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Bring Rose Quartz materials in your house and invite happiness, wealth and prosperity.

Rose Quartz Sriyantra


Rose quartz Sriyantra represents Goddess Laxmi, the Goddess of wealth and prosperity. It is said about this Yantra that it destroys the financial troubles and misfortunes. Besides this, it helps in maintaining the equilibrium between spirituality and materialism. Its auspiciousness bestows upon the native all sorts of peace and prosperity in life. Being in the shape of a Yantra Rose quartz doesn't work less than any powerful Talisman. It is universal truth that Sriyantra is the king of all Yantras and it is basically the coordination of 9 triangles. Rose quartz has been nomenclated as the substitute gem of the symbolic emblem of love. It is the most important substitute gem used for the attainment of mental peace and calmness of heart. Being the bestower of both wealth and peace its utility becomes more. Rose quartz contains a specific energy of very high magnitude which attracts happiness. Due to the effect of this gem the native residing in its vicinity attracts the help and cooperation of others and his humane qualities increases significantly.

  • Rose quartz is not only beautiful and attractive in its look but its hidden power also makes it special. This Sriyantra can be established, visualized and worshiped both in the house and office.
  • It solves all the problems existing in the house and the office.
  • The powers enshrined in it, paves the way for income from multiple sources.
  • Its worship has been considered auspicious for the attainment of fame, success and honour.
  • Rose quartz Sriyantra enables its meditator to get rid of all the evils and all the goodness enter into his life.
  • It protects from all the evils in life.
  • It is the best remedy for maintaining the stability in wealth and prosperity for very long period.
  • Recite the following Mantra along with the worship of Sriyantra on crystal rosary for 7, 11 or 108 times.
    "Om Hring Shring Shukray Namah"

Important- The effect of Rose quartz gradually increase with the increase in its weight. In order to attain all its positive qualities it must be of minimum 150 gram. With the increase in its weight its result also becomes better. Hence a Rose Quartz of significant size only acts like all its hidden power.


Rose Quartz Laxmi Ganesh


Rose Quartz Laxmi Ganesh and Sriyantra are so important that its praise is like showing the light to sun. Especially if Laxmi Ganesh is made by the precious gem like Rose quartz then its glory becomes even more. Laxmi ji becomes happy through it immediately, opens the door of wealth and ensures the stability of wealth. Even the visualization of Laxmi Ganesh makes the person enlightened and the worship of this Laxmi Ganesh enables the meditator to fulfil all his wishes in this birth only. Along with wealth the name and fame also increases. Rose quartz is very beautiful and magnificent substitute gem. Its surface shines like rose. It has many remedial qualities as well:

  • It solves the problems related to wealth in the house and family.
  • Rose Quartz specifically increases love and harmony in conjugal life and maintains it forever. Its presence in the house gives birth to love, coordination and new energy in relationship of husband and wife.
  • Presenting it as a gift to near and dear ones strengthens mutual relationship.
  • It is specially used to resolve the broken relationship and igniting the spirit of love.
  • Rose quartz is used to increase the self-respect and strengthens the self pride.
  • Its power inspires to make love.
  • From the emotional point of view Rose quartz is used to bring emotional balance and peace in life.
  • This substitute gem establishes emotional balance and reduces tension and anxiety.
  • All these qualities can be enhanced through forgiveness, tolerance and compassion and these qualities are enhanced by Rose quartz.
  • Along with the worship of Laxmi Ganesh recite the following Mantra on a crystal rosary for 7, 11 or 108 times daily:
    "Om Drang Dring Draung Sah Shukray Namah"

Important- The effect of Rose quartz gradually increases with the increase in its weight. In order to attain all its positive qualities it must be of minimum 150 gram. With the increase in its weight its result also becomes better. Hence a Rose Quartz of significant size only acts like all its hidden power.


अपने घर में गुलाबी बिल्लौर सामग्री लाएं और खुशहाली, धन एवं समृद्धि को आमंत्रित करें।

गुलाबी बिल्लौर (Rose Quartz) श्री यंत्र


गुलाबी बिल्लौर श्री यंत्र धन और समृद्धि की देवी लक्ष्मी का प्रतिनिधित्व करता है। इस यंत्र के विषय में कहा जाता है कि वित्तीय समस्याओं और दुर्भाग्य का अंत करता है। इसके साथ ही यह आध्यात्मिकता और भौतिकवादी दोनों को बनाए रखने में मदद करता है। इसकी शुभता श्री यंत्र अपने साधकों को समृद्धि, शांति और जीवन में समृद्धि देती है। यंत्र के आकार में होने के कारण गुलाबी बिल्लौर किसी शक्तिशाली ताबीज से कम कार्य नहीं करता है। यह सर्वसत्य है कि श्री यंत्र सभी यंत्रों का राजा है, यह मूल रुप से नौ त्रिकोणों का संयोजन होता है। गुलाबी बिल्लौर को प्यार का प्रतीक उपरत्न कहा गया है। ह्रदय और मानसिक शांति की प्राप्ति के लिए उपयोग में लाया जाने वाला सबसे उपरत्न है। धन और शांति दोनों का प्रदायक होने के कारण इसकी उपयोगिता ओर भी बढ़ जाती है। रोज़ क्वार्ट्ज में एक खास प्रकार की उच्च ऊर्जा होती है जिसके खिंचाव से सुखों की प्राप्ति होती है। उपरत्न के प्रभाव से इसके निकट के व्यक्ति की सहानुभूति और अन्य मानवीय गुणों में बढ़ोतरी होती है।

  • गुलाबी बिल्लौर सुंदर और मनमोहक रुप में तो होता ही है साथ ही इसमें छुपी शक्तियां भी इसे विशेष बनाती है।
  • इस श्रीयंत्र को घर और कार्यालय दोनों में स्थापित कर, इसका दर्शन पूजन किया जा सकता है।
  • घर और आफिस दोनों ही स्थानों की समस्याओं को यह हल करता है।
  • इसमें समाहित शक्तियों के प्रभाव से आय के सभी साधनों से धन का आगमन होने लगता है।
  • प्रसिद्धि, सफलता और मान-सम्मान के लिए इसकी आराधना करना शुभ कहा गया है।
  • रोज़ क्वार्ट्ज श्री यंत्र अपने साधक के जीवन की सभी बुराईयों को दूर कर जीवन में अच्छाईयों का प्रवेश करता है।
  • इसके द्वारा जीवन में सभी बुराइयों से संरक्षण प्रदान किया जाता है।
  • स्थिर और दीर्घकाल तक धन व समृद्धि बनाए रखने का यह एक अचूक उपाय है।
  • श्रीयंत्र का पूजन करने के साथ साथ निम्न मंत्र का जाप स्फटिक माला पर ७, ११ या १०८ बार करें.
    "शुक्र मंत्र - ऊँ ह्रीं श्रीं शुक्राय नम:"

विशेष - गुलाबी बिल्लौर का प्रभाव इसके वजन में उत्तरोतर वृद्धि के साथ ही बढ़ता जाता है। इसके सभी सकारात्मक गुण प्राप्त करने के लिए यह कम से 150 ग्राम का अवश्य होना चाहिए। वजन बढ़ाने पर इससे मिलने वाले फल बेहतर होते जाते है। अत: एक सही आकार का गुलाबी बिल्लौर ही अपनी सभी शक्तियों के अनुसार कार्य कर पाता है।


गुलाबी बिल्लौर श्री लक्ष्मी गणेश करेंगे आपको मालामाल - मां लक्ष्मी होंगी आप पर प्रसन्न


आज के समय में प्रत्येक व्यक्ति अतिशीघ्र समृद्ध बनना चाहता है। यह यंत्र सही अर्थों में यंत्रराज है। मरगज यंत्र को स्थापित करने का तात्पर्य श्रीयंत्र को अपने संपूर्ण ऐश्वर्य के साथ आमंत्रित करता होता है। इस अद्भुत यंत्र के अनेक लाभ हैं, इनमें प्रमुख हैं- मरगज श्री यंत्र की स्थापना मात्र से भगवती लक्ष्मी की कृपा प्राप्त होती है। घर पर मरगज श्री यंत्र नित्य पूजन करने से संपूर्ण दांपत्य सुख प्राप्त होता है। पूरे विधि-विधन से मरगज श्रीयंत्र पूजन यदि किसी अमावस्या रात्रि को संपन्न कर लिया जाए तो उस घर में सालभर किसी प्रकार की कमी नहीं होती है।

  • घर परिवार में धन संबंधी समस्याओं का निराकरण करता है।
  • गुलाबी बिल्लौर मुख्य रुप से दांपत्य जीवन में प्यार और सौहार्द बनाए रखने का चमत्कारिक कार्य करता है। घर में इसकी उपस्थिति पति-पत्नी में प्यार, सामंजस्य तथा रिश्तों में एक नई ऊर्जा को जन्म देती है।
  • अपने प्रियजनों को इसे उपहार स्वरुप देना, आपसी रिश्तों को मजबूत करने का कार्य करता है।
  • टूटे हुए रिश्तों को जोड़ने और प्रेम को जागृत करने के लिए इसे विशेष रुप से प्रयोग किया जाता है।
  • गुलाब क्वार्ट्ज़ का उपयोग आत्म-सम्मान और स्व-मूल्य की एक मजबूत भावना को बढ़ाने के लिए किया जाता है।
  • इसकी प्रेरणा शक्ति प्यार करने के लिए प्रेरित करती है।
  • भावनात्मक रूप से, गुलाब क्वार्ट्ज को भावनाओं को संतुलित करने और जीवन में शांति लाने के लिए उपयोग किया जाता है।
  • यह उपरत्न भावनात्मक संतुलन स्थापित कर, तनाव से राहत और चिंताओं में कमी लाता है।
  • इन सभी गुणों को माफी, सहिष्णुता और दया की शक्तियों के द्वारा आगे बढ़ाया जा सकता है, और इन्हीं मानवीय गुणों में रोज क्वार्टज बढ़ोतरी करता है।
  • श्री लक्ष्मी गणेश का पूजन करने के साथ- साथ निम्न मंत्र का जाप स्फटिक माला पर ७, ११ या १०८ बार करें।
    "शुक्र मंत्र - ऊँ द्रां द्रीं द्रौं स: शुक्राय नम:"

विशेष - गुलाबी बिल्लौर का प्रभाव इसके वजन में उत्तरोतर वृद्धि के साथ ही बढ़ता जाता है। इसके सभी सकारात्मक गुण प्राप्त करने के लिए यह कम से 150 ग्राम का अवश्य होना चाहिए। वजन बढ़ाने पर इससे मिलने वाले फल बेहतर होते जाते है। अत: एक सही आकार का गुलाबी बिल्लौर ही अपनी सभी शक्तियों के अनुसार कार्य कर पाता है।

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