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Ram Nath Kovind: Roar of Exalted Rahu made him the probable President

-By Rekha Kalpdev

The tenure of president of India Pranab Mukherjee is to complete on 24th July. One month still remains in the completion of the tenure of the ongoing president but the search for his replacement has already begun. The voting is to take place on 17th July and the counting of votes will be done on 20th July. NDA government has announced the name of 72 year old Ramnath Kovind for its presidential candidate which is to take place next month. On the other hand, the opposition parties led by UPA has declared the name of ex Lok Sabha speaker Meira Kumar for its presidential candidate. It is special that both the candidates declared by NDA and UPA belong to schedule community cast and both have the relation from Bihar. NDA candidate Ramnath Kovind is professionally related to Bihar and the opposition candidate Meira Kumar is born in Bihar. While in one hand Mr. Kovind was the governor of Bihar, on the other hand Meira is the daughter of this state. Hence, it is certain that whosoever becomes the president he/she will be directly related to Bihar and schedule cast society.

There is not even an iota of doubt that presently the ruling side is in strong position and even the opposition leader the Chief Minister of Bihar Nitish Kumar has also furthered his support to BJP led NDA. In its opposite, all the opposition parties are coming together and are declaring it the Dalit voter card of BJP. On the other hand, BJP with its decision to declare the candidature of Mr. Kovind has given a fatal below to all its opponents. In a way, it can also be said that it is a big move of BJP government for 2019 Lok Sabha election. If PM Modi wants to win 2019 election with very high margin then he must have to win the support of Dalits. It is the demand of present day politics. The name of Ramnath Kovind flashed all of a sudden and spread everywhere. The headlines of all the newspapers and news channels are clouded with Ramnath Kovind either in favour or in opposition.

Now, we try to know through astrology what were the combinations in the horoscope of Ram Nath Kovind which made him the candidate of the biggest democracy of the world for the highest position and which factors led to the formation of such strong Yogas for almost winning the election.

Before delving into the astrological discussion we think it necessary to give a brief description of the probable president Ram Nath Kovind. Before the declaration of his candidature for presidential election he was the governor of Bihar. He originally hails from Kanpur in Uttar Pradesh and belongs to Dalit society. Ramnath Kovind has good and long stint as a lawyer. He has practiced law in Supreme Court and Delhi High Court for 16 years. Besides this, he has been the member of Rajya Sabha for 2 terms between 1994 – 2000 & 2000 – 2006 and he was also the spokesperson of BJP.

Ram Nath Kovind – Analysis of Horoscope

Ramnath Kovind

Ramnath Kovind has Libra Lagna and Cancer sign. Lagna lord Venus being in own Nakshatra is placed in 11th house. Lagna Lord in 11th house makes a person highly ambitious. All the planets are posited in one side of Rahu and Ketu and thus are forming the Shankhnad Kaal Sarp Yoga. It is well known fact regarding Kaal Sarp Yoga that such a person achieves success, honour and position that the name of seven generation of ancestors in lineage lightens. The special feature is that this Yoga is being formed in 9th trine and here Rahu is in exalted position. In such a condition the result of 9th lord Mercury will also be given by Rahu. The exalted position of 9th lord Mercury is adding more glitter. Hence, Rahu is going to play prominent role in the success of his life.

10th lord Moon is placed in own sign and is conjunct with Yogakaraka Saturn in the house of profession. The aspect of 4th lord Saturn and Moon on 4th house inspired him for social service and work for the upliftment and amelioration of the poor, destitute and downtrodden. However, the aspect of Mars has also kept him away from home. 11th lord is placed in 12th house i.e. the house of foreign land. The exalted position of 12th lord in conjunction with the 11th lord is signifying the possibility of income from the far off land. Mahadasha lord Rahu is exalted in 9th house. Antardasha lord Jupiter is conjunct with 11th lord Mercury and Pratyantar Dasha lord Venus which is also the Lagna lord is very strong in the horoscope. Kaal Sarp Yoga forming planet Rahu is exalted and due to the ongoing Rahu Mahadasha he has achieved the distinction of being declared the candidate of the probable president.

रामनाथ कोविंद - उच्चस्थ राहू के शंखनाद योग ने बनाया भावी राष्ट्रपति

-रेखा कल्पदेव

भारत के वर्तमान राष्‍ट्रपति प्रणब मुखर्जी का कार्यकाल 24 जुलाई को पूरा होगा, कार्यकाल पूरा होने में अभी लगभग 1 माह शेष है। लेकिन उनके नए पर्याय की खोज शुरू कर दी गई है। राष्ट्रपति चुनाव के लिए मतदान 17 जुलाई को, जबकि मतगणना 20 जुलाई को होगी। अगले महीने होने जा रहे राष्ट्रपति चुनाव के लिए सत्तारूढ़ एनडीए ने राष्ट्रपति पद के लिए 72 साल के रामनाथ कोविंद को अपना उम्मीदवार घोषित किया है। इसके विपरीत विरोधी पार्टियों ने राष्ट्रपति चुनाव में पूर्व लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार को चुनावी अखाड़े में उतारकर चुनाव को रोचक बना दिया है। विशेष बात यह है कि सत्तारुढ़ दल और विपक्षी दल दोनों के ही द्वारा चयनित उम्मीदवार दलित समुदाय से है और दोनों का संबंध बिहार से है। एनडीए के उम्मीदवार रामनाथ कोविंद की कर्मभूमि बिहार रही है तो विरोधी दलों की उम्मीदवार मीरा कुमार का जन्म बिहार में हुआ है। एक ओर कोविंद जी जहां बिहार के राज्यपाल रहे हैं, वहीं मीरा इस प्रदेश की बेटी हैं। यह तो तय हो चुका है कि राष्ट्रपति जो भी बने उसका सीधा संबंध बिहार और दलित समाज से रहेगा।

इस बारे में कोई दो राय नहीं है कि वर्तमान में सत्तारुढ़ दल बहुत मजबूत स्थिति में है बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जी भी राष्ट्रपति चुनाव में केंद्र की बीजेपी नेतृत्व वाली एनडीए सरकार के साथ खड़े है। इससे सत्तारुढ़ दल के फैसले को ओर बल मिल गया है। इसके विपरीत सारे विरोधी दल खुलकर इसके विरोध में एकजुट हो रहे है और इसे बीजेपी के "दलित वोटर कार्ड" की संज्ञा दे रहे हैं, वही दूसरी ओर बीजेपी ने अपने इस एक फैसले से अपने सारे विरोधियों को चारों खाने चित कर दिया है। एक हिसाब से देखा जाए तो यह बीजेपी सरकार का साल 2019 के लोकसभा चुनाव का पहला दाव भी कहा जा सकता है। पीएम मोदी को साल 2014 की तरह 2019 में भी अगर प्रचंड बहुमत लाना है तो दलितों को अपने खेमे में शामिल करना ही होगा। आज की राजनीति और समय की यही मांग है। रामनाथ कोविंद का नाम अचानक चर्चा में आया और छा गया। आज के अखबारों और न्यूज चैनलों की सुर्खियां रामनाथ कोविंद जी के नाम के पक्ष और कुछ आलोचनाओं से रंगी हुई है। ज्योतिष के माध्यम से जाने की रामनाथ कोविंद जी की जन्मकुंडली में ऐसे कौन से योग थे, जिन्होंने ने रामनाथ जी को विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र के सबसे बड़े पद का उम्मीदवार बनाया और निश्चित रुप से उम्मीदवारी जीतने के प्रबल योग भी बनाए।

ज्योतिषीय चर्चा करने से पूर्व हम संभावित राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद जी का एक छोटा परिचय यहां दे देना आवश्यक समझते हैं। रामनाथ जी राष्ट्रपति पद के लिए अपना नाम घोषित होने से पूर्व तक बिहार के राज्यपाल रहे थें। वे मूल रुप से उत्तर प्रदेश के कानपुर के रहने वाले और दलित समाज से आते हैं। रामनाथ कोविंद को वकालत का लंबा अनुभव है। वे सुप्रीम कोर्ट और दिल्ली हाईकोर्ट में 16 साल तक वकालत कर चुके हैं। साथ ही रामनाथ कोविंद जी यूपी से दो बार साल 1994-2000 और साल 2000-2006 के दौरान राज्यसभा सांसद रह चुके हैं।

रामनाथ कोविंद जी - कुंडली विश्लेषण

Ramnath Kovind

रामनाथ जी की कुंडली तुला लग्न, कर्क राशि की हैं। स्वनक्षत्र का लग्नेश शुक्र एकादश भाव में स्थित है। लग्नेश आय भाव में व्यक्ति को महत्वाकांक्षी बनाता है। राहू से केतु के मध्य सभी ग्रह स्थित होकर शंखनाद कालसर्प योग का निर्माण कर रहे हैं। कालसर्प योग के बारे में सर्वविदित है कि ऐसा व्यक्ति अपने कर्मों से जीवन में ऐसी सफलता, सम्मान और पद प्राप्त करता है कि उसकी पिछली सात पूर्वजों का नाम रोशन होता है। विशेष बात यह है कि यह योग नवम (त्रिकोण) भाव में है, और राहू यहां उच्चस्थ है। ऐसी स्थिति में नवमेश बुध के फल राहू ही देंगे। नवमेश बुध का भी उच्चस्थ होना, सोने पर सुहागा की कहावत को चरितार्थ कर रहा है। इसलिए इनके जीवन में प्राप्त होने वाली सफलता में राहू की भूमिका अहम रहने वाली हैं।

कर्मेश चंद्र स्वराशि के है और कर्मभाव में योगकारक ग्रह शनि से युति संबंध में हैं। चतुर्थ भाव पर चतुर्थेश शनि और चंद्र की दृष्टि ने इन्हें समाज सेवा, गरीब वर्ग और दलितों के उत्थान के लिए कार्य करने के लिए प्रेरित किया। परन्तु मंगल की दृष्टि ने इन्हें घर से दूर भी रखा। आयेश सूर्य विदेश भाव में स्थित है। द्वादेश का उच्चस्थ होकर आयेश के साथ होना इन्हें दूरस्थ स्थानों से आय प्राप्ति के योग दे रह है। वर्तमान में इनकी राहू//गुरु/शुक्र की दशा प्रभावी है। महादशानाथ राहू नवम भाव में उच्चस्थ है। अंतर्दशानाथ गुरु आयेश बुध के साथ है, और प्रत्यंतर दशानाथ शुक्र लग्नेश इस कुंडली में प्रबल होकर स्थित है। कालसर्प योग के निर्माता ग्रह राहू की उच्चस्थ स्थिति और वर्तमान में राहू की महादशा के प्रभावी होने के कारण इन्हें भारत के संभावित राष्ट्रपति पद का उम्मीदवार होने का सम्मान प्राप्त हुआ।

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