत्र रोग, उदर रोग, गैस, अपच आदि बीमारियों से ग्रसित हो सकते हैं। स्वास्थ्य पर व्यय हो सकता है। उच्च रक्तचाप की शिकायत हो सकती है। शल्य चिकित्सा की संभावना बन सकती है। पूर्वार्द्ध में गुरु का नवम भाव में गोचर भाग्यवर्द्धक रहेगा। भाग्य से स्वास्थ्य में वृद्धि होगी। स्वास्थ्य पर खर्चा होने की संभावना बन सकती है।
कैरियर एवं प्रतियोगी परिक्षाएं :
शिक्षा की दृष्टि से यह वर्ष आपके लिए अच्छा रहेगा। आप तार्किक विषयों में रूचि बढ़ाएंगे। कानून, शिक्षा, बैंक, शेयर से जुड़े लोगों को शुभ समाचार मिलने की संभावना बढ़ेगी। वकालत, न्यायिक विषयों में अभिरूचि रहेगी। आप अपनी पसंद के विषय में दक्षता हासिल कर सकते हैं। उच्च शिक्षा प्राप्ति के योग भी बन रहे हैं। गंभीर एवं गूढ़ विषयों के अध्ययन में आपकी रूचि बनी रहेगी। गुरु का अष्टम एवं नवम में गोचर आपको ज्योतिष विषयों, कानून, समाज कल्याण के कार्यों में सफलता प्रदान करेगा। उद्योगकर्ता एवं व्यापारी वर्ग इस वर्ष अपने परिश्रम एवं भाग्य बल पर अप्रत्याशित लाभ कमाने में सफल होंगे।
यात्रा-प्रवास-तबादला :
उच्च शिक्षा प्राप्ति हेतु आप घर परिवार से दूर जाएंगे। नौकरी, व्यवसाय में इस वर्ष मनोकूल परिणाम प्राप्त हो सकते हैं एवं मनोवांछित जगह पर तबादला, स्थान परिवर्तन का योग बनाएगा। आप इस वर्ष तीर्थ यात्रा पर जा सकते हैं। उपासना, आध्यात्मिक उन्नति व संत समागम में रुचि रखेंगे। परिवार के साथ अधिक समय व्यतीत करेंगे व मंगलकारी यात्राओं का लाभ उठाएंगे। विदेश भ्रमण की तरफ भी आप आकर्षित हो सकते हैं।
धर्म-कार्य-ग्रह शांति :
धर्म, अध्यात्म एवं चिंतन में रुचि आपको धार्मिक स्थलों की यात्रा एवं गूढ़ विषयों के अध्ययन में प्रेरणा प्रदान करेगी। ईष्ट देव की उपासना एवं धार्मिक अनुष्ठानों की आयोजन कर आप मानसिक शांति का अनुभव करेंगे। आपको बृहस्पति वार को गाय को चने की दाल व गुड़ खिलाना चाहिए। पक्षी को बाजरा खिलावें। रूद्राक्ष धारण करना श्रेयस्कर रहेगा। आपको बुधवार को शुक्ल पक्ष में शुभ मुहूर्त में पन्ना स्वर्ण की अंगूठी में कनिष्ठा अंगुली में धारण करना श्रेयस्कर रहेगा।