कर्क
मास के पूर्वार्द्ध में संघर्ष बना रहेगा, अन्य लोगों से विशेष सहयोगात्मक व्यवहार कम रहेगा। उत्तरार्द्ध में स्थिति धीरे-धीरे सुधरेगी। समाज में अपने अच्छे व्यवहार से आपकी मान-प्रतिष्ठा बढ़ेगी। गुप्त शत्रु आपकी महत्वपूर्ण गुप्त योजनाओं को बिगाड़ने की कोशिश कर सकते हैं।
स्वास्थ्य :
स्वास्थ्य संबंधी छोटी-छोटी समस्याएं रहेंगी। लेकिन विशेष परेशानी होने की संभावना कम रहेगी। योग, ध्यान आदि क्रियाओं में मन लगेगा। अहं भाव को अपने अंदर न आने दें।
धन-सम्पत्ति :
आर्थिक मामलों में सोच-समझकर निर्णय लें। धन के लेन-देन में अधिक सावधानी रखें। जहां तक हो सके ऋण लेने से बचें। संपत्ति खरीदने के लिए आप प्रयासरत रहेंगे। अपने को किसी तरह से दबाव में न आने दें।
कार्य-व्यवसाय :
कार्य-क्षेत्र में भाग्य अधिक साथ नहीं देगा। धीमी गति से कार्य बनेंगे। वरिष्ठ सहयोगियों की ओर से अपेक्षाकृत कम सहयोग प्राप्त लड़ाई व झगड़े वाली स्थिति से बचें।
प्रेम-संबंध :
अपने व्यवहार को अधिक सकारात्मक बनाने की कोशिश करें। दूसरों की भावनाओं को समझें।
दाम्पत्य जीवन :
दांपत्य जीवन में घरेलू समस्याओं को लेकर तालमेलकमी हो सकती है। अपनी आवश्यकताओं पर नियंत्रण रखें। किसी अन्य के बहकावे में न आयें।
उपाय :
मंगलवार को मंदिर में बूंदी का प्रसाद चढ़ाएं।
स्वास्थ्य कष्ट :
5, 6, 14, 15, 24, 25
कर्क (हि, हु, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो)
व्यवसाय :
कर्क राशि के जातक इस वर्ष शनि की ढैय्या के प्रभाव में रहेंगे। उच्च शनि की कर्म भाव पर दृष्टि एवं गुरु का कर्म भाव में गोचर एवं दृष्टि संबंध नाना प्रकार से कार्य व्यवस्था एवं प्रबंधन को प्रभावित करेगा। वर्ष के उत्तरार्द्ध में मंगल की भी दृष्टि आपको नई ऊर्जा, उत्साह व बल प्रदान करेगी। गुरु का मेष राशि में गोचर आपको पदोन्नति देगा। आजीविका के माध्यम में बढ़ोत्तरी होगी। कर्मेश मंगल का धन भाव पर विराजमान होना व्यवसाय में धन लाभदायक है। अगर आपकी कुंडली में शनि शुभ हैं तो सफलता आपको अवश्य मिलेगी। गुरु आपकी उन्नति, पदोन्नति के साथ तबादला एवं स्थान परिवर्तन का योग भी बनाएगा।
धन-संपत्ति :
वर्ष के पूर्वार्द्ध में गुरु का मेष राशि में गोचर आपके धन में बढ़ोत्तरी व आमदनी के अतिरिक्त साधन जुड़ेंगे। शनि का चतुर्थ भाव में गोचर शनि की ढैय्या देता है अतः इस वर्ष आप कोई नया कार्य न करें। भवन निर्माण व संपत्ति में निवेश न करें। आपको इस समय विश्राम करना चाहिए। उत्तरार्द्ध में गुरु का लाभ स्थान में प्रवेश आर्थिक लाभ के योग बनाएगा। व्यवसाय में थोड़ा लाभ होगा। भाई-बंधुओं से आर्थिक लाभ होगा। आपके रूके हुए कार्य बनेंगे। केतु का लाभ भाव में गोचर श्रम करने पर ढेर सारा लाभ देगा। जुए-सट्टे, शेयर आदि में लाभ की संभावना बनेगी।
घर-परिवार-समाज :
इस वर्ष पारिवारिक दृष्टि से मिला जुला फल प्राप्त होगा। घर-परिवार में सुख शांति के योग बनेंगे। संतान पक्ष से चिंता के साथ-साथ उन्नति का भी सुख मिलेगा। माता के स्वाथ्य में गिरावट आ सकती है। पिता से संबंध अनुकूल रहेंगे। पत्नी से वैचारिक मतभेद हो सकता है परंतु गुरु की शुभ दृष्टि संबंधों में साम्राज्य का ताल मेल बनाकर रखेगी। भाई-बहनों से लाभ मिलेगा। मित्रों से संबंध सामान्य रहेंगे। घर में किसी सदस्य के उन्नति का संकेत है।
वर्ष के उत्तरार्ध में गुरु का लाभ भाव में शुभ गोचर आपके मान-सम्मान एवं प्रतिष्ठा में वृद्धिकारक रहेगा। बड़े भाईयों एवं रिश्तेदारों का सहयोग प्राप्त होगा।
स्वास्थ्य :
राहु आपके पंचम भाव में गोचर कर रहे हैं जो संतान की ओर से स्वास्थ्य संबंधित चिंता का कारण बनेगा। शनि की चतुर्थ भाव से लग्न पर दशम दृष्टि व्यक्तित्व व स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकती है। उत्तरार्द्ध गुरु का वृष में गोचर स्वास्थ्य में लाभ देगा व ऊर्जा शक्ति प्रदान करेगा। संतान पक्ष मजबूत करेगा। इस वर्ष आपके वायु विकार, पेट से संबंधित रोग होने की संभावना बन रही है। तनाव व उत्तेजना से बचना चाहिए। अधिक थकावट वाला कार्य न करें। वाक शक्ति में शिथिलता, सिर दर्द, मानसिक तनाव आदि में वृद्धि हो सकती है।
कैरियर एवं प्रतियोगी परिक्षाएं :
यह वर्ष पदोन्नति एवं कैरियर की दृष्टि से विशेष फलदायी होगा। गुरु की पंचम भाव पर दृष्टि आपको धार्मिक व सात्विक विषयों की ओर रूझान देगी। उच्च शिक्षा के इच्छुक विद्यार्थी इस वर्ष अपने सपनों के साकार कर पाएंगे। बैंक से लोन एवं ऋण आदि की सुविधाएं आसानी से प्राप्त होंगी। शनि की ढैया व राहु की पंचम में दृष्टि स्मरण शक्ति में क्षय कर सकती है। गुण विद्याओं व तंत्र विज्ञान की ओर आप आकर्षित होंगे। नई भाषा ज्ञान में बढ़ोत्तरी की संभावना बढ़ रही है। ज्योतिष से आप जुड़ सकते हैं। आप भावुक प्रकृति के हैं, सोच समझ कर निर्णय लें। आपको संस्थागत और असंस्थागत या दूरस्थ शिक्षा के माध्यम से अपनी शैक्षिक और व्यवसायिक शिक्षा बढ़ाने का अवसर इस वर्ष प्राप्त होगा।
यात्रा-प्रवास-तबादला :
विद्यार्थीजन इस वर्ष उच्च शिक्षा हेतु विदेश प्रवास कर सकते हैं। छात्रवृत्ति के साथ आगे पढ़ाई का इरादा व्यवहारिक रूप ले सकता है।
इस वर्ष आप विदेश यात्रा भी कर सकते हैं। आप सेमिनार एवं धार्मिक प्रसंगों, प्रवचन आदि के लिए भी यात्रा कर सकते हैं। व्यवसाय व नौकरी की तरफ से भी प्रवास के योग बनेंगे।
धर्म-कार्य-ग्रह शांति :
कर्क राशि को इस वर्ष शनि ढैय्या के कारण कुछ मानसिक चिंता व तनाव का सामना करना पड़ सकता है। रूद्राभिषेक एवं हर सोमवार को शिव पूजन आपके लिए शुभ फलकारी है। आप यज्ञ, हवन, पूजा एवं मंत्र साधना द्वारा ग्रह शांति एवं उपाय में रुचि लेंगे। धार्मिक संस्थाओं एवं गैर सरकारी सेवा संस्थाओं से जुड़कर भी आप सेवा कार्य आदि कार्यों को आगे बढ़ाएंगे।
आप पर शनि की ढैय्या चल रही है आपको प्रत्येक शनिवार को शनि मंदिर में काले तिल, सरसों के तेल चढ़ाना चाहिए। प्रत्येक मंगल व शनिवार को हनुमार जी के दर्शन करें। शनि यंत्र की पूजा करें। आपको सोमवार को शुक्ल पक्ष में चांदी की अंगूठी में मोती धारण करना चाहिए।